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Bareilly News: घटा कर तो बढ़ा कारोबार, टैक्स समायोजन पर असमंजस बरकरार
Tue, 23 Sep 2025 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 23 Sep 2025 01:45 AM IST
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सिबिल लाइंस में इलेक्ट्रॉनिक समान की खरीदारी करते लोग - अमर उजाला
बरेली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी-2) की घटी दर सोमवार से लागू हुई तो कारोबार में उछाल दर्ज हुआ। दैनिक उपयोग के सामान से लेकर लग्जरी उत्पादों की कीमत अब क्या होगी? यह जानने की जिज्ञासा में शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कतार लगी रही। रेडीमेड गारमेंट्स, दवा, ऑटोमोबाइल कारोबारियों में टैक्स समायोजन को लेकर असमंजस बरकरार रहा। कई कारोबारियों की ओर से पुराने स्टॉक को पुरानी कीमतों पर ही बिक्री किए जाने की चर्चा रही।
इससे पहले रविवार देर रात तक कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों के कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर अपडेट कराते रहे, ताकि सोमवार को प्रतिष्ठान खुलने पर जीएसटी के नए स्लैब के मुताबिक उत्पादों की बिक्री की जा सके। सोमवार की सुबह नाश्ते से लेकर भोजन की थाली तक, लोगों को कई उत्पाद सस्ते में मिले। घी, तेल, स्नैक्स, सॉस, नूडल्स, कॉफी, बटर आदि सस्ते मिले। ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही सामान्य दिनों से ज्यादा रही। कई कीमत पूछकर लौटे, तो कुछ ने खरीदारी भी की।
श्यामगंज, कुतुबखाना, आलमगिरीगंज, राजेंद्रनगर, सुभाषनगर व अन्य बड़े बाजारों के ऐसे व्यापारी जिनके पास पैकेज्ड फूड, शीतल पेय पदार्थ, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, शेविंग क्रीम, हेयर ऑयल, दुग्ध उत्पाद, टूथपेस्ट आदि का पुराना स्टॉक था, उन्होंने पुरानी एमआरपी पर उत्पाद बेचे। जबकि, ये 12 से पांच फीसदी दर पर आ गए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए उत्पादों की बिक्री के बाद बिल भी नहीं दिया।
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कारोबारियों को सता रही पेनॉल्टी की आशंका
होलसेल और रिटेल में कितनी जीएसटी चार्ज करनी है, इसकी जानकारी के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट को कॉल कर पूछताछ का दौर सुबह से शाम तक जारी रहा। दवा, कपड़ा के कई होलसेलर सुबह प्रतिष्ठान पर जाने के बजाय सीधे सीए के कार्यालय पहुंच गए। उनको डर सता रहा है कि अगर जाने-अनजाने भी सरकारी खजाने में जीएसटी तय दर के सापेक्ष कम पहुंची तो बाद में सर्वे के दौरान पेनॉल्टी का भुगतान करना पड़ेगा।
जानने गए थे कितनी घटी कीमत, करा ली बुकिंग
नई दरें लागू होने के बाद वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान अब किस कीमत पर मिलेंगे, यह जानने तमाम लोग शोरूम पर पहुंचे। कई ऐसे रहे जो 50 हजार से एक लाख रुपये तक कीमत में गिरावट की जानकारी पर नवरात्र के शुभ मौके पर उसकी बुकिंग भी करा ली। महानवमी और धनतेरस पर उसे घर ले जाएंगे। कारोबारियों ने सोमवार को जिले में 160 कारों और करीब चार सौ बाइकों की बुकिंग होने का अनुमान जताया है।
कीमत घटी तो खरीद ली लग्जरी कार
नए स्लैब से वाहन सस्ते होने का इंतजार था। नवरात्र पर लग्जरी कार खरीदी। 1.19 लाख रुपये सस्ती मिली। - आयुष पटेल, ग्राहक
माल वाहक वाहन अब किस कीमत पर मिलेगा, यह जानने आया था। कीमत बजट में रही तो बुकिंग करा ली। - जितेंद्र कुमार, ग्राहक
पहले दिन हुई 13 गाड़ियों की बुकिंग
जीएसटी की दर कम होने का लाभ ग्राहकों को मिल रहा है। पहले ही दिन 13 गाड़ियों की बुकिंग हुई है। - अनिल अग्रवाल, कारोबारी
रेडीमेड गारमेंट जिनकी कीमत 2499 रुपये थी, वे पांच और इससे ऊपर वाले पर 18 फीसदी जीएसटी लगी। - पारिजात गुप्ता, कारोबारी
सीमेंट पर 28 से 18 फीसदी जीएसटी हो गई। अब ग्राहकों को प्रति बोरी 30 रुपये की बचत हो रही है। - सजल अग्रवाल, कारोबारी
थोक दवा विक्रय पर क्या जीएसटी होगी, ये असमंजस था। सीए ने पांच फीसदी बताया तो उसी पर बिक्री की। - जितेंद्र सिंह, कारोबारी
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जीएसटी अब 28 से 18 फीसदी हो गई। सभी ग्राहकों को इसी दर पर सामान बेचे गए। - इंद्रराज सहगल, कारोबारी
कारोबारियों को दी बिलिंग की जानकारी
कपड़ा, ऑटोमोबाइल्स, दवा कारोबारियों के कई फोन आए। उन्हें बिलिंग और दर की जानकारी दी गई। - वैभव चावला, चार्टर्ड अकाउंटेंट
ऊंची दर से खरीदे स्टॉक को अब 18 या पांच फीसदी पर बेचने हैं। क्रेडिट कैसे मिलेगा, इसका असमंजस है। - अमित टंडन, चार्टर्ड अकाउंटेंट
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इससे पहले रविवार देर रात तक कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों के कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर अपडेट कराते रहे, ताकि सोमवार को प्रतिष्ठान खुलने पर जीएसटी के नए स्लैब के मुताबिक उत्पादों की बिक्री की जा सके। सोमवार की सुबह नाश्ते से लेकर भोजन की थाली तक, लोगों को कई उत्पाद सस्ते में मिले। घी, तेल, स्नैक्स, सॉस, नूडल्स, कॉफी, बटर आदि सस्ते मिले। ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही सामान्य दिनों से ज्यादा रही। कई कीमत पूछकर लौटे, तो कुछ ने खरीदारी भी की।
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श्यामगंज, कुतुबखाना, आलमगिरीगंज, राजेंद्रनगर, सुभाषनगर व अन्य बड़े बाजारों के ऐसे व्यापारी जिनके पास पैकेज्ड फूड, शीतल पेय पदार्थ, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, शेविंग क्रीम, हेयर ऑयल, दुग्ध उत्पाद, टूथपेस्ट आदि का पुराना स्टॉक था, उन्होंने पुरानी एमआरपी पर उत्पाद बेचे। जबकि, ये 12 से पांच फीसदी दर पर आ गए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए उत्पादों की बिक्री के बाद बिल भी नहीं दिया।
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कारोबारियों को सता रही पेनॉल्टी की आशंका
होलसेल और रिटेल में कितनी जीएसटी चार्ज करनी है, इसकी जानकारी के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट को कॉल कर पूछताछ का दौर सुबह से शाम तक जारी रहा। दवा, कपड़ा के कई होलसेलर सुबह प्रतिष्ठान पर जाने के बजाय सीधे सीए के कार्यालय पहुंच गए। उनको डर सता रहा है कि अगर जाने-अनजाने भी सरकारी खजाने में जीएसटी तय दर के सापेक्ष कम पहुंची तो बाद में सर्वे के दौरान पेनॉल्टी का भुगतान करना पड़ेगा।
जानने गए थे कितनी घटी कीमत, करा ली बुकिंग
नई दरें लागू होने के बाद वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान अब किस कीमत पर मिलेंगे, यह जानने तमाम लोग शोरूम पर पहुंचे। कई ऐसे रहे जो 50 हजार से एक लाख रुपये तक कीमत में गिरावट की जानकारी पर नवरात्र के शुभ मौके पर उसकी बुकिंग भी करा ली। महानवमी और धनतेरस पर उसे घर ले जाएंगे। कारोबारियों ने सोमवार को जिले में 160 कारों और करीब चार सौ बाइकों की बुकिंग होने का अनुमान जताया है।
कीमत घटी तो खरीद ली लग्जरी कार
नए स्लैब से वाहन सस्ते होने का इंतजार था। नवरात्र पर लग्जरी कार खरीदी। 1.19 लाख रुपये सस्ती मिली। - आयुष पटेल, ग्राहक
माल वाहक वाहन अब किस कीमत पर मिलेगा, यह जानने आया था। कीमत बजट में रही तो बुकिंग करा ली। - जितेंद्र कुमार, ग्राहक
पहले दिन हुई 13 गाड़ियों की बुकिंग
जीएसटी की दर कम होने का लाभ ग्राहकों को मिल रहा है। पहले ही दिन 13 गाड़ियों की बुकिंग हुई है। - अनिल अग्रवाल, कारोबारी
रेडीमेड गारमेंट जिनकी कीमत 2499 रुपये थी, वे पांच और इससे ऊपर वाले पर 18 फीसदी जीएसटी लगी। - पारिजात गुप्ता, कारोबारी
सीमेंट पर 28 से 18 फीसदी जीएसटी हो गई। अब ग्राहकों को प्रति बोरी 30 रुपये की बचत हो रही है। - सजल अग्रवाल, कारोबारी
थोक दवा विक्रय पर क्या जीएसटी होगी, ये असमंजस था। सीए ने पांच फीसदी बताया तो उसी पर बिक्री की। - जितेंद्र सिंह, कारोबारी
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जीएसटी अब 28 से 18 फीसदी हो गई। सभी ग्राहकों को इसी दर पर सामान बेचे गए। - इंद्रराज सहगल, कारोबारी
कारोबारियों को दी बिलिंग की जानकारी
कपड़ा, ऑटोमोबाइल्स, दवा कारोबारियों के कई फोन आए। उन्हें बिलिंग और दर की जानकारी दी गई। - वैभव चावला, चार्टर्ड अकाउंटेंट
ऊंची दर से खरीदे स्टॉक को अब 18 या पांच फीसदी पर बेचने हैं। क्रेडिट कैसे मिलेगा, इसका असमंजस है। - अमित टंडन, चार्टर्ड अकाउंटेंट