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Dussehra 2024: 'रावण' पर महंगाई की मार... 'मेघनाद' का घटा कद, पांच से 18 हजार रुपये तक बिक रहे पुतले

Fri, 11 Oct 2024 07:04 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 11 Oct 2024 07:04 PM IST
सार

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी (दशहरा) का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। बरेली में पुतलों का बाजार सज गया है। इस बार रावण के पुतलों पर महंगाई की मार देखी जा रही है। 

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Ravana effigies are being sold for 5 to 18 thousand rupees on Dussehra
रावण का पुतला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दशहरे पर दहन के लिए बरेली में रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का बाजार सज चुका है। इस बार महंगाई ने भले ही पुतलों का कद घटा दिया है, पर वे पहले से अधिक डरावने हो गए हैं। इस बार बाजार में पांच से 35 फुट तक के पुतले उपलब्ध हैं, जबकि बीते वर्ष 50 फुट तक के पुतले बिके थे। इस बार लोग डरावने पुतलों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

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कालीबाड़ी इलाके में रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले तैयार किए जाते हैं। ज्यादातर पुतले ग्राहकों के ऑर्डर पर तैयार किए गए हैं। पुतला विक्रेता हनी वर्मा ने बताया कि इस बार महंगाई की वजह से लोग छोटे पुतलों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इस बार आकार के अनुसार पुतलों की कीमत 5,000 से 18 हजार रुपये तक रखी गई है।

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चार महीने पहले शुरु हो जाती है प्रक्रिया
50 वर्षों से पुतला बनाने वाले विक्की राजपूत बताते हैं कि इसकी प्रक्रिया दशहरे से चार महीने पहले आरंभ हो जाती है। इसे बनाने के लिए पहले बांस को काटा जाता है। उससे ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद उस पर रंग-बिरंगे कागज लपेटे जाते हैं। चेहरे आदि को सजाकर उसे बिक्री के लिए बाजार में रखा जाता है।

उत्तराखंड तक होती है आपूर्ति
पुतला विक्रेता प्रदीप ने बताया कि उनकी ओर से बनाए गए पुतलों की आपूर्ति आसपास के जिलों के साथ ही उत्तराखंड तक होती है। पिछले साल के मुकाबले इस बार पुतलों की बिक्री ज्यादा हुई है। रावण दहन को देखने के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े, इसलिए लोग अपने गली-मोहल्ले में दहन करने के लिए छोटे कद के पुतलों की खरीदारी कर रहे हैं। इस वजह से भी बिक्री में उछाल आया है।

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मुस्लिम कारीगर तैयार करते हैं रावण-कुंभकर्ण के पुतले
शहर में दशहरा पर कई जगह रावण के पुतले मुस्लिम कारीगरों द्वारा तैयार किए जाते हैं। साथ ही मेले में आतिशबाजी भी इन्हीं की ओर से होती है। श्री रानी महालक्ष्मीबाई रामलीला समिति चौधरी मोहल्ला की ओर से हार्टमन मैदान पर लगने वाले दशहरा मेले में सबसे बड़े 55 फुट के रावण का पुतला दहन किया जाएगा। वहीं, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले 45-45 फुट के होंगे और इन्हें रिमोट द्वारा जलाया जाएगा। 

मेले के महाप्रबंधक श्रेयांश बाजपेयी ने बताया कि पुतलों में लगने वाले पटाखे पीलीभीत के आतिशबाज आतिफ और उनके पुत्र शाहिद बनाकर लगा रहे हैं। इस समय इन आतिशबाजों की यह तीसरी पीढ़ी है। पहले शमशाद आतिशबाज यही काम करते थे, अब उनके पुत्र व पौत्र कर रहे हैं। इसी तरह पर्वतीय सांस्कृतिक समाज की ओर से बीआई बाजार स्थित एमईएस फुटबाल मैदान पर भी 55 फुट का रावण का पुतला दहन किया जाएगा। वहीं, मेघनाद का 45 और कुंभकर्ण का पुतला 40 फुट का होगा। 

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