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तीन महीने में भी नहीं हुआ सत्यापन अटका नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन
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प्रदर्शन करते नवनियुक्त शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
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बरेली। तैनाती के तीन महीने बाद भी सत्यापन न होने से नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन जारी नहीं हो सका है और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
यूटा केजिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को तमाम नवनियुक्त शिक्षक ज्ञापन देने बीएसए कार्यालय पहुंचे। भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 16 अक्तूबर को 648 नवनियुक्त शिक्षकों को जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनाती दी गई है लेकिन अब तक इन्हें वेतन नहीं मिला है। इस संबंध में वह पूर्व में भी दो बार ज्ञापन दे चुके हैं जबकि कई जिलों में शिक्षामित्र से शिक्षक बनेे अध्यापकों को पूर्व सत्यापन के आधार पर ही दिसंबर में ही वेतन जारी करने का आदेश हो चुका है। उन्होंने एक सप्ताह में वेतन सूची जारी न होने पर डीएम को अवगत कराने की बात कही है। वहीं, नवनियुक्त शिक्षकों का कहना था कि उनमें से ज्यादातर को 70-100 किलोमीटर दूर तैनाती दी गई है। ऐसे में वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जिन शिक्षकों के दस्तावेज ऑनलाइन सत्यापित हो चुके हैं, उनकी वेतन सूची भी जारी होनी चाहिए। इस मौके पर हेमंत कुमार, विनोद कुमार, जितेंद्र पाल, धर्मवीर मौर्य, धनपाल राजपूत, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
यूटा केजिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को तमाम नवनियुक्त शिक्षक ज्ञापन देने बीएसए कार्यालय पहुंचे। भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 16 अक्तूबर को 648 नवनियुक्त शिक्षकों को जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनाती दी गई है लेकिन अब तक इन्हें वेतन नहीं मिला है। इस संबंध में वह पूर्व में भी दो बार ज्ञापन दे चुके हैं जबकि कई जिलों में शिक्षामित्र से शिक्षक बनेे अध्यापकों को पूर्व सत्यापन के आधार पर ही दिसंबर में ही वेतन जारी करने का आदेश हो चुका है। उन्होंने एक सप्ताह में वेतन सूची जारी न होने पर डीएम को अवगत कराने की बात कही है। वहीं, नवनियुक्त शिक्षकों का कहना था कि उनमें से ज्यादातर को 70-100 किलोमीटर दूर तैनाती दी गई है। ऐसे में वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जिन शिक्षकों के दस्तावेज ऑनलाइन सत्यापित हो चुके हैं, उनकी वेतन सूची भी जारी होनी चाहिए। इस मौके पर हेमंत कुमार, विनोद कुमार, जितेंद्र पाल, धर्मवीर मौर्य, धनपाल राजपूत, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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