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बरसाने में शिव ने श्याम संग खेली होली
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बरसाने में शिव ने श्याम संग खेली होली
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। हरे राम ग्वाल बाल भगवती सेवा समिति के तत्वावधान में अवधपुरी नवदुर्गा मंदिर में चल रही कृष्णलीला के चौथे दिन बाल कलाकाराें ने ‘होली लीला एवं गोवर्धन लीला’ का मंचन किया। गोवर्धन लीला में भगवान ने सखाओं को गो संवर्धन का महत्व बताया। साथ ही गोवर्धन पूजा का शुभारंभ किया।
होली लीला के मंचन में दर्शाया कि भगवान श्रीकृष्ण के साथ होली खेलने के लिए स्वयं भगवान भोलेनाथ पहुंचे थे। सबसे पहले कान्हा ने राधा के साथ फूलों की होली खेली फिर सखियों और ग्वाल बालों के संग। बृज में होली का हुड़दंग देख भगवान भोलेनाथ से न रहा गया वो भी अपने गणों, भूतप्रेतों को साथ लेकर कान्हा के संग होली खेलने के लिए ब्रज में पधारे। ‘होली खेलें कुंवर कन्हाई अपनी राधा जू के संग’ ‘आज बिरज में होरी हो रसिया, होली खेलन आयो श्याम, आज याहे रंग में बोरो री’ और ‘होली खेले कुंवर कन्हाई बाबा भूतनाथ के संग’ आदि भजनों पर भक्त थिरकते रहे।
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होली लीला के मंचन में दर्शाया कि भगवान श्रीकृष्ण के साथ होली खेलने के लिए स्वयं भगवान भोलेनाथ पहुंचे थे। सबसे पहले कान्हा ने राधा के साथ फूलों की होली खेली फिर सखियों और ग्वाल बालों के संग। बृज में होली का हुड़दंग देख भगवान भोलेनाथ से न रहा गया वो भी अपने गणों, भूतप्रेतों को साथ लेकर कान्हा के संग होली खेलने के लिए ब्रज में पधारे। ‘होली खेलें कुंवर कन्हाई अपनी राधा जू के संग’ ‘आज बिरज में होरी हो रसिया, होली खेलन आयो श्याम, आज याहे रंग में बोरो री’ और ‘होली खेले कुंवर कन्हाई बाबा भूतनाथ के संग’ आदि भजनों पर भक्त थिरकते रहे।
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