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बढ़ रहा रामगंगा का जलस्तर: बरेली के 330 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, बनाई गईं 50 चौकियां

Sat, 08 Jul 2023 06:28 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 08 Jul 2023 06:28 PM IST
सार

भारी बारिश के अलर्ट के बीच रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे बरेली जनपद के 330 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसको देखते हुए सिंचाई विभाग ने राहत और बचाव की तैयारियां कर ली हैं। 
 

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ramganga river water level increasing flood alert in 330 villages of bareilly
मीरगंज में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में भारी बारिश के अलर्ट के बाद बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रामगंगा नदी में तेज जलप्रवाह से बाढ़ की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य की तैयारियां कर ली हैं। पिछले दो वर्षों में आंशिक बाढ़ से प्रभावित रहे 330 गांव में लोगों को पानी बढ़ने पर बचाव के सुझाव दिए जा रहे हैं।

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सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड एक्सईएन राजेंद्र कुमार के मुताबिक बरेली की सीमा में रामगंगा, किच्छा, पश्चिमी बैगुल, भाखड़ा, बहगुल और देवहा समेत अन्य छोटी नदियां प्रवाहित होती हैं। कालागढ़ डैम से निकलने वाली रामगंगा नदी अन्य नदियों के सापेक्ष जिले के सर्वाधिक क्षेत्रफल से गुजरती है। 
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बाढ़ की स्थिति में कालागढ़ डैम से नदी का पानी रोक दिया जाता है। इससे शहर में बाढ़ की संभावना कम होती है। लेकिन रामगंगा नदी में किच्छा, पश्चिमी बहगुल, कोसी नदी में भारी बारिश से रामगंगा का डिस्चार्ज बढ़ जाता है। अबकी बार पिछले माह से ही भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी कर रहा है। लिहाजा, संभावित खतरे से निपटने के लिए विभाग की ओर से राहत और बचाव संबंधी तैयारियां कर ली गई हैं।

पिछले दो साल बनी थी बाढ़ की स्थिति

बीते दो साल तक अक्तूबर में पहाड़ों पर भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा था। साल 2021 में रामगंगा का जलस्तर 162.130 मीटर, साल 2022 में 160.940 मीटर रहा। रामगंगा से सटे क्षेत्र सूदनपुर, जितौर इसके आसपास के गांव में बाढ़ का आंशिक प्रकोप रहा था। जनजीवन प्रभावित हुआ था। करीब तीन सौ से ज्यादा गांवों में भी विषम परिस्थितियां थीं। हालांकि, जलप्रवाह से कोई जनहानि नहीं हुई थी।

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कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित

एसडीओ अमित किशोर के मुताबिक रामगंगा नदी का डिस्चार्ज 1,25,000 क्यूसेक से ज्यादा होने पर बाढ़ की स्थिति बन सकती है। बाढ़ खंड बरेली के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। जो 31 अक्तूबर 2023 तक 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 0581-2511664 है। आंशिक बचाव के लिए दो लाख ईसी बैग, दो हजार एनआरसी और 50 सेट परक्यूपाईन रिजर्व कर ली गई हैं।

28 शरणालय बने, ठहरने खाने की व्यवस्था

बाढ़ की निगरानी के लिए जिले की सीमा की शुरुआत से अंत तक 50 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। पिछले साल तक चौकियों की संख्या 42 थी, अबकी बार आठ नई बाढ़ चौकी बनी हैं। बाढ़ की स्थिति में गांवों से विस्थापन की स्थिति में 28 शरणालय प्रस्तावित हैं। जहां विस्थापितों के लिए भोजन, ठहरने, दवा आदि व्यवस्थाएं रहेंगी। बताया कि अभी रामगंगा में तेज जल प्रवाह से कटान की कोई शिकायत नहीं मिली है।

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