{"_id":"5d6446f58ebc3e017b4bd66f","slug":"railway-bareilly-news-bly3737191195","type":"story","status":"publish","title_hn":"माला जंगल में पहले बनाओ अंडरपास फिर करना ब्रॉडगेज रेल ट्रैक की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माला जंगल में पहले बनाओ अंडरपास फिर करना ब्रॉडगेज रेल ट्रैक की बात
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बरेली। पीलीभीत सेक्शन के माला रेंज का आठ किलोमीटर का जंगल का हिस्सा पीलीभीत से पूरनपुर तक रेल ट्रैक को ब्रॉडगेज करने में बड़ी बाधा बन गया है। वन विभाग की आपत्ति की वजह से लंबे अरसे से काम रुका हुआ है। वन विभाग का कहना है कि इस सेक्शन पर कई बार जंगली जानवरों के ट्रेन से कटने की घटनाएं हो चुकी हैं। ब्रॉडगेज बनने के बाद ट्रेनों की स्पीड और एरिया और बढ़ेगा। लिहाजा ब्रॉडगेज के लिए पटरियां बिछाने की अनुमति तभी दी जाएगी जब रेलवे जानवरों के लिए गुजरने के लिए यहां अंडरपास बना देगा।
पीलीभीत से मैलानी सेक्शन में जून 2018 में ब्रॉडगेज बनाने के लिए ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। रेलवे ने मैलानी से शाहगढ़ स्टेशन तक काम पूरा कर लिया है। अब दिक्कत माला के जंगलों में लाइन बिछाने में आ रही है। दरअसल इस सेक्शन में कई बार हाथी और तेंदुए जैसे वन्यजीव ट्रेनों से कट चुके है। आठ किलोमीटर के जंगल में जंगली जानवर पटरियों को पार कर इधर से उधर जाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ब्रॉडगेज बनने के बाद ट्रेनों की संख्या के साथ स्पीड भी बढ़ेगी तो जंगली जानवरों के लिए खतरा और बढ़ेगा। ऐसे में पहले रेलवे को अंडरपास बनाना होगा, जिसके नीचे से जानवर गुजर सके। सूत्रों के मुताबिक अंडरपास बनाने का प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में लंबित है जिस पर काफी समय से कोई फैसला नहीं हो पा रहा है।
ब्रॉडगेज लाइन कवर करेगी जंगल का ढाई मीटर चौड़ा एरिया
मीटरगेज लाइन में वन विभाग डेढ़ मीटर चौड़ाई की जगह रेलवे को देता था। जंगल के बीचोबीच बिछी यह लाइन जानवरों के निकलने के लिए उपयुक्त नहीं थी। अब ब्राडगेज लाइन बिछाने के लिए रेलवे को करीब ढाई मीटर चौड़ी जगह चाहिए होगी। यह जंगली जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
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मैलानी से पूरनपुर तक बिछ चुकी है पटरी
पीलीभीत से ब्राडगेज का काम रुका तो रेलवे ने मैलानी से शाहगढ़ तक पटरी बिछा दी। मैलानी से पीलीभीत तक पांच छोटे स्टेशन हैं। जिसमें शाहगढ़ से माला स्टेशन तक जंगल घना जंगल है। ऐसे में वहां लाइन बिछाना रेलवे के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होगा।
वन विभाग के अधिकारियों में बात चल रही है, जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। रेलवे का फरवरी 2020 तक काम पूरा हो जाएगा। सीआरएस निरीक्षण के बाद सेक्शन पर ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर डिवीजन
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पीलीभीत से मैलानी सेक्शन में जून 2018 में ब्रॉडगेज बनाने के लिए ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। रेलवे ने मैलानी से शाहगढ़ स्टेशन तक काम पूरा कर लिया है। अब दिक्कत माला के जंगलों में लाइन बिछाने में आ रही है। दरअसल इस सेक्शन में कई बार हाथी और तेंदुए जैसे वन्यजीव ट्रेनों से कट चुके है। आठ किलोमीटर के जंगल में जंगली जानवर पटरियों को पार कर इधर से उधर जाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ब्रॉडगेज बनने के बाद ट्रेनों की संख्या के साथ स्पीड भी बढ़ेगी तो जंगली जानवरों के लिए खतरा और बढ़ेगा। ऐसे में पहले रेलवे को अंडरपास बनाना होगा, जिसके नीचे से जानवर गुजर सके। सूत्रों के मुताबिक अंडरपास बनाने का प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में लंबित है जिस पर काफी समय से कोई फैसला नहीं हो पा रहा है।
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ब्रॉडगेज लाइन कवर करेगी जंगल का ढाई मीटर चौड़ा एरिया
मीटरगेज लाइन में वन विभाग डेढ़ मीटर चौड़ाई की जगह रेलवे को देता था। जंगल के बीचोबीच बिछी यह लाइन जानवरों के निकलने के लिए उपयुक्त नहीं थी। अब ब्राडगेज लाइन बिछाने के लिए रेलवे को करीब ढाई मीटर चौड़ी जगह चाहिए होगी। यह जंगली जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
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मैलानी से पूरनपुर तक बिछ चुकी है पटरी
पीलीभीत से ब्राडगेज का काम रुका तो रेलवे ने मैलानी से शाहगढ़ तक पटरी बिछा दी। मैलानी से पीलीभीत तक पांच छोटे स्टेशन हैं। जिसमें शाहगढ़ से माला स्टेशन तक जंगल घना जंगल है। ऐसे में वहां लाइन बिछाना रेलवे के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होगा।
वन विभाग के अधिकारियों में बात चल रही है, जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। रेलवे का फरवरी 2020 तक काम पूरा हो जाएगा। सीआरएस निरीक्षण के बाद सेक्शन पर ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर डिवीजन