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Bareilly News: बैंड-बाजा और डीजे होने पर शादी समारोह में जाने से तौबा
Thu, 15 Oct 2026 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:53 AM IST
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बरेली। बैंड-बाजा और डीजे होने पर उलमा अब शादी समारोह में जाने से तौबा कर रहे हैं। कई बार समारोह में पहुंचने के बाद वहां से लौट जा रहे हैं। फतवा भी दिया जा चुका है। शादियों का दौर शुरू होने के बाद उलमा की ओर से फिर से गैर शरई काम न करने और निकाह सादगी से करने की नसीहत दी जा रही है।
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी खुद भी इस मुद्दे पर कई बार बयान दे चुके हैं। गैर शरई काम होता देख वह कई शादी समारोह से लौटकर भी जा चुके हैं। बाकरगंज, लाल फाटक नबी नगर और पुराना शहर में ऐसा देखने को मिला जहां से अहसन मियां गैर शरई रस्मों के कारण बिना निकाह पढ़ाए भी वापस हुए।
उलमा की बात
शादियों में फिजूल और गैर शरई कामों से बचें। बच्चियों और बच्चों की शादियां सादगी से करें। शादी के मौके पर डीजे, बैंड-बाजा, नाच-गाना नाजायज है। इससे परहेज करें। - मुफ्ती खुर्शीद आलम, शहर इमाम, जामा मस्जिद
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निकाह हमारे नबी की सुन्नत है। मुसलमान निकाह को आसान करें। निकाह से पहले होने वाली मंगनी, हल्दी, मढ़ा आदि रस्में फिजूल खर्ची हैं। खड़े होकर भोजन करना, बेपर्दगी और फोटोग्राफी से बचें। - मुफ्ती जईम रजा, इमाम, रजा मस्जिद
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दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी खुद भी इस मुद्दे पर कई बार बयान दे चुके हैं। गैर शरई काम होता देख वह कई शादी समारोह से लौटकर भी जा चुके हैं। बाकरगंज, लाल फाटक नबी नगर और पुराना शहर में ऐसा देखने को मिला जहां से अहसन मियां गैर शरई रस्मों के कारण बिना निकाह पढ़ाए भी वापस हुए।
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उलमा की बात
शादियों में फिजूल और गैर शरई कामों से बचें। बच्चियों और बच्चों की शादियां सादगी से करें। शादी के मौके पर डीजे, बैंड-बाजा, नाच-गाना नाजायज है। इससे परहेज करें। - मुफ्ती खुर्शीद आलम, शहर इमाम, जामा मस्जिद
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निकाह हमारे नबी की सुन्नत है। मुसलमान निकाह को आसान करें। निकाह से पहले होने वाली मंगनी, हल्दी, मढ़ा आदि रस्में फिजूल खर्ची हैं। खड़े होकर भोजन करना, बेपर्दगी और फोटोग्राफी से बचें। - मुफ्ती जईम रजा, इमाम, रजा मस्जिद