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बरेलीः एसटीपी के लिए जमीन न मिलने पर बार-बार सुननी पड़ रही फटकार
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बरेली नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। नमामि गंगा परियोजना के तहत चार जगहों पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने के लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के जो प्रस्ताव शासन को भेजे थे, वे कोई न कोई अड़ंगा लगने की वजह से पास नहीं हो सके। इससे एसटीपी अब तक नहीं लग सका है। इसे लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जल निगम के अफसरों को लगातार फटकार लग रही है। जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने डीएम को अपनी व्यथा सुनाकर शासन को शीघ्र संशोधित प्रस्ताव भेजकर जमीन दिलाने का आग्रह किया है।
नालों का पानी सीधे नदियों में न मिले, इसके लिए शहर में विभिन्न जगहों पर चार एसटीपी लगाए जाने हैैं। चौबारी में एसटीपी लगाने के लिए करीब 0.8 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। यहां सरकारी भूमि न मिल पाने से चौबारी में बरीनगला के पास दो भू-स्वामियों से निजी भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। ये किसान 15 लाख प्रति बीघा के हिसाब से जमीन देने के लिए तैयार भी हो गए हैं। इसके अलावा एयरफोर्स के पास कतारपुर में जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा है। पहले यहां सरकारी भूमि देखी गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि वहां भी खाद के गड्ढे थे जो हस्तांतरणीय नहीं हैं। हालांकि डीएम नितीश कुमार ने लैंड यूज बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। इसी तरह एसटीपी के लिए हरूनगला और तुलाशेरपुर में सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे प्रोजेक्ट लटक गए हैं। जल निगम के एमडी ने डीएम को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा कर रही हैं, लेकिन जमीन न मिल पाने से टेंडर की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हो पा रही है। एसटीपी लगने में देरी को लेकर शासन स्तर से लगातार फटकार लग रही है।
एसटीपी के लिए भूमि अधिग्रहण शीघ्र कराया जाएगा। इसे लेकर जो दिक्कतें सामने आईं हैं, उनका निस्तारण शीघ्र कराने की कोशिश की जा रही है। - मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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नालों का पानी सीधे नदियों में न मिले, इसके लिए शहर में विभिन्न जगहों पर चार एसटीपी लगाए जाने हैैं। चौबारी में एसटीपी लगाने के लिए करीब 0.8 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। यहां सरकारी भूमि न मिल पाने से चौबारी में बरीनगला के पास दो भू-स्वामियों से निजी भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। ये किसान 15 लाख प्रति बीघा के हिसाब से जमीन देने के लिए तैयार भी हो गए हैं। इसके अलावा एयरफोर्स के पास कतारपुर में जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा है। पहले यहां सरकारी भूमि देखी गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि वहां भी खाद के गड्ढे थे जो हस्तांतरणीय नहीं हैं। हालांकि डीएम नितीश कुमार ने लैंड यूज बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। इसी तरह एसटीपी के लिए हरूनगला और तुलाशेरपुर में सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे प्रोजेक्ट लटक गए हैं। जल निगम के एमडी ने डीएम को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा कर रही हैं, लेकिन जमीन न मिल पाने से टेंडर की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हो पा रही है। एसटीपी लगने में देरी को लेकर शासन स्तर से लगातार फटकार लग रही है।
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एसटीपी के लिए भूमि अधिग्रहण शीघ्र कराया जाएगा। इसे लेकर जो दिक्कतें सामने आईं हैं, उनका निस्तारण शीघ्र कराने की कोशिश की जा रही है। - मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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