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Bareilly News: जन्म-मृत्यु और संक्रामक रोगों की सूचना नहीं दे रहे निजी अस्पताल
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बरेली। मातृ-शिशु मृत्युदर, संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाने समेत नियमित टीकाकरण से ‘सुरक्षा कवच’ मुहैया कराने में कई निजी अस्पताल अड़चन बन रहे हैं। विभाग के मुताबिक पंजीकृत करीब 20 फीसदी अस्पताल नियमित सूचना पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे। इससे प्रगति रिपोर्ट तैयार करने और योजनाओं के संचालन में कठिनाई हो रही है। हिदायत के बावजूद सुधार न होने पर अब कार्रवाई की तैयारी है।
निजी अस्पतालों द्वारा नियमित रिपोर्टिंग न करने का मुद्दा लगातार उठ रहा है। पिछले माह भी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी इस पर गंभीरता से चर्चा की गई थी। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने जनवरी माह तक प्राप्त सूचना न देने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को नोटिस जारी करने और फिर भी सुधार न होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले पर विभाग ने किन्हीं वजहों से रिपोर्टिंग से बच रहे निजी अस्पतालों का सर्वे कराया तो जनवरी तक बरेली शहर और सीमा से सटे 47 निजी अस्पतालों के नाम सामने आए। सभी को नोटिस जारी कर उन्हें तत्काल रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए।
प्रभावित होती है स्वास्थ्य गतिविधियां
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के मुताबिक करीब पांच माह पहले निजी अस्पतालों को पोर्टल पर जन्म, मृत्यु, संक्रामक रोग (टीबी, डेंगू, मलेरिया, डिप्थीरिया आदि) की रिपोर्टिंग के निर्देश हैं। इसके लिए विभाग में पंजीकृत करीब तीन सौ निजी अस्पतालों को दिशानिर्देश जारी हुए थे। अब 80 फीसदी अस्पतालों की रिपोर्टिंग पोर्टल पर होने लगी है। शेष 20 फीसदी अस्पतालों को भी रिपोर्टिंग के लिए लगातार रिमाइंडर भेजा जा रहा है। बताया कि रिपोर्टिंग की कमी से रोगों से निदान के लिए नियमित टीकाकरण और अन्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। सही आंकड़े न होने से जिले की रैंकिंग पर भी असर पड़ता है।
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सूचना न देने वाले निजी अस्पताल
अनीता सिंघल नर्सिंग होम, अशोक किरन अस्पताल, धनवंतरि अस्पताल, डॉ. इरफान चाइल्ड केयर सेंटर, लोकप्रिय अस्पताल, मिशन अस्पताल, परिवार सेवा क्लिनिक, अर्क नंबर-4, शील नर्सिंग होम, श्री गंगाचरण हॉस्पिटल, कक्कड़ क्लिनिक एंड नर्सिंग होम, बीडी जनता हॉस्पिटल, खुसरो हॉस्पिटल, बरेली नर्सिंग होम, मुकुंद हॉस्पिटल, प्रताप हॉस्पिटल, सत्या हॉस्पिटल, विपिन हॉस्पिटल, भाष्कर हॉस्पिटल, अमन नर्सिंग होम, चंद्रलोक हॉस्पिटल, जनता एनोरेक्टल एंड मैटरनिटी, कोपल हॉस्पिटल, शिखर हॉस्पिटल, गाजी सकलैनी हॉस्पिटल, मून हॉस्पिटल, संगम नर्सिंग होम, शाहदाना हॉस्पिटल, ग्लोबल हॉस्पिटल, न्यू धनवंतरि हॉस्पिटल, रतन हॉस्पिटल, देव हॉस्पिटल, ताजुशरिया, बेग हॉस्पिटल एंड फहमी मैटरनिटी, रीजनल हॉस्पिटल, रोहित अग्निहोत्री मैटरनिटी हॉस्पिटल, श्री गुरु हरिकृष्ण मैटरनिटी, मदर केयर हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी, डॉ. सीपी शर्मा हॉस्पिटल, रामकिशोर हॉस्पिटल, केशलता हॉस्पिटल, फिरदौस मैटरनिटी होम, नीलकंठ हॉस्पिटल, पटेल हॉस्पिटल, संभव हॉस्पिटल, मेधांस हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल शामिल हैं।
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निजी अस्पतालों द्वारा नियमित रिपोर्टिंग न करने का मुद्दा लगातार उठ रहा है। पिछले माह भी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी इस पर गंभीरता से चर्चा की गई थी। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने जनवरी माह तक प्राप्त सूचना न देने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को नोटिस जारी करने और फिर भी सुधार न होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले पर विभाग ने किन्हीं वजहों से रिपोर्टिंग से बच रहे निजी अस्पतालों का सर्वे कराया तो जनवरी तक बरेली शहर और सीमा से सटे 47 निजी अस्पतालों के नाम सामने आए। सभी को नोटिस जारी कर उन्हें तत्काल रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए।
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प्रभावित होती है स्वास्थ्य गतिविधियां
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के मुताबिक करीब पांच माह पहले निजी अस्पतालों को पोर्टल पर जन्म, मृत्यु, संक्रामक रोग (टीबी, डेंगू, मलेरिया, डिप्थीरिया आदि) की रिपोर्टिंग के निर्देश हैं। इसके लिए विभाग में पंजीकृत करीब तीन सौ निजी अस्पतालों को दिशानिर्देश जारी हुए थे। अब 80 फीसदी अस्पतालों की रिपोर्टिंग पोर्टल पर होने लगी है। शेष 20 फीसदी अस्पतालों को भी रिपोर्टिंग के लिए लगातार रिमाइंडर भेजा जा रहा है। बताया कि रिपोर्टिंग की कमी से रोगों से निदान के लिए नियमित टीकाकरण और अन्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। सही आंकड़े न होने से जिले की रैंकिंग पर भी असर पड़ता है।
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सूचना न देने वाले निजी अस्पताल
अनीता सिंघल नर्सिंग होम, अशोक किरन अस्पताल, धनवंतरि अस्पताल, डॉ. इरफान चाइल्ड केयर सेंटर, लोकप्रिय अस्पताल, मिशन अस्पताल, परिवार सेवा क्लिनिक, अर्क नंबर-4, शील नर्सिंग होम, श्री गंगाचरण हॉस्पिटल, कक्कड़ क्लिनिक एंड नर्सिंग होम, बीडी जनता हॉस्पिटल, खुसरो हॉस्पिटल, बरेली नर्सिंग होम, मुकुंद हॉस्पिटल, प्रताप हॉस्पिटल, सत्या हॉस्पिटल, विपिन हॉस्पिटल, भाष्कर हॉस्पिटल, अमन नर्सिंग होम, चंद्रलोक हॉस्पिटल, जनता एनोरेक्टल एंड मैटरनिटी, कोपल हॉस्पिटल, शिखर हॉस्पिटल, गाजी सकलैनी हॉस्पिटल, मून हॉस्पिटल, संगम नर्सिंग होम, शाहदाना हॉस्पिटल, ग्लोबल हॉस्पिटल, न्यू धनवंतरि हॉस्पिटल, रतन हॉस्पिटल, देव हॉस्पिटल, ताजुशरिया, बेग हॉस्पिटल एंड फहमी मैटरनिटी, रीजनल हॉस्पिटल, रोहित अग्निहोत्री मैटरनिटी हॉस्पिटल, श्री गुरु हरिकृष्ण मैटरनिटी, मदर केयर हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी, डॉ. सीपी शर्मा हॉस्पिटल, रामकिशोर हॉस्पिटल, केशलता हॉस्पिटल, फिरदौस मैटरनिटी होम, नीलकंठ हॉस्पिटल, पटेल हॉस्पिटल, संभव हॉस्पिटल, मेधांस हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल शामिल हैं।