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Bareilly News: मैच के दौरान दोस्ती, नशेड़ी गिरोह के चंगुल में फंसा था सागर
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बरेली। माता-पिता की निगरानी से दूर युवा पीढ़ी किस तरह नशे के दलदल में फंस रही है, अभिनेत्री सपना के पुत्र सागर की मौत इसका ताजा उदाहरण है। सागर नशेड़ी गैंग के चंगुल में फंस गया था और उसे बिगाड़ने वाले दोस्त ही उसे मौत के मुंह में धकेलकर चले आए।
सपना सिंह मूल रूप से रसूला गांव की ही निवासी हैं। मायके के अधिकांश लोग अब बरेली में रह रहे हैं। उनकी शादी क्षेत्र के ही गांव गोमिदपुर तुमड़िया निवासी रवि गंगवार से हुई थी।
सागर इसी दंपती का पुत्र था। हालांकि सपना का कुछ साल बाद ही पति से अलगाव हो गया। सागर कभी मुंबई में मां के पास तो कभी पढ़ाई के चक्कर में ननिहाल बरेली में रहता था। यहां भी सपना खर्चे के लिए अलग से भी रुपये भेजती रहती थीं।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक माता-पिता से दूरी और ननिहाल के लाड़ से सागर गलत संगत में पड़ गया था। वह क्रिकेट खेलने का शौकीन था। इसी शौक में उसकी दोस्ती अर्जुन और सनी से हुई।
अर्जुन के पिता मुरादाबाद में आर्म्ड पुलिस के हेड कांस्टेबल हैं तो सनी के पिता बरेली में ही सिक्योरिटी गार्ड हैं। ये दोनों लड़के काफी बिगड़े हुए हैं और ड्रग्स लेते हैं। सूत्रों की मानें तो इन दोनों ने पहले सागर को अपना खर्चा करके नशे की लत लगाई और अब उसी का रुपया खर्च करा रहे थे।
दोनों स्नातक के विद्यार्थी हैं सागर नाबालिग ही था। दोनों ही उसे मुसीबत में छोड़कर चले आए और उसकी जान चली गई। ब्यूरो
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सपना सिंह मूल रूप से रसूला गांव की ही निवासी हैं। मायके के अधिकांश लोग अब बरेली में रह रहे हैं। उनकी शादी क्षेत्र के ही गांव गोमिदपुर तुमड़िया निवासी रवि गंगवार से हुई थी।
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सागर इसी दंपती का पुत्र था। हालांकि सपना का कुछ साल बाद ही पति से अलगाव हो गया। सागर कभी मुंबई में मां के पास तो कभी पढ़ाई के चक्कर में ननिहाल बरेली में रहता था। यहां भी सपना खर्चे के लिए अलग से भी रुपये भेजती रहती थीं।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक माता-पिता से दूरी और ननिहाल के लाड़ से सागर गलत संगत में पड़ गया था। वह क्रिकेट खेलने का शौकीन था। इसी शौक में उसकी दोस्ती अर्जुन और सनी से हुई।
अर्जुन के पिता मुरादाबाद में आर्म्ड पुलिस के हेड कांस्टेबल हैं तो सनी के पिता बरेली में ही सिक्योरिटी गार्ड हैं। ये दोनों लड़के काफी बिगड़े हुए हैं और ड्रग्स लेते हैं। सूत्रों की मानें तो इन दोनों ने पहले सागर को अपना खर्चा करके नशे की लत लगाई और अब उसी का रुपया खर्च करा रहे थे।
दोनों स्नातक के विद्यार्थी हैं सागर नाबालिग ही था। दोनों ही उसे मुसीबत में छोड़कर चले आए और उसकी जान चली गई। ब्यूरो