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अष्टमी पर ढोल-नगाड़ों से गूंजा रेलवे मनोरंजन संस्थान पंडाल
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बरेली। रेलवे मनोरंजन संस्थान और दुर्गाबाड़ी में दुर्गा अष्टमी धूमधाम से मनाई गई। बंगाली समाज के लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई दी। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। आनंद धारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में हारमोनियम पर चांद मियां ने संगत देकर समा बांध दिया।
जंक्शन के रेलवे मनोरंजन संस्थान में सुबह 10:15 बजे महाअष्टमी की पूजा शुरू हुई। पुष्पांजलि और प्रसाद ग्रहण के बाद हजारों लोगों ने खिचड़ी भोज का आनंद लिया। चार दिन की पूजा में महाअष्टमी का विशेष महत्व है। बताया जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए 108 कमल के फूल से मां दुर्गा की पूजा की थी। एक फूल कम पड़ने पर भगवान श्रीराम अपनी आंख निकालने जा रहे थे, उसी समय दुर्गा देवी प्रकट र्हुइं और उन्होंने श्रीराम विजयी भव का आशीर्वाद दिया। मनोरंजन संस्थान में भक्तों ने मां दुर्गा को 108 कमल के फूल अर्पित किए। शाम को महाआरती के बाद ढोल और नगाड़ों की आवाज से परिसर गूंज उठा। इसके बाद धनुची नृत्य प्रतियोगिता हुई। गायिका सुरभि राय ने आनंद धारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सूफी और शास्त्रीय शैली पर आधारित कार्यक्रम में हारमोनियम पर चांद मियां, तबले पर प्रशांत उपाध्याय और कैसियो पर पर सौरभ सक्सेना ने संगत कर समा बांध दिया। इस मौके पर ध्रुव चटर्जी, संदीप चंद्रा, दिलीप चटर्जी, असीम बनर्जी, यूके मित्रा आदि का सहयोग रहा। रामपुर बाग स्थित दुर्गा बाड़ी में सुबह साढ़े सात बजे से सप्तमी पूजन हुआ। पूजा अर्चना के बाद दोपहर में भंडारा हुआ। इससे पहले देवी आगमन, प्रवेश, देवी वरण, प्राण प्रतिष्ठा आदि कार्यक्रम हुए। शाम को वाराणसी से आए प्रतिध्वनि कल्चरल सोसायटी ने गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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जंक्शन के रेलवे मनोरंजन संस्थान में सुबह 10:15 बजे महाअष्टमी की पूजा शुरू हुई। पुष्पांजलि और प्रसाद ग्रहण के बाद हजारों लोगों ने खिचड़ी भोज का आनंद लिया। चार दिन की पूजा में महाअष्टमी का विशेष महत्व है। बताया जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए 108 कमल के फूल से मां दुर्गा की पूजा की थी। एक फूल कम पड़ने पर भगवान श्रीराम अपनी आंख निकालने जा रहे थे, उसी समय दुर्गा देवी प्रकट र्हुइं और उन्होंने श्रीराम विजयी भव का आशीर्वाद दिया। मनोरंजन संस्थान में भक्तों ने मां दुर्गा को 108 कमल के फूल अर्पित किए। शाम को महाआरती के बाद ढोल और नगाड़ों की आवाज से परिसर गूंज उठा। इसके बाद धनुची नृत्य प्रतियोगिता हुई। गायिका सुरभि राय ने आनंद धारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सूफी और शास्त्रीय शैली पर आधारित कार्यक्रम में हारमोनियम पर चांद मियां, तबले पर प्रशांत उपाध्याय और कैसियो पर पर सौरभ सक्सेना ने संगत कर समा बांध दिया। इस मौके पर ध्रुव चटर्जी, संदीप चंद्रा, दिलीप चटर्जी, असीम बनर्जी, यूके मित्रा आदि का सहयोग रहा। रामपुर बाग स्थित दुर्गा बाड़ी में सुबह साढ़े सात बजे से सप्तमी पूजन हुआ। पूजा अर्चना के बाद दोपहर में भंडारा हुआ। इससे पहले देवी आगमन, प्रवेश, देवी वरण, प्राण प्रतिष्ठा आदि कार्यक्रम हुए। शाम को वाराणसी से आए प्रतिध्वनि कल्चरल सोसायटी ने गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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