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Bareilly News: आसमान में सारंग की कलाबाजियों ने बिखेरा रोमांच
Thu, 15 Oct 2026 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:49 AM IST
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बरेली। त्रिशूल एयरबेस में बुधवार को वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एयर शो में सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने आसमान में एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। करीब 15 मिनट तक फॉर्मेशन और एरोबैटिक युद्धाभ्यास प्रदर्शन किया।
एयर शो में पांच हेलिकॉप्टरों की टीम के आपसी सामंजस्य और पल भर में एक दूसरे के बेहद करीब से गुजरने की कलाबाजियां देख दर्शक दांतों तले अंगुली दबाने पर विवश रहे। इस दौरान शहर के कई स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक और शहर के प्रमुख लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद सारंग-3 के कॉकपिट कैप्टन स्क्वाड्रन लीडर गोकुल ने बताया कि टीम का काम सिर्फ हवाई करतब दिखाना नहीं है। बल्कि भारतीय वायुसेना की टीम तटरक्षक बल के साथ अभ्यास करने के अलावा आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों में भी भाग लेती है। टीम हर मोर्चे पर डटी रहती है।
बताया कि बीते दिनों केरल की बाढ़, वायनाड में राहत कार्य और तेनी के जंगलों में लगी आग के दौरान भी टीम ने अभियान में हिस्सा लिया है।
हेलिकॉप्टरों की जुगलबंदी और करतब ने भरा जोश
स्क्वॉड्रन लीटर अंकिता ने ने बताया कि प्रदर्शन में एरोहेड फॉर्मेशन के तहत पांच हेलिकॉप्टर तीर की आकृति में उड़ान भरते हैं। इंडिया फॉर्मेशन में सभी हेलिकॉप्टर अंग्रेजी के अक्षर ''''आई'''' की तरह एक सीध में रहते हैं, जबकि डायमंड फॉर्मेशन में चार हेलिकॉप्टर हीरे की आकृति बनाते हैं और पांचवां उनके बीच में रहता है। डॉल्फिन लीप में तीन हेलिकॉप्टरों का ऊपर उठना फिर नीचे की ओर गोता लगाते हुए करतब दिखाना दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा।
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जमीन से 50 से 150 मीटर ऊंचाई तक भरते हैं उड़ान
स्क्वाड्रन लीडर गोकुल के अनुसार, करतबों को जमीन से साफ तौर पर दर्शकों को दिखाने के लिए हेलिकॉप्टरों को सामान्य तौर पर करीब 50 से 150 मीटर की ऊंचाई के बीच रखा जाता है। टीम के प्रत्येक हेलिकॉप्टर में एक कैप्टन होता है, जबकि अन्य पायलट प्रदर्शन के दौरान कमेंट्री के जरिये दर्शकों को करतबों की जानकारी देते हैं। टीम में सीनियर टेक्नीकल ऑफिसर विंग कमांडर प्रियांशु, टीम कमेंट्रेटर फ्लाइट लेफ्टीनेंट अमन ढाका शामिल रहे।
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एयर शो में पांच हेलिकॉप्टरों की टीम के आपसी सामंजस्य और पल भर में एक दूसरे के बेहद करीब से गुजरने की कलाबाजियां देख दर्शक दांतों तले अंगुली दबाने पर विवश रहे। इस दौरान शहर के कई स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक और शहर के प्रमुख लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद सारंग-3 के कॉकपिट कैप्टन स्क्वाड्रन लीडर गोकुल ने बताया कि टीम का काम सिर्फ हवाई करतब दिखाना नहीं है। बल्कि भारतीय वायुसेना की टीम तटरक्षक बल के साथ अभ्यास करने के अलावा आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों में भी भाग लेती है। टीम हर मोर्चे पर डटी रहती है।
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बताया कि बीते दिनों केरल की बाढ़, वायनाड में राहत कार्य और तेनी के जंगलों में लगी आग के दौरान भी टीम ने अभियान में हिस्सा लिया है।
हेलिकॉप्टरों की जुगलबंदी और करतब ने भरा जोश
स्क्वॉड्रन लीटर अंकिता ने ने बताया कि प्रदर्शन में एरोहेड फॉर्मेशन के तहत पांच हेलिकॉप्टर तीर की आकृति में उड़ान भरते हैं। इंडिया फॉर्मेशन में सभी हेलिकॉप्टर अंग्रेजी के अक्षर ''''आई'''' की तरह एक सीध में रहते हैं, जबकि डायमंड फॉर्मेशन में चार हेलिकॉप्टर हीरे की आकृति बनाते हैं और पांचवां उनके बीच में रहता है। डॉल्फिन लीप में तीन हेलिकॉप्टरों का ऊपर उठना फिर नीचे की ओर गोता लगाते हुए करतब दिखाना दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा।
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जमीन से 50 से 150 मीटर ऊंचाई तक भरते हैं उड़ान
स्क्वाड्रन लीडर गोकुल के अनुसार, करतबों को जमीन से साफ तौर पर दर्शकों को दिखाने के लिए हेलिकॉप्टरों को सामान्य तौर पर करीब 50 से 150 मीटर की ऊंचाई के बीच रखा जाता है। टीम के प्रत्येक हेलिकॉप्टर में एक कैप्टन होता है, जबकि अन्य पायलट प्रदर्शन के दौरान कमेंट्री के जरिये दर्शकों को करतबों की जानकारी देते हैं। टीम में सीनियर टेक्नीकल ऑफिसर विंग कमांडर प्रियांशु, टीम कमेंट्रेटर फ्लाइट लेफ्टीनेंट अमन ढाका शामिल रहे।