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17 साल में साकार हुआ बड़ी रेल के सफर का सपना
बरेली
Updated Wed, 12 Aug 2015 01:07 AM IST
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बरेली। कासगंज रेल मार्ग पर बड़ी रेल के सफर का सपना आखिरकार सत्रह साल बाद साकार हो पाया। 436 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 1997-98 में 103.246 किलो मीटर लंबे इस ट्रेक को बनाने की मंजूरी मिली थी। जिसमें 8 स्टेशन, 12 क्रासिंग स्टेशन, छह हाल्ट स्टेशन, 42 मानवित क्रासिंग, एक अमानवित, 23 इंटर लॉक्ड, आठ अंडरपास, एक महत्वपूर्ण पुल, 18 दीर्घ पुल, 26 लघु पुल के साथ इंटरलाकिंग का काम शामिल है। जिसे एक जनवरी-2014 को मीटरगेज को ब्राडगेज में परिवर्तित करने के लिए मेगा ब्लॉक लेकर मार्ग बंद कर दिया गया। इस साल अप्रैल में ब्राडगेज पूरा होकर पहले इस पर माल गाड़ी चली ।अब मथुरा आगरा ही नहीं, बल्कि साउथ का सफर भी आसान हो गया है।
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16 डिब्बों की है ट्रेन
कासगंज रेल मार्ग पर 16 डिब्बे की स्पेशल ट्रेन को इज्जतनगर मंडल के ड्राइवर नेत्रपाल चलाकर ले गए। इसमें गार्ड रंजीत सिंह रहे। जिसमें छह स्लीपर, छह जनरल कोच, एक सेकेंड एसी, एक थर्ड एसी और दो एसएलआर लगे थे। ं
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16 डिब्बों की है ट्रेन
कासगंज रेल मार्ग पर 16 डिब्बे की स्पेशल ट्रेन को इज्जतनगर मंडल के ड्राइवर नेत्रपाल चलाकर ले गए। इसमें गार्ड रंजीत सिंह रहे। जिसमें छह स्लीपर, छह जनरल कोच, एक सेकेंड एसी, एक थर्ड एसी और दो एसएलआर लगे थे। ं
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