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Bareilly News: रेलवे की परियोजनाएं पिंक बुक में अटकीं, अब नए बजट पर टकटकी

Sat, 01 Feb 2025 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 02:37 AM IST
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Railway projects stuck in Pink Book, now eye on new budget
कई बड़े प्रोजेक्ट का होता रहा सर्वे, पर शुरू नहीं हो सका काम
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बरेली। वर्ष 2023 और 2024 के बजट में मंजूरी के बाद भी रेलवे की बड़ी परियोजनाएं पिंक बुक से बाहर नहीं आ सकीं। उम्मीद है कि इस बार के आम बजट से स्वीकृत हो चुकीं इन परियोजनाओं को गति मिलेगी और यात्री सुविधाओं को भी विस्तार मिलेगा।
बरेली में उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे दोनों की लाइनें और रेलवे स्टेशन हैं। जंक्शन से रोजाना 190 ट्रेनों और 35-40 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों और ट्रेनों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है, लेकिन यात्री सुविधाओं में इजाफा नहीं हो रहा। रेलवे कर्मचारी और यात्री दोनों को ही इस बजट से उम्मीदें हैं। नए बजट में हादसे रोकने के लिए कवच प्रणाली लगाने, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग के काम पूरे कराने के लिए राशि मिलना तय माना जा रहा है। पूर्व में घोषित परियोजनाओं के लिए भी धनराशि मिलने की उम्मीद है।
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ये नए काम हैं प्रस्तावित
बरेली-चंदौसी रेल लाइन का दोहरीकरण, बरेली जंक्शन का विस्तार, चार नए प्लेटफार्मों का निर्माण, जंक्शन पर एसी मेंटीनेंस शेड की स्थापना, जंक्शन पर वॉशिंग लाइन का विस्तार, भोजीपुरा-बरेली सिटी के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण, मुरादाबाद-बरेली-शाहजहांपुर-रोजा के बीच तीसरी रेल लाइन, जंक्शन पर नए फुट ओवरब्रिजों का निर्माण, बरेली कैंट रेलवे स्टेशन का विस्तार।
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सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्ध संचालन की चुनौती
लोको पायलट सहित तमाम पद रिक्त होने से रेलवे के समक्ष सुरक्षा, संरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन की चुनौती है। पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए और रेलवे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। - रजनीश तिवारी, मंडल मंत्री, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस

ट्रेन आम आदमी की सवारी है। रेलवे में हजारों पद रिक्त हैं। सरकार रेलवे का निजीकरण चाहती है। बजट में नई ट्रेनों के साथ पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। रिक्त पदों को भरने के लिए भी सरकार को बजट में घोषणा करनी चाहिए।- बसंत चतुर्वेदी, केंद्रीय अध्यक्ष नरमू
संवाद
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