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आरक्षण ने बदला दिग्गजों के गांव का चुनावी गणित
बरेली
Updated Mon, 31 Aug 2015 01:52 AM IST
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बरेली। प्रधानी के चुनाव में दिग्गज नेताओं के लिए आरक्षण उल्टा पड़ता जा रहा है। तमाम कोशिशों के बावजूद आरक्षण बदलाव में राहत मिलने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। 1995 से शुरु हुई नई पंचायतीराज व्यवस्था और आरक्षण के बाद यह पहला मौका है कि बरेली के दिग्गजों को अपने घरों की ग्राम पंचायतों में मनमाफिक आरक्षण का मौका नहीं मिल पा रहा है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीर पाल सिंह का गांव तिरकुनिया लहर ग्राम पंचायत में है। पिछले चुनाव तक यह ग्राम पंचायत कभी सामान्य, महिला, पिछड़ी जाति या फिर पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित होती रही है। इन चुनावों में वह अपने ही परिवार के किसी न किसी सदस्य को चुनाव लड़ाकर जिताते रहे हैं। इस बार इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाने की खबर है। जिसका प्रकाशन दो सितंबर को जाएगा। ऐसे में उनको गांव के अनुसूचित के अपने किसी खास व्यक्ति की तलाश करनी पड़ रही है, जोकि हर दम परिवार के सदस्य की तरह साथ रहे।
बसपा के विधायक वीरेंद्र सिंह के भगनापुर की ग्राम पंचायत पिछड़ी जाति की महिला के स्थान पर इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने जा रही है। इसी तरह भाजपा के विधायक धर्मपाल सिंह की ग्राम पंचायत गुलड़िया उपराला की प्रधानी महिला के स्थान पर अनारक्षित होने के संकेत मिले हैं। इसी तरह सपा के पूर्व विधायक महीपाल सिंह के गांव रजपुरी नवादा की प्रधानी समान्य से महिला के लिए आरिक्षत हो सकती है। प्रदेश सरकार के मंत्री भगवत शरण गंगवार के गांव की प्रधानी पिछड़ीजाति के स्थान पर महिला अनारक्षित। सांसद धर्मेंद्र कश्यप के गांव की प्रधानी पिछड़ी जाति के स्थान अनारक्षित तथा भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा के ग्राम भमोरा की प्रधानी अनुसूचित जाति के स्थान पर पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने के संकेत हैं।
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जिले में ग्राम प्रधान, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का अनन्तिम प्रकाशन 30 अगस्त को किया जाना था लेकिन अब दो सितंबर को प्रकाशन होगा। इसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में थोड़ी सी बढ़ोत्तरी की गई है। इसीलिए आरक्षण को दुरस्त करने के लिए दो और दिन बढ़ा दिए गए हैं।
नेता ग्राम पंचायत प्रस्तावित आरक्षण वर्तमान स्थिति
सपा नेता वीर पाल सिंह यादव लहर अनुसूचित जाति महिला
बसपा के विधायक वीरेंद्र सिंह भगनापुर अनुसूचित जाति पिछड़ी महिला
भाजपा के विधायक धर्मपाल सिंह गुलड़िया उपराला महिला अनारक्षित
सपा के पूर्व विधायक महीपाल सिंह रजपुरी नवादा महिला अनारक्षित
भगवत शरण गंगवार अहमदाबाद अनारक्षित पिछड़ी जाति
भाजपा के सांसद धमेंद्र कश्यप कांधरपुर अनारक्षित पिछड़ी
राज कुमार शर्मा भमोरा अनुसूचित पिछड़ी महिला
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‘शासन के निर्देश पर आरक्षण की अनन्तिम सूची का प्रकाशन अब दो सितंबर को होगा। फिलहाल आरक्षण को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।’ टीसी पांडे, जिला पंचायत राज अधिकारी।
अब आरक्षण का अंतिम प्रकाशन 12 को
बरेली। प्रमुख सचिव (पंचायतीराज) ने ग्राम प्रधानी, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण के प्रकाशन की तिथि दो दिन आगे बढ़ा दी है। अब अंतिम प्रकाशन 12 सितंबर को होगा, जबकि अनन्तिम प्रकाशन दो सितंबर को किया जाना है।
प्रमुख सचिव की ओर से जारी ईमेल में कहा गया है कि छह सितंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी। उसके बाद सात को जिला और ब्लाक मुख्यालय पर उनको एकत्र किया जाएगा । उसके बाद नौ तक निस्तारण तथा 12 सितंबर को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीर पाल सिंह का गांव तिरकुनिया लहर ग्राम पंचायत में है। पिछले चुनाव तक यह ग्राम पंचायत कभी सामान्य, महिला, पिछड़ी जाति या फिर पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित होती रही है। इन चुनावों में वह अपने ही परिवार के किसी न किसी सदस्य को चुनाव लड़ाकर जिताते रहे हैं। इस बार इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाने की खबर है। जिसका प्रकाशन दो सितंबर को जाएगा। ऐसे में उनको गांव के अनुसूचित के अपने किसी खास व्यक्ति की तलाश करनी पड़ रही है, जोकि हर दम परिवार के सदस्य की तरह साथ रहे।
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बसपा के विधायक वीरेंद्र सिंह के भगनापुर की ग्राम पंचायत पिछड़ी जाति की महिला के स्थान पर इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने जा रही है। इसी तरह भाजपा के विधायक धर्मपाल सिंह की ग्राम पंचायत गुलड़िया उपराला की प्रधानी महिला के स्थान पर अनारक्षित होने के संकेत मिले हैं। इसी तरह सपा के पूर्व विधायक महीपाल सिंह के गांव रजपुरी नवादा की प्रधानी समान्य से महिला के लिए आरिक्षत हो सकती है। प्रदेश सरकार के मंत्री भगवत शरण गंगवार के गांव की प्रधानी पिछड़ीजाति के स्थान पर महिला अनारक्षित। सांसद धर्मेंद्र कश्यप के गांव की प्रधानी पिछड़ी जाति के स्थान अनारक्षित तथा भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा के ग्राम भमोरा की प्रधानी अनुसूचित जाति के स्थान पर पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने के संकेत हैं।
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जिले में ग्राम प्रधान, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का अनन्तिम प्रकाशन 30 अगस्त को किया जाना था लेकिन अब दो सितंबर को प्रकाशन होगा। इसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में थोड़ी सी बढ़ोत्तरी की गई है। इसीलिए आरक्षण को दुरस्त करने के लिए दो और दिन बढ़ा दिए गए हैं।
नेता ग्राम पंचायत प्रस्तावित आरक्षण वर्तमान स्थिति
सपा नेता वीर पाल सिंह यादव लहर अनुसूचित जाति महिला
बसपा के विधायक वीरेंद्र सिंह भगनापुर अनुसूचित जाति पिछड़ी महिला
भाजपा के विधायक धर्मपाल सिंह गुलड़िया उपराला महिला अनारक्षित
सपा के पूर्व विधायक महीपाल सिंह रजपुरी नवादा महिला अनारक्षित
भगवत शरण गंगवार अहमदाबाद अनारक्षित पिछड़ी जाति
भाजपा के सांसद धमेंद्र कश्यप कांधरपुर अनारक्षित पिछड़ी
राज कुमार शर्मा भमोरा अनुसूचित पिछड़ी महिला
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‘शासन के निर्देश पर आरक्षण की अनन्तिम सूची का प्रकाशन अब दो सितंबर को होगा। फिलहाल आरक्षण को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।’ टीसी पांडे, जिला पंचायत राज अधिकारी।
अब आरक्षण का अंतिम प्रकाशन 12 को
बरेली। प्रमुख सचिव (पंचायतीराज) ने ग्राम प्रधानी, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण के प्रकाशन की तिथि दो दिन आगे बढ़ा दी है। अब अंतिम प्रकाशन 12 सितंबर को होगा, जबकि अनन्तिम प्रकाशन दो सितंबर को किया जाना है।
प्रमुख सचिव की ओर से जारी ईमेल में कहा गया है कि छह सितंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी। उसके बाद सात को जिला और ब्लाक मुख्यालय पर उनको एकत्र किया जाएगा । उसके बाद नौ तक निस्तारण तथा 12 सितंबर को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।