फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   SBI Deputy Managers Cash Removed

एसबीआई के उप प्रबंधक कैश हटाए गए

Tue, 11 Apr 2017 01:08 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Tue, 11 Apr 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
SBI Deputy Managers Cash Removed
SBI Deputy Managers Cash Removed - फोटो : बरेली, अमर उजाला
नोट बंदी अवधि में मिलीभगत से काला धन खपाने के लिए फर्जी नए खाते खोलने, जनधन खातों में लाखों रुपये जमा करने  और  चहेतों के पुराने नोट बदलने आदि आरोप में सीबीआई की ओर से मामला दर्ज होने के बाद  भारतीय स्टेट बैंक चेयरमैन कार्यालय से लेकर नीचे तक हड़कंप मचा हुआ है। बरेली जोन कार्यालय ने आनन फानन में स्थानीय जांच टीम गठित कर दी है। सोमवार देर शाम प्रबंधन ने मेन ब्रांच के  चेस्ट प्रभारी को हटा दिया गया है। बताया जाता है कि ब्रांच के एजीएम समेत कई पर गाज गिर सकती है।
विज्ञापन

दो से चार जनवरी तक सीबीआई इंस्पेक्टर अखिलेश त्रिपाठी ने संयुक्त जांच दल के साथ सिविल लाइंस स्थित एसबीआई मेन ब्रांच में नोट बंदी अवधि में खोले खाते, निकासी, जमा राशि और नोट बदली का रिकार्ड खंगाला। तीन दिनों में सीबीआई टीम ने कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ी थी। चेस्ट रजिस्टर में कटिंग आदि भी मिली। टीम ने बैंक से संदिग्ध अभिलेख जब्त कर तीन माह तक पड़ताल की। इंसपेक्टर त्रिपाठी ने सात अप्रैल को लखनऊ सीबीआई थाना में मामला दर्ज कराया। एसपी प्रवण कुमार ने मामला दर्ज कर जांच संजय मिश्रा को सौंपी है। मिश्रा जल्द ही विवेचना करने ब्रांच आएंगे। 
विज्ञापन


जांच दल बना
मामला दर्ज होते ही सोमवार सुबह से देर शाम तक चेयरमैन कार्यालय से फोन घनघनाते रहे। बरेली परिक्षेत्र डीजीएम सुनील कुमार वढ़ेरा ने मेन ब्रांच में सतर्कता बढ़ाते हुए स्थानीय जांच दल गठित कर दिया है, ब्रांच में इंगित की गयी खामियों को जांच दल दूर कराएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैश रजिस्टर में कटिंग, उप प्रबंधक पर गाज
मेन ब्रांच चेस्ट प्रभारी उप प्रबंधक (कैश) राजेंद्र कुमार पर देर शाम गिर गयी। बताया जाता है कि उप प्रबंधक आदतन रजिस्टर में कटिंग करते रहे हैं। सीबीआई दल ने नोट बंदी अवधि में नयी करेंसी निकासी और प्रतिबंधित नोट जमा होने के आंकड़ों में कटिंग पर एतराज किया था। 

एजीएम समेत कई निशाने पर
सीबीआई में मामला दर्ज होने के बाद पहली गाज उप प्रबंधक (कैश) पर गिरी है। बताया जाता है कि मेन ब्रांच में एजीएम पद पर सोनाली पुरोहित तैनात हैं। पुरोहित ने कभी भी कैश रजिस्टर पर होने वाली कटिंग आदि पर एतराज नहीं किया। इससे कुप्रबंधन और लापरवाही बढ़ती रही। ब्र्रांच में प्रतिबंधित 1000 और  500 नोट जमा करने में भी लापरवाही हुई। करेंसी निकासी और जमा राशि के  लिए भरी जानी वाली तमाम स्लिप भी नोट बंदी में इधर उधर हो गयी हैं। इसलिए एजीएम समेत कुछ अन्य पर भी गाज गिर सकती है।

साजिश की संभावना
सोमवार सुबह ब्रांच खुलते ही दिन भर सीबीआई मामला छाया रहा। बैंक कर्मचारियों ने इसके पीछे साजिश बताया है। एसबीआई स्टाफ यूनियन ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। हालांकि यूपी इंपलाइज यूनियन जिला शाखा सचिव दिनेश सक्सेना ने कहा कि  निजी बैंकों में जमकर नोट बदली में मनमानी हुई, लेकिन किसी भी जांच एजेंसी ने संज्ञान तक नहीं लिया। सक्सेना ने कहा कि सीबीआई कार्रवाई से बैंक कर्मियों का मनोबल गिरेगा।


चेयरमैन ने मांगी जानकारी, रिकार्ड सही करने में लगा प्रबंधन
एसबीआई चेयरमैन और लखनऊ कार्यालय सीबीआई कार्यालय सकते में है। दोनों कार्यालय ने मेन ब्रांच से संबंधित जानकारी मांगी है। प्रबंधन ने सीबीआई द्वारा चिह्नित खातों में लगी आईडी आदि चेक कराना शुरू कर दिया है। लेकिन बैंक स्लिप नहीं मिल पा रही हैं। प्रबंधन ने बताया कि नोट बंदी में स्वाभाविक ग्रोथ हुई है। अक्टूबर में करीब 730, नवंबर में 752 और दिसंबर में 777 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जबकि 65 जनधन में करीब 15 लाख रुपये जमा किए गए। डीजीएम ने कहा है कि प्रबंधन सीबीआई कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed