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Bareilly News: कृषि विवि जम्मू के सहयोग से पशुओं को रोगमुक्त बनाने पर होगा शोध
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बरेली। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी) जम्मू के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) का भ्रमण किया। पशुओं को रोगमुक्त बनाने के लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों के बीच आपसी सहयोग पर सहमति बनी।
आईवीआरआई के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि पूर्व में संस्थानों के बीच करार हो चुका है, लेकिन अब दायरे का विस्तार कर अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, छात्र व संकाय विनिमय जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। वहीं, डॉ. त्रिपाठी ने पशु शल्य चिकित्सा, नैदानिक विषयों, जैव प्रौद्योगिकी, रोग पहचान, अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास समेत एग्रीबिजनेस प्रबंधन, संकाय विकास, क्षमता निर्माण जैसे विषयों में सहयोग की बात कही।
रोग निदान नेटवर्क, निगरानी, खुरपका जैसे रोगों के लिए वैक्सीन विकास के संयुक्त कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। संकायों की पारस्परिक भागीदारी से शिक्षा में सुधार किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थानों के अधिकारी जल्द संयुक्त बैठक करेंगे। इस दौरान आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ. संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एसके मेंदीरत्ता, स्नातक समन्वयक डॉ. रजत गर्ग, परास्नातक समन्वयक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, पीएमई सेल प्रभारी डॉ. समीर श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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आईवीआरआई के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि पूर्व में संस्थानों के बीच करार हो चुका है, लेकिन अब दायरे का विस्तार कर अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, छात्र व संकाय विनिमय जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। वहीं, डॉ. त्रिपाठी ने पशु शल्य चिकित्सा, नैदानिक विषयों, जैव प्रौद्योगिकी, रोग पहचान, अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास समेत एग्रीबिजनेस प्रबंधन, संकाय विकास, क्षमता निर्माण जैसे विषयों में सहयोग की बात कही।
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रोग निदान नेटवर्क, निगरानी, खुरपका जैसे रोगों के लिए वैक्सीन विकास के संयुक्त कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। संकायों की पारस्परिक भागीदारी से शिक्षा में सुधार किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थानों के अधिकारी जल्द संयुक्त बैठक करेंगे। इस दौरान आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ. संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एसके मेंदीरत्ता, स्नातक समन्वयक डॉ. रजत गर्ग, परास्नातक समन्वयक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, पीएमई सेल प्रभारी डॉ. समीर श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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