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Bareilly News: शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, प्रयोगशालाएं पड़ी बदहाल
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बरेली। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 23 जनवरी से शुरू हो रही हैं। इसकी तैयारियों को लेकर शासन स्तर से भी विद्यालयों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी शहर के कई विद्यालय लापरवाही बरत रहे हैं। आलम यह है कि कुछ स्कूल कागजों पर ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने की तैयारी करने में जुटे हैं, क्योंकि उनके पास न लैब हैं और न ही उपकरण।
पड़ताल में सामने आया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के तीन किलोमीटर के दायरे के विद्यालयों में ही प्रयोगशालाओं की व्यवस्था ध्वस्त हैै। शहर में कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनमें केमिकल तो दूर रसायन व भौतिकी लैब की सुविधा ही नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राएं नियमित रूप से प्रयोग कैसे कर रहे होंगे? यह भी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी बिना प्रयोग के परीक्षाओं में किस तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएंगे।
भौतिकी प्रयोगशाला में लगा दिया वॉश बेसिन
मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के नए भवन का निर्माण बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से किया गया है। मंगलवार को दोपहर 12:38 बजे भौतिकी व रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला खाली मिली। दोनों में कोई उपकरण नहीं थे। इसकी मेज पर धूल बिखरी हुई थी। प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार ने बताया कि लैब के उपकरण दूसरे कक्ष में रखे हुए हैं। इसकी सफाई कराई जा रही है। जहां भौतिकी प्रयोगशाला बननी थी। उसमें भी टेबल पर वॉश बेसिन लगा दिए गए हैं। अब दूसरे कक्ष में भौतिकी प्रयोगशाला बनाई जाएगी।
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प्रयोगशाला के लिए नहीं कक्ष
बरेली इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला के नाम पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां प्रयोगशाला के लिए कमरा नहीं होने से कागजों पर ही विद्यार्थियों को पूरे वर्ष प्रयोग कराया जाता है। दोपहर दो बजे विद्यालय की पड़ताल की तो एक कमरे में भौतिकी, रसायन आदि के उपकरण पड़े दिखे। आनन फानन में जिम्मेदारों ने एक कक्ष में पड़े उपकरणों को व्यवस्थित कराकर टेबल पर रखवाया और धूल साफ कराई। शिक्षकों का कहना था कि विद्यालय में 16 कमरे हैं और इतने ही सेक्शन हैं। जहां पहले लैब थी, अब वहां कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
निर्देश मिले तो शुरू की तैयारी
बिशप मंडल इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में सभी उपकरण रखे हुए थे। डीआईओएस के निर्देश के बाद लैब में साफ-सफाई की जा रही थी। ऐसे में कांच के सभी उपकरण सिंक में धुलने के डाल रखे थे। वहीं, भौतिकी लैब की स्थिति को लेकर जिम्मेदार स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके अतिरिक्त मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज में दोपहर 2:35 बजे क्लर्क अरुण मिश्रा ने कहा कि प्रधानाचार्य अवकाश पर हैं। वहीं, प्रयोगशाला में साफ-सफाई का कार्य चल रहा है।
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बोर्ड परीक्षाएं प्राथमिकता हैं। इसके लिए विद्यालयों को प्रयोगशालाओं को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - देवकी सिंह, डीआईओएस
संवाद
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पड़ताल में सामने आया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के तीन किलोमीटर के दायरे के विद्यालयों में ही प्रयोगशालाओं की व्यवस्था ध्वस्त हैै। शहर में कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनमें केमिकल तो दूर रसायन व भौतिकी लैब की सुविधा ही नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राएं नियमित रूप से प्रयोग कैसे कर रहे होंगे? यह भी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी बिना प्रयोग के परीक्षाओं में किस तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएंगे।
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भौतिकी प्रयोगशाला में लगा दिया वॉश बेसिन
मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के नए भवन का निर्माण बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से किया गया है। मंगलवार को दोपहर 12:38 बजे भौतिकी व रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला खाली मिली। दोनों में कोई उपकरण नहीं थे। इसकी मेज पर धूल बिखरी हुई थी। प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार ने बताया कि लैब के उपकरण दूसरे कक्ष में रखे हुए हैं। इसकी सफाई कराई जा रही है। जहां भौतिकी प्रयोगशाला बननी थी। उसमें भी टेबल पर वॉश बेसिन लगा दिए गए हैं। अब दूसरे कक्ष में भौतिकी प्रयोगशाला बनाई जाएगी।
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प्रयोगशाला के लिए नहीं कक्ष
बरेली इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला के नाम पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां प्रयोगशाला के लिए कमरा नहीं होने से कागजों पर ही विद्यार्थियों को पूरे वर्ष प्रयोग कराया जाता है। दोपहर दो बजे विद्यालय की पड़ताल की तो एक कमरे में भौतिकी, रसायन आदि के उपकरण पड़े दिखे। आनन फानन में जिम्मेदारों ने एक कक्ष में पड़े उपकरणों को व्यवस्थित कराकर टेबल पर रखवाया और धूल साफ कराई। शिक्षकों का कहना था कि विद्यालय में 16 कमरे हैं और इतने ही सेक्शन हैं। जहां पहले लैब थी, अब वहां कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
निर्देश मिले तो शुरू की तैयारी
बिशप मंडल इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में सभी उपकरण रखे हुए थे। डीआईओएस के निर्देश के बाद लैब में साफ-सफाई की जा रही थी। ऐसे में कांच के सभी उपकरण सिंक में धुलने के डाल रखे थे। वहीं, भौतिकी लैब की स्थिति को लेकर जिम्मेदार स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके अतिरिक्त मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज में दोपहर 2:35 बजे क्लर्क अरुण मिश्रा ने कहा कि प्रधानाचार्य अवकाश पर हैं। वहीं, प्रयोगशाला में साफ-सफाई का कार्य चल रहा है।
बोर्ड परीक्षाएं प्राथमिकता हैं। इसके लिए विद्यालयों को प्रयोगशालाओं को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - देवकी सिंह, डीआईओएस
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