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Bareilly News: पुलिस ने दी झिड़की, कोर्ट के आदेश पर खुली न्याय की खिड़की
Thu, 15 Oct 2026 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:15 AM IST
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बरेली। अदालतों पर यूं ही लोगों का भरोसा कायम नहीं है। पीड़ित को जब हर तरफ से मायूसी मिलती है तो वह अदालत की शरण में पहुंचता है। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें पीड़ित को थाने में पुलिस की झिड़की मिली। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। थानों में सुनवाई न होने के कारण अदालतों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 173 (4) के तहत आने वाली अर्जियों की संख्या बढ़ रही है। जिले की अदालतों में हर माह औसतन 60 से 70 अर्जियां पहुंच रही हैं। पेश है एक रिपोर्ट...।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट, 20 साल बाद दोषियों को हुई सजा
जनवरी 2006 में देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव पिपरा नानकार निवासी कनीज पर गांव के ही एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया था। इस दौरान खुद का चाकू लगने से एक हमलावर की मौत हो गई थी। पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से कनीज के भाई-भतीजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन कनीज तहरीर लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। बाद में उसने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली। अपर सत्र अदालत ने इस मामले में 20 साल बाद तीन अक्तूबर को बाबू, सलीम, नईम और नबी बक्श को पांच-पांच साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
इसी साल 11 जुलाई को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव चंदपुर बिचपुरी निवासी एक युवक पर महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए पुलिस को कॉल की। पुलिस आरोपी को थाने ले गई। वहां संदिग्ध हालात में घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसने इंस्पेक्टर समेत स्टाफ पर थाने में पीटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। आखिर युवक ने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
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कई महीने भटका पीड़ित, काेर्ट के आदेश पर ठगी की रिपोर्ट
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर रामपुर निवासी करन से निवेश के नाम पर कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी ने 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। एक के बाद एक ठगी के कई मामलों में गुलाटी के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होने के बाद करन ने भी थाने का रुख किया, लेकिन उनको टरका दिया गया। कई महीने भटकने के बाद कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गुलाटी के खिलाफ ठगी के आरोप में सौवीं एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने अनसुनी की फरियाद तो कोर्ट पहुंचा पीड़ित
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव रूरिया निवासी शेखर अपनी ही जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए कई महीने थाने और फिर अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मायूसी मिली। शेखर के अनुसार, भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया में उनकी कृषि भूमि है। बल्लिया निवासी आठ लोगों ने उनकी भूमि के कूटरचित विक्रय दस्तावेज तैयार कर उस पर कब्जा कर लिया। कब्जा छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये रंगदारी मांग रहे हैं। पुलिस से मायूसी मिलने के बाद शेखर ने अदालत का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर फरीदपुर पुलिस ने छह अक्तूबर को आठ लोगों के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर ली।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने लिखी रिपोर्ट
नवाबगंज निवासी यासीन ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर वसीयत कराए जाने के मामले में कोर्ट की शरण ली तो पुलिस को छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। यासीन ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट को बताया कि गांव ईध जागीर स्थित भूमि में वह सह खातेदार हैं। उनकी भूमि का कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिये फर्जी वसीयतनामा तैयार करा लिया। 2024 में उप निबंधन कार्यालय में सांठगांठ कर राशिदा बी के पक्ष में वसीयतनामा पंजीकृत भी करा दिया गया। उन्होंने कई बार थाने में तहरीर दी। 17 से 22 अप्रैल 2026 के बीच पुलिस अधिकारियों से भी मिले, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट, 20 साल बाद दोषियों को हुई सजा
जनवरी 2006 में देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव पिपरा नानकार निवासी कनीज पर गांव के ही एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया था। इस दौरान खुद का चाकू लगने से एक हमलावर की मौत हो गई थी। पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से कनीज के भाई-भतीजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन कनीज तहरीर लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। बाद में उसने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली। अपर सत्र अदालत ने इस मामले में 20 साल बाद तीन अक्तूबर को बाबू, सलीम, नईम और नबी बक्श को पांच-पांच साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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थाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
इसी साल 11 जुलाई को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव चंदपुर बिचपुरी निवासी एक युवक पर महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए पुलिस को कॉल की। पुलिस आरोपी को थाने ले गई। वहां संदिग्ध हालात में घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसने इंस्पेक्टर समेत स्टाफ पर थाने में पीटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। आखिर युवक ने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
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कई महीने भटका पीड़ित, काेर्ट के आदेश पर ठगी की रिपोर्ट
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर रामपुर निवासी करन से निवेश के नाम पर कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी ने 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। एक के बाद एक ठगी के कई मामलों में गुलाटी के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होने के बाद करन ने भी थाने का रुख किया, लेकिन उनको टरका दिया गया। कई महीने भटकने के बाद कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गुलाटी के खिलाफ ठगी के आरोप में सौवीं एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने अनसुनी की फरियाद तो कोर्ट पहुंचा पीड़ित
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव रूरिया निवासी शेखर अपनी ही जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए कई महीने थाने और फिर अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मायूसी मिली। शेखर के अनुसार, भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया में उनकी कृषि भूमि है। बल्लिया निवासी आठ लोगों ने उनकी भूमि के कूटरचित विक्रय दस्तावेज तैयार कर उस पर कब्जा कर लिया। कब्जा छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये रंगदारी मांग रहे हैं। पुलिस से मायूसी मिलने के बाद शेखर ने अदालत का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर फरीदपुर पुलिस ने छह अक्तूबर को आठ लोगों के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर ली।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने लिखी रिपोर्ट
नवाबगंज निवासी यासीन ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर वसीयत कराए जाने के मामले में कोर्ट की शरण ली तो पुलिस को छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। यासीन ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट को बताया कि गांव ईध जागीर स्थित भूमि में वह सह खातेदार हैं। उनकी भूमि का कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिये फर्जी वसीयतनामा तैयार करा लिया। 2024 में उप निबंधन कार्यालय में सांठगांठ कर राशिदा बी के पक्ष में वसीयतनामा पंजीकृत भी करा दिया गया। उन्होंने कई बार थाने में तहरीर दी। 17 से 22 अप्रैल 2026 के बीच पुलिस अधिकारियों से भी मिले, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।