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जमानत के पांचवें दिन गौरव अरमान की जेल से रिहाई
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बरेली। बिथरी में मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के आरोपी गौरव सिंह अरमान को जमानत के पांचवें दिन जेल से रिहा कर दिया गया। 20 तारीख को अदालत ने उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली, थी, मगर रिहाई परिवाना बुधवार देर शाम पहुंचा। जेल से निकलने के दौरान गौरव अरमान ने मीडिया से बात नहीं की और कार में बैठकर काफिले के साथ रवाना हो गए।
एडीजे 15 नरेश कुमार की अदालत में जमानत अर्जी पर 20 जुलाई को सुनवाई हुई थी। गौरव के वकील अरविंद श्रीवास्तव ने मोहर्रम पर हुए विवाद में उसको गलत फंसाने की दलील दी थी। उन्होंने अदालत को बताया कि इस घटना में न कोई घायल हुआ, न ही पुलिस ने किसी का मेडिकल परीक्षण कराया। घटना का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है। एफआईआर भी देर से दर्ज की गई और इसमें गौरव का नाम राजनीतिक दुर्भावना की वजह से दस महीने बाद जोड़ा गया। अरविंद श्रीवास्तव ने यह भी तर्क दिया कि एफआईआर में विधायक और दूसरे लोगों के ताजिये रोकने की बात लिखी गई है लेकिन इसमें किसी व्यक्ति का स्पष्ट रोल नहीं है। डीजीसी फौजदारी अखिलेश सक्सेना ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए गौरव के कृत्य को काफी गंभीर प्रकृति का बताया। गौरव का आपराधिक इतिहास होना भी बताया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गौरव अरमान की याचिका को जमानत योग्य माना और शाम को उसकी जमानत मंजूर कर ली गई। सोमवार को गौरव की जमानत के पक्ष में 50-50 हजार के दो जमानती पेश किए गए। जमानत तस्दीक होने के बाद बुधवार शाम कोर्ट ने गौरव अरमान की रिहाई का आदेश जारी कर दिया। शाम करीब सात बजे परवाना जिला जेल पहुंचा। गौरव के दो वकील जिला जेल गेट तक गए। बाकी लोग चार-पांच गाड़ियों में कुछ दूरी पर इंतजार करते रहे। कागजी खानापूर्ति के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे गौरव अरमान जेल से बाहर निकले। वहां मौजूद मीडिया वालों के सवाल करने पर गौरव ने प्रेसवार्ता करने की बात कही। इसके बाद वह कार में बैठकर काफिले के साथ रवाना हो गया।
यह था मामला
21 सितंबर 2018 को एसआई ब्रजपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि घटना वाले दिन वह खजुरिया ब्रहमनान में तैनात थे। वहां विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, कमलेश प्रधान, संजीव, नत्थू, गौरव सिंह अरमान आदि सौ-डेढ़ सौ लोग शाम को चार बजे एकराय होकर मोहर्रम पर खजुरिया ब्रह्मनान से होकर ताजिये न निकालने देने को लेकर भड़काऊ भाषणबाजी कर रहे थे। रास्ते में लोगों को रोककर गालीगलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी और अजितेश प्रकरण के बाद पुलिस ने गौरव अरमान को गिरफ्तार कर 14 जुलाई कोजेल भेजा था।
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एडीजे 15 नरेश कुमार की अदालत में जमानत अर्जी पर 20 जुलाई को सुनवाई हुई थी। गौरव के वकील अरविंद श्रीवास्तव ने मोहर्रम पर हुए विवाद में उसको गलत फंसाने की दलील दी थी। उन्होंने अदालत को बताया कि इस घटना में न कोई घायल हुआ, न ही पुलिस ने किसी का मेडिकल परीक्षण कराया। घटना का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है। एफआईआर भी देर से दर्ज की गई और इसमें गौरव का नाम राजनीतिक दुर्भावना की वजह से दस महीने बाद जोड़ा गया। अरविंद श्रीवास्तव ने यह भी तर्क दिया कि एफआईआर में विधायक और दूसरे लोगों के ताजिये रोकने की बात लिखी गई है लेकिन इसमें किसी व्यक्ति का स्पष्ट रोल नहीं है। डीजीसी फौजदारी अखिलेश सक्सेना ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए गौरव के कृत्य को काफी गंभीर प्रकृति का बताया। गौरव का आपराधिक इतिहास होना भी बताया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गौरव अरमान की याचिका को जमानत योग्य माना और शाम को उसकी जमानत मंजूर कर ली गई। सोमवार को गौरव की जमानत के पक्ष में 50-50 हजार के दो जमानती पेश किए गए। जमानत तस्दीक होने के बाद बुधवार शाम कोर्ट ने गौरव अरमान की रिहाई का आदेश जारी कर दिया। शाम करीब सात बजे परवाना जिला जेल पहुंचा। गौरव के दो वकील जिला जेल गेट तक गए। बाकी लोग चार-पांच गाड़ियों में कुछ दूरी पर इंतजार करते रहे। कागजी खानापूर्ति के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे गौरव अरमान जेल से बाहर निकले। वहां मौजूद मीडिया वालों के सवाल करने पर गौरव ने प्रेसवार्ता करने की बात कही। इसके बाद वह कार में बैठकर काफिले के साथ रवाना हो गया।
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यह था मामला
21 सितंबर 2018 को एसआई ब्रजपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि घटना वाले दिन वह खजुरिया ब्रहमनान में तैनात थे। वहां विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, कमलेश प्रधान, संजीव, नत्थू, गौरव सिंह अरमान आदि सौ-डेढ़ सौ लोग शाम को चार बजे एकराय होकर मोहर्रम पर खजुरिया ब्रह्मनान से होकर ताजिये न निकालने देने को लेकर भड़काऊ भाषणबाजी कर रहे थे। रास्ते में लोगों को रोककर गालीगलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी और अजितेश प्रकरण के बाद पुलिस ने गौरव अरमान को गिरफ्तार कर 14 जुलाई कोजेल भेजा था।
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