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Sawan Shivratri 2024: हर्षण योग में सावन की शिवरात्रि आज, जानिए पूजन और जलाभिषेक की विधि
Fri, 02 Aug 2024 08:19 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 02 Aug 2024 08:19 AM IST
सार
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक सावन की शिवरात्रि का महत्व भी महाशिवरात्रि के समान ही होता है। इस दिन अलग-अलग प्रकार से शिवार्चन करने से लोगों के विविध मनोरथ पूर्ण होंगे।
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Sawan Shivratri 2024
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज सावन की शिवरात्रि है। ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर हर्षण योग के साथ त्रयोदशी व चतुर्दशी तिथियों का भी संयोग है। महादेव के जलाभिषेक से त्रिविध तापों का नाश होगा। सावन की शिवरात्रि का महत्व भी महाशिवरात्रि के समान ही होता है। इस दिन अलग-अलग प्रकार से शिवार्चन करने से लोगों के विविध मनोरथ पूर्ण होंगे।
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ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस बार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत दो अगस्त को दोपहर 3:26 बजे से हो रही है। इस तिथि का समापन तीन अगस्त को दोपहर 3:50 बजे होगा। मासिक शिवरात्रि की पूजा निशा काल में करने का विधान है। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत दो अगस्त शुक्रवार को ही किया जाएगा।
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पूजन विधि
सावन की शिवरात्रि पर सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर पीले या सफेद रंग का वस्त्र धारण करें। पूजा के स्थान पर भगवान शिव, देवी पार्वती, गजानन, कार्तिकेय और नंदी का आवाहन कर उनकी पूजा करें। शिव परिवार को पंचामृत से स्नान कराने के बाद बेल पत्र, फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य और इत्र अर्पित करें। इस दिन शिवाष्टक का पाठ अवश्य करना चाहिए। आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
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इन चीजों से करें अभिषेक
धन की प्राप्ति के लिए : दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। इसके बाद जल धारा अर्पित करें। इसके बाद धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
संतान प्राप्ति के लिए : शिवलिंग पर घी अर्पित करें। इसके बाद जल की धारा अर्पित कर संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
विवाह के लिए : शिवलिंग पर 108 बेल पत्र अर्पित करें। हर बेल पत्र के साथ ''नमः शिवाय'' का उच्चारण करें।
धन की प्राप्ति के लिए : दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। इसके बाद जल धारा अर्पित करें। इसके बाद धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
संतान प्राप्ति के लिए : शिवलिंग पर घी अर्पित करें। इसके बाद जल की धारा अर्पित कर संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
विवाह के लिए : शिवलिंग पर 108 बेल पत्र अर्पित करें। हर बेल पत्र के साथ ''नमः शिवाय'' का उच्चारण करें।