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साहब राइट टाइम, बाबू जी की तबियत खराब
बरेली।
Updated Tue, 02 May 2017 01:01 AM IST
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Sahr right time, babu Gee health is bad
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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दिन-सोमवार। समय- सुबह नौ बजे। स्थान- कलक्ट्रेट सभागार।
डीएम पिंकी जोवेल 8.45 बजे पर ही दफ्तर पहुंच गईं। एडीएम सिटी आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन एसपी सिंह भी नौ बजे दफ्तर में थे। एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार भी डीएम के दफ्तर में मौजूद मिले। सिटी मजिस्ट्रेट मनोज, अभिहित अधिकारी ममता कुमारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी नीता अहिरवार नौ बजे दफ्तर नहीं पहुंचीं। वहीं, बाबुओं की उपस्थिति बेहद कम थी।
विकास भवन में प्रभारी सीडीओ राम रक्षपाल नौ बजे अपने कक्ष में फाइलें मंगा रहे थे, मगर उनके स्टेनो ज्ञानेंद्र शर्मा गायब थे। दूसरे कर्मचारी ने फाइल लाकर दी। डीडीओ दफ्तर में प्रशासनिक अधिकारी अतुल सक्सेना, बिल लिपिक मनोज स्वरूप, ओम कुमारी, रुचि सक्सेना, हरीश गंगवार, पवन कुमार, श्रीराम शर्मा, बीमा सक्सेना के अलावा चतुर्थ श्रेणी मंजू, छत्रपाल, विक्रम 9.30 बजे के बाद तक दफ्तर से नदारद थे। डीआरडीए कक्ष में परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र के अलावा पंचायत राज, पशुपालन, सहकारिता, समाज कल्याण विभागों के अफसर सुबह नौ बजे अपने कक्ष में मुस्तैद थे, लेकिन उनका स्टाफ दस बजे के बाद ही दफ्तर पहुंचा। पहले दिन फरियादी कोई नहीं दिखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिदिन सुबह नौ से 11 बजे तक दफ्तर में रहकर शिकायतें सुनने की हिदायत का अफसरों पर असर देखने के लिए अमर उजाला ने कलक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस समेत अन्य विभागों में जाकर पड़ताल की। सीएम के आदेश का अफसरों पर तो असर दिख रहा था, लेकिन पटल सहायक और बाबू अपना ढर्रा बदलने को तैयार नहीं लगे। पशुपालन में सीवीओ डॉ. विनोद कुमार, युवा कल्याण अधिकारी विवेक चंद्र श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी एसके राय, डीपीआरओ विनय कुमार, डीपीओ बुद्धि मिश्रा सुबह नौ बजे अपने दफ्तर में काम करते दिखीं। कृषि विभाग में जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज यादव और उनके वरिष्ठ सहायक अमित कुमार वर्मा जनसूचना अधिकार की सुनवाई के लिए लखनऊ गए बताए गए। पंचायत राज विभाग में हिमानी सक्सेना और कृषि विभाग में राजीव अनुपस्थित थे। रामाऔतार सिंह ने डीपीआरओ से उल्टी दस्त आने की सूचना देकर सुबह नौ बजे आने से कन्नी काट ली। आरईएस में एक्सईएन मोहम्मद अकरम सीट पर नहीं थे। एई एसके मौर्य ने बताया कि वह साइड पर हैं। उनके स्टाफ के कर्मचारी भी नदारद दिखे।
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सबको सुबह नौ बजे दफ्तर आने के आदेश हैं। इसका पालन हर अधिकारी और कर्मचारी को करना है। जो समय पर नहीं आएगा, उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-पिंकी जोवेल, जिलाधिकारी
अफसर तो दफ्तर पहुंच गए, फरियादी नदारद
महीना और सप्ताह का पहले दिन सुबह नौ से 11 बजे तक जनता सीधे जुड़े विभागों का लाइव किया गया। बिजली और आपूर्ति विभाग में अधिकारी तो समय से कार्यालयों में पहुंच गए, लेकिन फरियादी दूर तक नजर नहीं आए। डीएसओ कार्यालय में सुबह 11 बजे बाद ही लोगों का पहुंचना शुरू हुआ।
विद्युत कार्यालय
समय: 9.10 बजे सुबह
जोनल चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल अपने कार्यालय में मौजूद था। एक भी शिकायतकर्ता नहीं आया। चीफ ने एसई मनोज पाठक और तारिक वारसी की उपस्थित बेसिक फोन से चेक की। सभी अधिशासी अभियंताओं से चेकिंग अभियान और नए कनेक्शनों की प्रगति जानी और जरूरी निर्देश दिए। एसई शहर और ग्रामीण कार्यालयों में उपस्थित थे, लेकिन जनता नदारद थी। रामपुर बाग स्थित एसई शहर कार्यालय के सामने उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम कार्यालय गेट पर 10.30 बजे तक ताला लगा रहा।
डीएसओ कार्यालय
समय: 9.25 बजे सुबह
डीएसओ केएल तिवारी सहयोगी कार्यालय कर्मी सौरभ कुमार और आशीष कुमार के साथ राशन वितरण आदि समस्याएं सुनने के लिए बैठे थे। सवा दस बजे दो फरियादी समस्या लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक बना नहीं है। इस बीच डीएम कार्यालय से बुलावा आ गया और तिवारी चले गए, इसके बाद फिर से कार्यालय आ गए।
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डीएम पिंकी जोवेल 8.45 बजे पर ही दफ्तर पहुंच गईं। एडीएम सिटी आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन एसपी सिंह भी नौ बजे दफ्तर में थे। एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार भी डीएम के दफ्तर में मौजूद मिले। सिटी मजिस्ट्रेट मनोज, अभिहित अधिकारी ममता कुमारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी नीता अहिरवार नौ बजे दफ्तर नहीं पहुंचीं। वहीं, बाबुओं की उपस्थिति बेहद कम थी।
विकास भवन में प्रभारी सीडीओ राम रक्षपाल नौ बजे अपने कक्ष में फाइलें मंगा रहे थे, मगर उनके स्टेनो ज्ञानेंद्र शर्मा गायब थे। दूसरे कर्मचारी ने फाइल लाकर दी। डीडीओ दफ्तर में प्रशासनिक अधिकारी अतुल सक्सेना, बिल लिपिक मनोज स्वरूप, ओम कुमारी, रुचि सक्सेना, हरीश गंगवार, पवन कुमार, श्रीराम शर्मा, बीमा सक्सेना के अलावा चतुर्थ श्रेणी मंजू, छत्रपाल, विक्रम 9.30 बजे के बाद तक दफ्तर से नदारद थे। डीआरडीए कक्ष में परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र के अलावा पंचायत राज, पशुपालन, सहकारिता, समाज कल्याण विभागों के अफसर सुबह नौ बजे अपने कक्ष में मुस्तैद थे, लेकिन उनका स्टाफ दस बजे के बाद ही दफ्तर पहुंचा। पहले दिन फरियादी कोई नहीं दिखा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिदिन सुबह नौ से 11 बजे तक दफ्तर में रहकर शिकायतें सुनने की हिदायत का अफसरों पर असर देखने के लिए अमर उजाला ने कलक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस समेत अन्य विभागों में जाकर पड़ताल की। सीएम के आदेश का अफसरों पर तो असर दिख रहा था, लेकिन पटल सहायक और बाबू अपना ढर्रा बदलने को तैयार नहीं लगे। पशुपालन में सीवीओ डॉ. विनोद कुमार, युवा कल्याण अधिकारी विवेक चंद्र श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी एसके राय, डीपीआरओ विनय कुमार, डीपीओ बुद्धि मिश्रा सुबह नौ बजे अपने दफ्तर में काम करते दिखीं। कृषि विभाग में जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज यादव और उनके वरिष्ठ सहायक अमित कुमार वर्मा जनसूचना अधिकार की सुनवाई के लिए लखनऊ गए बताए गए। पंचायत राज विभाग में हिमानी सक्सेना और कृषि विभाग में राजीव अनुपस्थित थे। रामाऔतार सिंह ने डीपीआरओ से उल्टी दस्त आने की सूचना देकर सुबह नौ बजे आने से कन्नी काट ली। आरईएस में एक्सईएन मोहम्मद अकरम सीट पर नहीं थे। एई एसके मौर्य ने बताया कि वह साइड पर हैं। उनके स्टाफ के कर्मचारी भी नदारद दिखे।
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सबको सुबह नौ बजे दफ्तर आने के आदेश हैं। इसका पालन हर अधिकारी और कर्मचारी को करना है। जो समय पर नहीं आएगा, उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-पिंकी जोवेल, जिलाधिकारी
अफसर तो दफ्तर पहुंच गए, फरियादी नदारद
महीना और सप्ताह का पहले दिन सुबह नौ से 11 बजे तक जनता सीधे जुड़े विभागों का लाइव किया गया। बिजली और आपूर्ति विभाग में अधिकारी तो समय से कार्यालयों में पहुंच गए, लेकिन फरियादी दूर तक नजर नहीं आए। डीएसओ कार्यालय में सुबह 11 बजे बाद ही लोगों का पहुंचना शुरू हुआ।
विद्युत कार्यालय
समय: 9.10 बजे सुबह
जोनल चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल अपने कार्यालय में मौजूद था। एक भी शिकायतकर्ता नहीं आया। चीफ ने एसई मनोज पाठक और तारिक वारसी की उपस्थित बेसिक फोन से चेक की। सभी अधिशासी अभियंताओं से चेकिंग अभियान और नए कनेक्शनों की प्रगति जानी और जरूरी निर्देश दिए। एसई शहर और ग्रामीण कार्यालयों में उपस्थित थे, लेकिन जनता नदारद थी। रामपुर बाग स्थित एसई शहर कार्यालय के सामने उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम कार्यालय गेट पर 10.30 बजे तक ताला लगा रहा।
डीएसओ कार्यालय
समय: 9.25 बजे सुबह
डीएसओ केएल तिवारी सहयोगी कार्यालय कर्मी सौरभ कुमार और आशीष कुमार के साथ राशन वितरण आदि समस्याएं सुनने के लिए बैठे थे। सवा दस बजे दो फरियादी समस्या लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक बना नहीं है। इस बीच डीएम कार्यालय से बुलावा आ गया और तिवारी चले गए, इसके बाद फिर से कार्यालय आ गए।