छलक पड़ा पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह का दर्द, बोले- मुझ पर कलंक लग गया, अब मैं किस मुंह से आंवला जाऊं
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उत्तर प्रदेश के सिंचाईं मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मपाल सिंह शुक्रवार को पहली बार बरेली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शाम को हेड पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित कोठी के विशाल प्रांगण में समर्थकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि अपने दो साल चार महीने के कार्यकाल में उन्होंने पूरी तरह ईमानदारी से काम किया है। मुख्यमंत्री चाहें तो उनके कार्यकाल की जांच करा लें।
उन्होंने कहा कि कहीं भी भ्रष्टाचार मिले तो मुझे जेल भिजवा दें। उनके कार्यकाल में कहीं भी भ्रष्टाचार मिले तो वे खुद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। समर्थकों के बीच धर्मपाल सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनकी मां है और कोई मां कभी अपने बच्चे का अहित नहीं करती।
हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों से उनके समर्थक काफी आहत हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनके समर्थक जरा भी निराश न हों और अनुशासन में रहें। अपने कार्यकाल में ईमानदारी से काम करने की बात कई बार दोहराते हुए कहा कि उन्हें तो लखनऊ तक के लोग बरेली पहुंचाने आए हैं। समर्थकों को संबोधित करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका कार्यकाल साफसुथरा रहा है। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
कलंक लग गया.. अब किस मुंह से आंवला जाऊं
समर्थकों को संबोधित करते-करते धर्मपाल एक बार काफी भावुक भी हो गए। बोले- मुझ पर कलंक लग गया, अब मैं किस मुंह से आंवला जाऊं। पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने दोनों बेटों से कह दिया है कि वे अब सक्षम हो गए हैं इसलिए वह अब कहीं भी एकांतवास पर चले जाएंगे।
समर्थकों को संबोधित करते हुए धर्मपाल सिंह ने उन पर लगे कुछ आरोपों पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि बरेली में उनका कोई घर नहीं है। हेड पोस्ट ऑफिस के सामने जिस कोठी के प्रांगण में वह समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, उसे उन्होंने अपने भाई की संपत्ति बताया। अखबारों में छपी खबर पर तीखे ढंग से प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि रामपुर बाग में करोड़ों रुपये की उनकी कोठी बताई गई है, लेकिन यह सरासर झूठ है। उनका बरेली में कोई घर नहीं है। सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पर रोजाना 40 लीटर दूध की खपत पर भी बोले कि यह दूध तो आगंतुकों के स्वागत-सत्कार पर खर्च होता था, लेकिन उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया है।