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मॉडल टाउन से गांधीनगर डेढ़ सौ कब्जों पर लगाए लाल निशान

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 01:39 AM IST
अवैध निर्माण पर निशान लगाती रेलवे की टीम।
अवैध निर्माण पर निशान लगाती रेलवे की टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रेलवे ने कहा- लोगों ने खुद अवैध कब्जे न हटाए तो चलेगी जेसीबी
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लाल निशान लगाने का अभियान आज भी रहेगा जारी

बरेली। रेलवे ने शुक्रवार को मॉडल टाउन से गांधीनगर तक करीब डेढ़ सौ अवैध कब्जों पर लाल निशान लगाए। यह काम पूरा होने के बाद लोगों से खुद कब्जे हटाने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि अगर लोगों ने खुद अपने कब्जे न हटाए तो रेलवे फिर अभियान चलाकर उन्हें हटाएगा।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (निर्माण) रोशन लाल शुक्रवार को आरपीएफ और इंजीनियरिंग अनुभाग की टीम के साथ मॉडल टाउन पहुंचे। इसके बाद नापजोख करके लाल निशान लगाए गए। प्रेमनगर के धोबी चौराहे की रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचकर टीम असमंजस में पड़ गई। दरअसल नक्शे में प्रेमनगर चौराहा थाना प्रेमनगर वाला था जबकि असल में धोबी चौराहे के रेलवे क्रॉसिंग से निशान लगाए जाने थे। इसके बाद पीलीभीत रोड वाले क्रॉसिंग पर यही दुविधा सामने आ गई। मॉडल टाउन के लोगों ने स्थिति साफ की तो निशान लगाने शुरू किए गए। इसके बाद एक साइड पर निशान लगाने का काम पूरा हो गया। शनिवार को दूसरी साइड मॉडल टाउन की ओर निशान लगाए जाएंगे।

सीनियर सेक्शन इंजीनियर रोशन लाल ने बताया कि निशान लगाने के बाद लोगों को खुद ही अपने अवैध कब्जे हटाने को कहा गया है। कब्जे हटा लिए गए तो जेसीबी की जरूरत नहीं होगी।
पीलीभीत रोड रेलवे क्रॉसिंग से गांधी नगर तक सौ मीटर का निशान
पीलीभीत रोड रेलवे क्रॉसिंग से गांधीनगर रेलवे क्रॉसिंग तक पटरी के दोनों ओर करीब सौ मीटर तक निशान लगाए गए हैं। इसके बाद ज्यादातर लोगों के घर भी अवैध कब्जों की जद में आ गए हैं। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रोशन लाल ने बताया कि लोगों ने खुद कब्जे नहीं हटाए तो रेलवे खुद गिराएगा।

साठ फुट तक ही तोड़े जाएं कब्जे फोटो

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत से मिले। महामंत्री संजीव चांदना ने बताया कि नापजोख करने वाले इंजीनियर के पास उचित नक्शा नहीं है। इसलिए ईंट पजाया से मॉडल टाउन तक साठ फुट का मानक रखा जाए। उनके साथ सरदार सुरजीत सिंह, मनमोहन सब्बरवाल, अजय राज अरोड़ा, राज रस्तोगी आदि थे।

अवैध कब्जों में छिपी बाउंड्री पोस्ट

पटरी बिछाने के बाद रेलवे अपनी सीमा प्रदर्शित करनेे के लिए सीमेंट के बाउंड्री पोस्ट लगाती है ताकि इस दायरे में कोई कब्जा न कर सके। मॉडल टाउन की ओर लगी बाउंड्री पोस्ट भी अवैध कब्जों में छिप गई। इंजीनियरिंग अनुभाग की टीम को बमुश्किल यह बाउंड्री पोस्ट दिखी।

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