Raksha Bandhan: भाई-बहनों पर बरसेगी शिव की कृपा, राशि अनुसार बांधें राखी, बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा
सावन माह के समापन पर आज रक्षाबंधन का पर्व भी है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक सोमवार का दिन होने की वजह से यह संयोग अत्यंत शुभ है। भाई-बहन पर भगवान शिव की कृपा बरसेगी।
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भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र माह श्रावणी पूर्णिमा सोमवार को विश्राम ले रहा है। भाई-बहन के प्रति स्नेह का पावन पर्व रक्षाबंधन भी इसी दिन है। सावन के सोमवार भोलेनाथ को अत्यधिक प्रिय है इसलिए रक्षाबंधन के पर्व पर भोलेनाथ की कृपा भाई बहन के पावन रिश्ते पर बरसेगी यानी भाई बहनों के सभी मनोकामनाओं को भगवान शिव पूर्ण करेंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन यानि रक्षा का बंधन, एक ऐसा रक्षा सूत्र जो भाई को सभी संकटों से दूर रखता है। यह त्योहार भाई-बहन के बीच स्नेह और पवित्र रिश्ते का प्रतिक है। सोमवार का दिन होने की वजह से यह संयोग अत्यंत शुभ है।
इस बार रक्षाबंधन पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना जलाभिषेक करने से समस्त दुख-दरिद्र और संकटों से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्राकाल का साया है। इसलिए दोपहर 1:24 बजे तक भद्राकाल की इस समयावधि में रक्षाबंधन निषेध माना जाता है।
मेष - लाल रंग।
वृषभ - सफेद रंग।
मिथुन - हरे रंग।
कर्क - सफेद रंग।
सिंह - लाल रंग।
कन्या - हरे रंग।
तुला - गुलाबी रंग।
वृश्चिक -लाल रंग।
धनु - पीले रंग।
मकर - नीले रंग।
कुंभ - नीले रंग।
मीन - पीले रंग।
भाई की कलाई पर बंधेगी सोने-चांदी की राखी
रक्षाबंधन के लिए रविवार को देर शाम तक बाजारों में खरीदारी का दौर जारी रहा। सोने-चांदी की राखियों की मांग जबरदस्त रही। वहीं, मिठाई समेत गिफ्ट की दुकानों पर भी कतार लगी रही।
सराफा कारोबारियों के मुताबिक बीते वर्षों में भी सोने-चांदी की राखियां बिकती थीं पर गिने-चुने लोग ही खरीदते थे। अब इनकी मांग बाजार में बढ़ गई है। पारंपरिक कच्चे धागों के साथ सोने चांदी की राखियां खूब बिक रही हैं। डीडीपुरम स्थित ज्वेलरी शॉप के संचालक उदित गोयल के मुताबिक रक्षाबंधन पर्व के लिए हल्के वजन की सोने की राखियों का स्टॉक मंगाया था। कीमत 15 से 50 हजार रुपये थी। सोने की कीमतें बढ़ने से बिक्री की ज्यादा उम्मीद नहीं थी। मगर, रविवार को ही पूरा स्टॉक खत्म हो गया।
चांदी की राखियों का स्टॉक भरपूर था, जिसके सापेक्ष करीब 80 फीसदी राखियों की बिक्री हुई। इनकी कीमत पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक थी। सबसे ज्यादा ब्रेसलेट की तर्ज पर डिजाइन की गई राखी की बिक्री हुई। बाजार में कुछ सराफा व्यापारियों ने ही सोने की राखी मंगाई थी।