फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   prd duty

ड्यूटी लगवाने को विकास भवन के चक्कर काट रहे पीआरडी जवान

Tue, 03 Dec 2019 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:47 AM IST
विज्ञापन
prd duty
पीलीभीत। औद्योगिक इकाइयां न के बराबर हैं। शहर की एलएच चीनी मिल में पीआरडी जवानों की ड्यूटी नहीं लगती है। ऐसे में पीआरडी जवान रोजगार की कमी से जूझ रहे हैं। कुल 848 में से 239 पीआरडी जवानों को ही ड्यूटी मिल पा रही है। किसी तरह ड्यूटी पाने को विकास भवन स्थित जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल कार्यालय के बाहर पीआरडी जवानों की कतार लग रही है।
विज्ञापन

जनपद में पांच चीनी मिलें हैं। पूरनपुर, बरखेड़ा, बीसलपुर और मझोला चीनी मिल में तो पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है, लेकिन शहर में स्थित एलएच शुगर फैक्ट्री में इन्हें ड्यूटी पर नहीं लगाया है। मझोला मिल बंद होने के कारण बहुत कम संख्या रहती है। जिले में कुल 848 पीआरडी जवान युवा कल्याण विभाग में पंजीकृत हैं। लंबे समय तक ड्यूटी न मिलने पर इनमें से 200 पीआरडी जवानों ने खेती या अन्य धंधा पकड़कर जीवन जीने का जरिया बना रखा है। कई तो मजदूरी करने तक को मजबूर हैं।
विज्ञापन

निर्धारित संख्या को देखकर ड्यूटी पाने के लिए 350 जवान विकास भवन पहुंचे। इनमें से 89 जवानों को मांग के आधार पर, जबकि 150 को फैक्ट्री, मंडी आदि जगहों पर ड्यूटी पर रखा गया। शनिवार को करीब दो सौ से अधिक पीआरडी जवान ड्यूटी मिलने की आस में कार्यालय पहुंचे। जहां उनकी रोस्टर के मुताबिक ड्यूटी लगाई गई। पीआरडी जवानों की हालत बदतर है। साल भर में 365 दिन ड्यूटी नहीं मिल पाती। आधे से ज्यादा समय बेरोजगारी के दौर से गुजरना पड़ता है। जवानों के सामने हर समय रोजगार की समस्या बनी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीआरडी जवानों को प्रतिदिन 375 रुपये मानदेय के रूप में मिलते हैं, जो महंगाई के लिहाज से बहुत कम है। जवानों को वर्दी का इंतजाम भी खुद करना पड़ता है।
ड्यूटी लगवाने पहुंचे पीआरडी जवानों में कुछ ऐसे भी थे जो वर्ष 2015 से खाली है। वे मेहनत मजदूरी कर घर का खर्च चला रहे है। पीआरडी जवान ख्याली राम, आनंदी, राम स्वरूप ने बताया कि वह लंबे समय से ड्यूटी के लिए भटक रहे है। विभाग के अनुसार तीन साल से ड्यूटी पर न आने वाले जवानों की सदस्यता समाप्त कर दी जाती है।

पीआरडी जवानों की ड्यूटी रोस्टर प्रक्रिया के तहत लगाई जाती है। वर्तमान में 239 जवानों की ड्यूटी चल रही है। तीन माह बाद ड्यूटी बदलकर दूसरे जवान को भेजा जाता है। - नरेंद्र सिंह, जिला युवा कल्याण विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed