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सगी साली से ही कर लिया निकाह
बरेली, ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2016 01:40 AM IST
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कस्बा रिछा में छोटी बहन ने ही तीन महीने पहले बहनोेई से निकाह करके पांच बच्चों की मां सलमा का घर बिगाड़ दिया। जबकि शरीयत भी बड़ी बहन से निकाह में रहते साली से शादी करने की इजाजत नहीं देती है।
15 सितंबर को रिछा की सलमा ने एसएसपी से शिकायत करके पति मकसूद पर आरोप लगाकर इंसाफ की गुहार लगाई। उसका आरोप यह था कि दहेज के लिए पति और ससुराल वाले उसके साथ मारपीट करते हैं। पति उसे कई दिन तक खाना नहीं देते हैं। वह तलाक देने की धमकी देते हैं और दूसरी शादी कर ली है। मामला पुलिस परामर्श केंद्र के चैंबर नंबर तीन में परामर्शदाता खलील कादरी पूरे मामला को सुना तो असलियत कुछ और निकली। सलमा ने बताया कि उसका घर बिगाड़ने वाली कोई नहीं उसी की सगी छोटी बहन है। तीन महीने पहले मकसूद ने उससे कोर्ट मैरिज करके निकाह कर लिया और अपने साथ रख रहा है। सलमा से पंद्रह साल पहले मकसूद की शादी हुई थी। उसके पास बारह साल की बेटी है। शनिवार को पिता के साथ आई सलमा पति को बहन के साथ देखकर आग बबूला थी। बूढ़े पिता भी सलमा के साथ खड़े थे, लेकिन इसके बाद भी उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। चैंबर में ही बैठकर उसने छोटी बहन को खूब खरी-खोटी सुनाई। उसकी बातों का छोटी बहन पर कोई जवाब नहीं था। पति ने कई बार साथ रहने का प्रस्ताव रखा। कहने लगा जो मैं खाऊंगा बच्चों को खिलाऊंगा। सलमा भी मेरे घर में रहे, लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुई। सलमा का कहना था कि वह मक सूद को तलाक भी नहीं देगी। मुझे और मेरे बच्चों को खर्चा चाहिए। नहीं मिला तो कोर्ट में वाद दायर करके इंसाफ की गुहार लगाऊंगी। परामर्श केंद्र में फैसले की गुंजाइश न होने की वजह से फाइल को बंद कर दिया गया।
पुलिस लाइन में ही हाथापाई कर दी
-पति से जंग लग रही सलमा के साथ उसके भाई भी हैं। शनिवार को परामर्श केंद्र में छोटी बहन को बहनोई के साथ देखकर पिता और भाईयों ने भी उसे खूब खरी-खोटी सुनाईं। इस दौरान सलमा और उसके भाईयों ने छोटी बहन से हाथापाई भी कर दी।
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दो बहनें एक साथ मकसूद के साथ नहीं रह सकती हैं। दो सगे भाई तो सगी बहनों से निकाह कर सकते हैं। बड़ी बहन से निकाह में रहते छोटी बहन से निकाह करना हराम है। शरीयत इसकी कतई इजाजत नहीं देती है-मुफ्ती सलीम नूरी, दरगाह-ए-आला हजरत।
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15 सितंबर को रिछा की सलमा ने एसएसपी से शिकायत करके पति मकसूद पर आरोप लगाकर इंसाफ की गुहार लगाई। उसका आरोप यह था कि दहेज के लिए पति और ससुराल वाले उसके साथ मारपीट करते हैं। पति उसे कई दिन तक खाना नहीं देते हैं। वह तलाक देने की धमकी देते हैं और दूसरी शादी कर ली है। मामला पुलिस परामर्श केंद्र के चैंबर नंबर तीन में परामर्शदाता खलील कादरी पूरे मामला को सुना तो असलियत कुछ और निकली। सलमा ने बताया कि उसका घर बिगाड़ने वाली कोई नहीं उसी की सगी छोटी बहन है। तीन महीने पहले मकसूद ने उससे कोर्ट मैरिज करके निकाह कर लिया और अपने साथ रख रहा है। सलमा से पंद्रह साल पहले मकसूद की शादी हुई थी। उसके पास बारह साल की बेटी है। शनिवार को पिता के साथ आई सलमा पति को बहन के साथ देखकर आग बबूला थी। बूढ़े पिता भी सलमा के साथ खड़े थे, लेकिन इसके बाद भी उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। चैंबर में ही बैठकर उसने छोटी बहन को खूब खरी-खोटी सुनाई। उसकी बातों का छोटी बहन पर कोई जवाब नहीं था। पति ने कई बार साथ रहने का प्रस्ताव रखा। कहने लगा जो मैं खाऊंगा बच्चों को खिलाऊंगा। सलमा भी मेरे घर में रहे, लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुई। सलमा का कहना था कि वह मक सूद को तलाक भी नहीं देगी। मुझे और मेरे बच्चों को खर्चा चाहिए। नहीं मिला तो कोर्ट में वाद दायर करके इंसाफ की गुहार लगाऊंगी। परामर्श केंद्र में फैसले की गुंजाइश न होने की वजह से फाइल को बंद कर दिया गया।
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पुलिस लाइन में ही हाथापाई कर दी
-पति से जंग लग रही सलमा के साथ उसके भाई भी हैं। शनिवार को परामर्श केंद्र में छोटी बहन को बहनोई के साथ देखकर पिता और भाईयों ने भी उसे खूब खरी-खोटी सुनाईं। इस दौरान सलमा और उसके भाईयों ने छोटी बहन से हाथापाई भी कर दी।
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दो बहनें एक साथ मकसूद के साथ नहीं रह सकती हैं। दो सगे भाई तो सगी बहनों से निकाह कर सकते हैं। बड़ी बहन से निकाह में रहते छोटी बहन से निकाह करना हराम है। शरीयत इसकी कतई इजाजत नहीं देती है-मुफ्ती सलीम नूरी, दरगाह-ए-आला हजरत।