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श्रीमद्भागवत में गयासुर के प्रसंग में दान का महत्व बताया
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बरेली। श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास जया किशोरी ने माता अनसुइया, शिव पार्वती विवाह का वर्णन, राजा अजमल, चित्रकेतु और नरसिंह भगवान के अवतारों की कथा सुनाई।
श्री राधा रानी सेवा ट्रस्ट के बैनर तले त्रिबटी नाथ मंदिर के प्रांगण में चल रही कथा में 26 जनवरी को वंदेमातरम के जयघोष के साथ बच्चों ने जया किशोरी का स्वागत किया। सोमवार को उन्होंने श्रीमद्भागवत की आरती के साथ कथा की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कई भजन सुनाए। उन्होंने शिक्षा को जरूरी बताते हुए समाज एवं महिलाओं को शिक्षित होने को कहा। उन्होंने गया तीर्थ का महत्व बताते हुए गयासुर के प्रसंग में दान के महत्व को समझाया। कहा, दान देने और अच्छे कर्म करने से स्वर्ग मिलता है। कथा में हिमांशु मिश्रा, विवेक मिश्रा, रामदयाल मोहता, मुख्य संयोजक प्रवीण गोयल, राजेंद्र गुप्ता, पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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श्री राधा रानी सेवा ट्रस्ट के बैनर तले त्रिबटी नाथ मंदिर के प्रांगण में चल रही कथा में 26 जनवरी को वंदेमातरम के जयघोष के साथ बच्चों ने जया किशोरी का स्वागत किया। सोमवार को उन्होंने श्रीमद्भागवत की आरती के साथ कथा की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कई भजन सुनाए। उन्होंने शिक्षा को जरूरी बताते हुए समाज एवं महिलाओं को शिक्षित होने को कहा। उन्होंने गया तीर्थ का महत्व बताते हुए गयासुर के प्रसंग में दान के महत्व को समझाया। कहा, दान देने और अच्छे कर्म करने से स्वर्ग मिलता है। कथा में हिमांशु मिश्रा, विवेक मिश्रा, रामदयाल मोहता, मुख्य संयोजक प्रवीण गोयल, राजेंद्र गुप्ता, पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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