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Bareilly News: सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी ने आरटीआई के जरिये जीती नामांतरण की लड़ाई
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तीन साल की भागदौड़ और राज्य सूचना आयोग के आदेश के बाद जागा नगर निगम
बरेली। हरियाणा के गुरुग्राम निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हरभजन सिंह (85) ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के जरिये नामांतरण की लड़ाई जीती। सुभाषनगर में उनके ससुर नारायण सिंह का मकान है। उनकी मौत के बाद कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा करके मकान को अपने नाम करा लिया था। सैन्यकर्मी को जानकारी हुई तो उन्होंने नगर निगम से नामांतरण संबंधी अभिलेख मांगे। टालमटोल होने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में दस्तक दी।
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने नगर निगम से जवाब मांगा। तब नगर निगम के अधिकारियों ने नामांतरण कराने वालों को नोटिस जारी किया। फर्जीवाड़ा करने वाले नोटिस का जवाब दाखिल न कर सके तो नगर निगम ने नामांतरण संबंधी पुराने आदेश को निरस्त करते हुए सैन्यकर्मी के ससुर नारायण सिंह के नाम मकान को दर्ज कराया। इसकी प्रतिलिपि राज्य सूचना आयुक्त को भी भेजी गई है। सैन्यकर्मी ने आरटीआई को अन्याय के खिलाफ मजबूत हथियार बताया।
जागरूकता बढ़ाने की है दरकार
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने कहा कि आरटीआई से काॅमन वेल्थ गेम्स से लेकर कई बड़े-बड़े घोटालों का खुलासा हुआ है। सरकार की जिम्मेदारी है कि अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी संवेदनशीलता के बारे में जागरूक करे। लोगों को चाहिए कि वे अपने अधिकार के लिए कानून को अपनाने का तरीका सीखें। ब्यूरो
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बरेली। हरियाणा के गुरुग्राम निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हरभजन सिंह (85) ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के जरिये नामांतरण की लड़ाई जीती। सुभाषनगर में उनके ससुर नारायण सिंह का मकान है। उनकी मौत के बाद कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा करके मकान को अपने नाम करा लिया था। सैन्यकर्मी को जानकारी हुई तो उन्होंने नगर निगम से नामांतरण संबंधी अभिलेख मांगे। टालमटोल होने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में दस्तक दी।
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने नगर निगम से जवाब मांगा। तब नगर निगम के अधिकारियों ने नामांतरण कराने वालों को नोटिस जारी किया। फर्जीवाड़ा करने वाले नोटिस का जवाब दाखिल न कर सके तो नगर निगम ने नामांतरण संबंधी पुराने आदेश को निरस्त करते हुए सैन्यकर्मी के ससुर नारायण सिंह के नाम मकान को दर्ज कराया। इसकी प्रतिलिपि राज्य सूचना आयुक्त को भी भेजी गई है। सैन्यकर्मी ने आरटीआई को अन्याय के खिलाफ मजबूत हथियार बताया।
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जागरूकता बढ़ाने की है दरकार
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने कहा कि आरटीआई से काॅमन वेल्थ गेम्स से लेकर कई बड़े-बड़े घोटालों का खुलासा हुआ है। सरकार की जिम्मेदारी है कि अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी संवेदनशीलता के बारे में जागरूक करे। लोगों को चाहिए कि वे अपने अधिकार के लिए कानून को अपनाने का तरीका सीखें। ब्यूरो
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