Bareilly News: बदलते मौसम में बीमार हो रहे लोग, जिला अस्पताल में बढ़े मरीज; सेहत का रखें विशेष ख्याल
मौसम बदल रहा है। दिन में धूप तो रात ठंड का अहसास करा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम बदलने से शारीरिक तापमान में असंतुलन होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं।
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बरेली में बदलते मौसम की वजह से अस्पताल में मरीजों की कतार बढ़ गई है। तीन दिन अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में नए-पुराने 2100 मरीज पहुंचे। इनमें चार सौ बुखार की चपेट में रहे। तप रहे 16 बच्चों को वार्ड में भर्ती किया गया। यही स्थिति निजी अस्पतालों में भी है। चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम में लोग वायरल बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सेहत के प्रति बेपरवाही बीमारी की वजह बन रही है।
ओपीडी में पहुंचे मरीजों को परामर्श के साथ चिकित्सकों ने बचाव के सुझाव भी दिए। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 130 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे थे। सभी बुखार समेत उल्टी और दस्त की चपेट में थे। चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया। स्टाफ नर्स के मुताबिक बीते तीन दिन में बुखार की चपेट में इलाज को पहुंचे 12 अन्य बच्चे भी वार्ड में भर्ती हैं।
इसके अलावा ओपीडी में सांस, सीने में दर्द, गले में खराश, जुकाम, जोड़ में दर्द, फिजियोथेरेपी, ईएनटी, एआरटी, एनसीडी, दांत, मानसिक रोगी के मरीज रहे। जिन्हें दवाएं और बचाव के परामर्श चिकित्सकों ने दिए। उधर, दिव्यांग शिविर में 61 दिव्यांग पहुंचे थे। 54 के प्रमाण पत्र जारी हुए।
बुखार के मरीजों की तादाद बढ़ने से पूर्व जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर दिन करीब ढ़ाई सौ से तीन सौ जांचें होती थीं। जो अब करीब चार सौ जा पहुंची हैं। पैथोलॉजी इंचार्ज डॉ. यूवी सिंह के मुताबिक बीते चार से पांच दिन में जांच बढ़ी हैं। इसमें ज्यादातर मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, सीबीसी, एलएफटी, टीएफटी, प्लेटलेट्स काउंट व अन्य इंफेक्शन संबंधी जांचें ज्यादा हैं।
एआरवी लगवाने पहुंचे 310 लोग
300 बेड अस्पताल स्थित रैबीज क्लीनिक में कुत्ते, बंदर और अन्य पशुओं के हमले में जख्मी हुए 310 लोगों को एआरवी लगी। ओपीडी में करीब छह सौ मरीज इलाज को पहुंचे। बुखार के 80 मरीज रहे। त्वचा और आंख के करीब ढाई सौ मरीज आए। अस्पताल में शनिवार को ओपीडी संचालित न होने और ताले तोड़ने की चर्चाएं भी जारी रहीं।
धूप, ठंड से प्रभावित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। शारीरिक तापमान में असंतुलन होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। ऐसे में संक्रामक बीमारियां तेजी से चपेट में लेती हैं। मच्छरों के बढ़ने के लिए यह अनुकूल माहौल होता है। लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए।
वायरल बीमारियों से बचाव के उपाय
- गुनगुना पानी पीकर सोएं। खराश है तो नमक मिलाकर गरारे करें।
- अदरक के साथ लहसुन या शहद का काढ़ा बनाकर पिएं।
- ज्यादा तला, भुना, तीखा के बजाय हल्का पौष्टिक भोजन करें।
- सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। धूप में समय न बिताएं।
- बुखार हो तो बगैर परामर्श दर्द की दवा न लें। पहले जांच कराएं।