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Bareilly News: कुतुबखाना पुल पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी, मजदूर के पैर पर गिरा ट्राॅली का कुंडा
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बरेली। कुतुबखाना पुल निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही से अब तक एक मजदूर और राहगीर की जान चुकी है। अब पैर पर ट्रॉली का कुंडा गिरने से मजदूर घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से उसको छुट्टी दे दी गई।
111 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कुतुबखाना पुल का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों में लापरवाही की वजह से सितंबर में पहले मजदूर और फिर 20 दिन के भीतर ही एक राहगीर की जान चली गई थी। अब घंटाघर से कोहाड़ापीर की ओर पिलर के लिए खोदाई हो रही है। बुधवार सुबह 11:30 बजे दो मजदूर ट्राॅली के कुंडे को ट्रैक्टर में फंसा रहे थे। ट्रैक्टर आगे बढ़ गया तो ट्राॅली का कुंडा नवदिया कला निवासी मजदूर जितेंद्र के पैर पर गिर गया। आसपास काम कर रहे दूसरे मजदूरों ने दौड़कर उसे उठाया और जिला अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मजदूरों के शिविर में भेज दिया गया।
आसपास के दुकानदारों का आरोप है कि खोदाई का कार्य धीमा तो चल ही रहा है, सुरक्षा मानकों से भी खिलवाड़ हो रहा है। अगर अधिकारी सुरक्षा उपायों के प्रति गंभीर होते तो एक के बाद एक हादसे न होते। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने कार्यदायी संस्था मंटेंना इंफ्रासोल के अधिकारियों से जानकारी मांगी है। साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। खुद मौके का निरीक्षण करने की बात कही है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एमके सिंह ने बताया कि मजदूर बूट पहने था। मामूली चोट लगी है, प्राथमिक उपचार के बाद वह आराम कर रहा है।
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वर्जन
सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी फर्म की है। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। -निधि गुप्ता वत्स, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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111 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कुतुबखाना पुल का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों में लापरवाही की वजह से सितंबर में पहले मजदूर और फिर 20 दिन के भीतर ही एक राहगीर की जान चली गई थी। अब घंटाघर से कोहाड़ापीर की ओर पिलर के लिए खोदाई हो रही है। बुधवार सुबह 11:30 बजे दो मजदूर ट्राॅली के कुंडे को ट्रैक्टर में फंसा रहे थे। ट्रैक्टर आगे बढ़ गया तो ट्राॅली का कुंडा नवदिया कला निवासी मजदूर जितेंद्र के पैर पर गिर गया। आसपास काम कर रहे दूसरे मजदूरों ने दौड़कर उसे उठाया और जिला अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मजदूरों के शिविर में भेज दिया गया।
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आसपास के दुकानदारों का आरोप है कि खोदाई का कार्य धीमा तो चल ही रहा है, सुरक्षा मानकों से भी खिलवाड़ हो रहा है। अगर अधिकारी सुरक्षा उपायों के प्रति गंभीर होते तो एक के बाद एक हादसे न होते। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने कार्यदायी संस्था मंटेंना इंफ्रासोल के अधिकारियों से जानकारी मांगी है। साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। खुद मौके का निरीक्षण करने की बात कही है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एमके सिंह ने बताया कि मजदूर बूट पहने था। मामूली चोट लगी है, प्राथमिक उपचार के बाद वह आराम कर रहा है।
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सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी फर्म की है। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। -निधि गुप्ता वत्स, सीईओ, स्मार्ट सिटी