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काम पर रखने के बाद लड़कियों को शिकार फंसाने की ट्रैनिंग देता था प्रशांत

Tue, 11 Aug 2020 02:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2020 02:26 AM IST
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Prashant used to train girls to hunt after being hired
इसी भवन में पकड़ा गया कॉलसेंटर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

शिकार फंसने पर उससे सिर्फ दो हजार रुपये की ही की जाती थी ठगी
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ठगी का पता चलने पर कम रकम होने से खामोश होकर बैठ जाते थे नौजवान

बरेली। लॉकडाउन में बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने ठगने धंधा शहर में तीन महीने से चल रहा था। सरगना ने वक्त की नजाकत को भांपकर जिस तरीके से धंधा जमाया, उससे कम समय में ही उसने लाखों रुपये की वसूली कर ली। शिकार फंसने पर उससे सिर्फ दो हजार रुपये ही ठगे जाते थे, ऐसा इसलिए किया जाता था कि कम रकम होने के कारण लोग कार्रवाई के झंझट में न पड़ें और खामोश होकर बैठ जाएं। काम पर रखने के बाद कॉल सेंटर संचालक प्रशांत लड़कियों को बाकायदा शिकार फंसाने की ट्रैनिंग देता था।
कोरोना की वजह से आई मंदी के चलते कई कंपनियां बंद हो गईं। जो चल भी रही हैं, उन्होंने भी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। ऐसे में बेरोजगारी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। बेरोजगार युवक नई नौकरी के लिए अपनी योग्यता के मुताबिक नौकरी डॉट कॉम जैसी भरोसेमंद वेबसाइट पर जमकर आवेदन कर रहे हैं। इसी का फायदा कंप्यूटर के जानकार प्रशांत ने उठाया। उसने गरीब परिवारों की लड़कियों को कॉल सेंटर के बहाने धंधे से जोड़ा। शुरू में उन लड़कियों को भी यही बताया जाता था कि यह नौकरी डॉट कॉम का ही कॉल सेंटर है। बाद में उन्हें भरोसे में लेकर असलियत बता दी जाती थी। नौकरी और पगार के लालच में लड़कियां यह काम कर रही थीं।
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प्रशांत का काम नौकरी डॉट कॉम की वेबसाइट से आवेदक का नंबर और ईमेल आदि जुटाना था। वह इनकी लिस्ट बनाकर लड़कियों को दे देता था। इसके बाद लड़कियां कॉल करके बताती थीं कि नौकरी डॉट कॉम पर उसने जो आवेदन किया था, उसके मुताबिक फलां कंपनी में काम मिल सकता है। इससे पहले सिक्योरिटी के रूप में दो हजार रुपये जमा करने होंगे। इन लोगों को प्रशांत के खाते में रुपये भेजने को कहा जाता था। बदले में इनका फर्जी कॉल लेटर भी इनकी पर्सनल मेल आईडी पर भेज दिया जाता था। दूरदराज की कंपनी में नौकरी का कॉल लेटर मिलने पर कई लोग तो जाते ही नहीं थे। जिन्हें अपने ठगे जाने का अहसास हो भी जाता था वे भी खामोश होकर बैठ जाते थे। दो हजार तक की ठगी होने पर दूसरे प्रदेशों और शहरों की पुलिस भी इसे गंभीरता से नहीं लेती थी।
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इंगलिश स्पीकिंग कोर्स कराया

प्रशांत ने कुछ लड़कियों को इंग्लिश स्पीकिंग का कोर्स भी कराया था। वह लड़कियों को घंटों तक एक कागज पर बातचीत के अंश लिखकर लड़कियों को उसके मुताबिक बोलने की ट्रेनिंग देता था। उन्हें सिखाता था कि कस्टमर से प्रभावशाली लहजे में कैसे बात करनी है और उसे हर हाल में अपनी शर्त मनवाने के लिए कैसे तैयार करना है। ज्यादा कस्टमरों को फंसाकर ठगी करने वाले लड़कियों को अलग से इंसेंटिव भी देता था।

सेक्स रैकेट पकड़ने का मचा शोर

पंद्रह दिन पहले ही बारादरी पुलिस ने इसी क्षेत्र के एक होटल में सेक्स रैकेट पकड़ा था। तब भी काफी फोर्स ने एक साथ छापा मारा था। सोमवार को फिर इसी तरह की कार्रवाई हुई और पुलिस गाड़ियों में लड़कियों को लेकर थाने आई तो सैक्स रैकेट पकड़े जाने का शोर मच गया। लड़कियां स्थानीय होने के नाते अपने चेहरे छुपाती नजर आईं। पत्रकारों ने भी पुलिस से सेक्स रैकेट पकड़े जाने को लेकर सवाल किए। एसपी वर्मा का कहना था कि हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन इसकी जांच करा ली जाएगी।
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