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डीआरएम साहब! राहत थी डेमू ट्रेन, इसे आफत क्यों बना दिया
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बरेली। रोज सुबह छह बजे सिटी स्टेशन से लालकुआं तक जाने वाली डेमू ट्रेन से कुछ समय पहले तक हजारों यात्रियों को बड़ी राहत हासिल थी लेकिन छह कोच कम कर दिए जाने के बाद इस ट्रेन का सफर अब उनके लिए आफत बन गया है। दैनिक यात्रियों ने डीआरएम से इस ट्रेन में फिर पहले की तरह 14 कोच जोड़ने की मांग की है।
डेमू ट्रेन सुबह सिटी स्टेशन से चलती है। सिटी स्टेशन से ही इसमें दैनिक यात्रियों की भारी भीड़ होती है और यह ठसाठस भरकर 6:20 बजे इज्जतनगर स्टेशन पर पहुंचती है। इज्जतनगर स्टेशन पर दैनिक यात्री तो किसी तरह ट्रेन में चढ़ जाते हैं लेकिन आम यात्री अपना सामान लेकर चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ट्रेन से ज्यादातर यात्री ऊधम सिंह नगर, लालकुआं और किच्छा के होते हैं जो वहां नौकरी करने जाते हैं। ट्रेन में चढ़ने के लिए अक्सर लड़ाई झगड़े की नौबत आ जाती है। जितने यात्री अंदर होते हैं, उससे ज्यादा दरवाजे से लटके रहते हैं। कोच की हालत देखकर तमाम यात्री बाहर से ही किनारा कर लेते हैं। हालत इतनी खराब रहती है कि ट्रेन में किच्छा तक जो यात्री जहां बैठा या खड़ा होता है, वहीं खड़ा रहता है। इससे पहले इस ट्रेन में 14 कोच होते थे जिसमें यात्री आराम से चढ़ जाते थे। दैनिक आशीष मिश्रा समेत कई यात्रियों ने इज्जतनगर मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार सिंह की पत्र लिखकर फिर 14 कोच की ट्रेन चलाने की मांग की हैं।
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डेमू ट्रेन सुबह सिटी स्टेशन से चलती है। सिटी स्टेशन से ही इसमें दैनिक यात्रियों की भारी भीड़ होती है और यह ठसाठस भरकर 6:20 बजे इज्जतनगर स्टेशन पर पहुंचती है। इज्जतनगर स्टेशन पर दैनिक यात्री तो किसी तरह ट्रेन में चढ़ जाते हैं लेकिन आम यात्री अपना सामान लेकर चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ट्रेन से ज्यादातर यात्री ऊधम सिंह नगर, लालकुआं और किच्छा के होते हैं जो वहां नौकरी करने जाते हैं। ट्रेन में चढ़ने के लिए अक्सर लड़ाई झगड़े की नौबत आ जाती है। जितने यात्री अंदर होते हैं, उससे ज्यादा दरवाजे से लटके रहते हैं। कोच की हालत देखकर तमाम यात्री बाहर से ही किनारा कर लेते हैं। हालत इतनी खराब रहती है कि ट्रेन में किच्छा तक जो यात्री जहां बैठा या खड़ा होता है, वहीं खड़ा रहता है। इससे पहले इस ट्रेन में 14 कोच होते थे जिसमें यात्री आराम से चढ़ जाते थे। दैनिक आशीष मिश्रा समेत कई यात्रियों ने इज्जतनगर मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार सिंह की पत्र लिखकर फिर 14 कोच की ट्रेन चलाने की मांग की हैं।
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