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अब डेलीगेट सदस्यों के हस्ताक्षर कराकर दोबारा मीटिंग कराने की कवायद में जुटी भाजपा
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बहेड़ी। सहकारी गन्ना विकास समिति अब भाजपा व सपा का अखाड़ा बनकर रह गई है। सपा समर्थित चेयरमैन को गद्दी से उतारने के लिए भाजपा ने सारे दांव खेल दिए, लेकिन उनके हर वार का सपा ने काट कर दिया। साधारण सभा की मीटिंग में तमाम विरोध के बावजूद सचिव ने कोरम पूरा होने पर मीटिंग करा दी तो उसका खामियाजा सचिव को तबादले के रूप में झेलना पड़ा। अब साधारण सभा की बैठक दोबारा कराने के लिए डेलीगेट सदस्यों का हस्ताक्षर अभियान भाजपा ने छेड़ दिया है, लेकिन सब कुछ इस बार बेहद खामोशी के साथ हो रहा है।
चेयरमैन केंद्र पाल सिंह ने कहा कि भाजपा ने उन्हें पद से हटाने के लिए तमाम जोर लगाए, लेकिन न्यायालय में उन्हें विजय मिली। उसके बाद साधारण सभा की बैठक को निरस्त करने के प्रयास भी विफल रहे। अब साधारण सभा की बैठक को दोबारा कराने के लिए डेलीगेट सदस्यों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक पूरे कोरम के साथ संपन्न हुई थी और कानूनन दोबारा बैठक नहीं हो सकती। वर्ष में एक बार ही साधारण सभा की बैठक होती है। डेलीगेट सदस्यों को भाजपा के लोग और चीनी मिल से संबंधित कुछ लोग बहका रहे हैं। चीनी मिल के पांच सेंटर दूसरी चीनी मिलों को किसानों की मांग पर आवंटित करने का प्रस्ताव तत्कालीन सचिव ने भेजा था। सचिव का रातोंरात तबादला करवा दिया। इस मामले में आला अधिकारियों को लिखित शिकायती पत्र भेजा गया है।
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चेयरमैन केंद्र पाल सिंह ने कहा कि भाजपा ने उन्हें पद से हटाने के लिए तमाम जोर लगाए, लेकिन न्यायालय में उन्हें विजय मिली। उसके बाद साधारण सभा की बैठक को निरस्त करने के प्रयास भी विफल रहे। अब साधारण सभा की बैठक को दोबारा कराने के लिए डेलीगेट सदस्यों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक पूरे कोरम के साथ संपन्न हुई थी और कानूनन दोबारा बैठक नहीं हो सकती। वर्ष में एक बार ही साधारण सभा की बैठक होती है। डेलीगेट सदस्यों को भाजपा के लोग और चीनी मिल से संबंधित कुछ लोग बहका रहे हैं। चीनी मिल के पांच सेंटर दूसरी चीनी मिलों को किसानों की मांग पर आवंटित करने का प्रस्ताव तत्कालीन सचिव ने भेजा था। सचिव का रातोंरात तबादला करवा दिया। इस मामले में आला अधिकारियों को लिखित शिकायती पत्र भेजा गया है।
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