Bareilly News: सेंट्रल जेल टू में बंदी ने फंदा लगाकर दी जान, पिता ने जेल प्रशासन पर लगाया हत्या का आरोप
सेंट्रल जेल टू में एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। उसने कैंटीन में गमछे से फंदा लगा लिया। जानकारी होने पर कर्मचारियों ने उसे नीचे उतारा। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
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बरेली सेंट्रल जेल टू की कैंटीन में पॉक्सो एक्ट के आरोपी अमर सक्सेना ने गमछा से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अमर के पिता ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात बंदीरक्षक पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला चंदन नगर निवासी अमर सक्सेना (20) सुभाषनगर थाने से जेल भेजा गया था। उसने थाना सुभाषनगर क्षेत्र निवासी लड़की से प्रेम विवाह किया था। बताते हैं कि वर्ष 2019 में लड़की के पिता ने बेटी को नाबालिग बताकर रिपोर्ट कराई थी।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो लड़की के मेडिकल परीक्षण के बाद पॉक्सो की धारा भी बढ़ा दी गई। तब से वह जमानत पर चल रहा था। कोर्ट में पेश न होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे और पांच मार्च को सुभाषनगर पुलिस ने उसे जेल भेजा था।
शनिवार रात में लगाया फंदा
शनिवार रात अमर ने कैंटीन से सटे स्टोर में गमछा से फंदा बनाकर फंदा लगा लिया। इसी दौरान कैंटीन में मौजूद बंदियों व कर्मचारियों ने उसे देखा तो चीखते हुए उधर की ओर दौड़े। उसे नीचे उतारकर जेल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया पर हालत बिगड़ती देखकर जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
अमर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो उसमें हैंगिंग (लटकने) से मौत की पुष्टि हुई। हालांकि अमर के पिता दुर्गा प्रसाद ने आरोप लगाया कि जेल के कर्मचारियों ने साजिशन उनके बेटे की हत्या की है। उन्हें लगता है कि कैंटीन के किसी विवाद को लेकर हत्या की गई है। मामले में अफसरों से शिकायत करेंगे।
पिता के आरोपों के बारे में जब वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि जेल में अच्छे आचरण वाले बंदियों को ही कैंटीन जैसी जिम्मेदारी दी जाती है। अमर को वह भी व्यक्तिगत रूप से जानते थे। अमर ने जब फंदा लगाया तो वहां वार्डर अनिल त्रिवेदी की ड्यूटी थी। लापरवाही में उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।