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45 लाख की शराब का सच अब तक सामने नहीं ला सकी है पुलिस

Wed, 16 Jun 2021 11:44 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 11:44 PM IST
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Police has not yet been able to reveal the truth of 45 lakh liquor
शराब (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

ट्रक चालक से पूछताछ करने जल्द बरेली आएगी एसआईटी
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शराब कारोबारी मनोज जायसवाल को भी नहीं पकड़ सकी पुलिस

बरेली। डोहरा रोड पर ट्रक में पकड़ी गई 45 लाख की देसी शराब का सच ढाई महीने बाद भी सामने नहीं आ सका है। अलबत्ता विवेचना एसआईटी को ट्रांसफर कर दी गई है। इतना ही नहीं पुलिस अब तक आरोपी शराब कारोबारी मनोज जायसवाल को भी नहीं पकड़ सकी है। पुलिस यह तक पता नहीं लगा सकी कि शराब कहां से आई थी और कहां खपाई जानी थी। चूंकि शराब एसआईटी द्वारा सीज की गई सहारनपुर की टपरी स्थित डिस्टिलरी की थी, लिहाजा अब इस मामले की जांच भी एसआईटी कर रही है। जल्द ही एसआईटी जांच के लिए बरेली आएगी।
बारादरी पुलिस और एसओजी ने 24 मार्च को डोहरा रोड पर शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के गोदाम के पास से शराब लदा ट्रक पकड़ा था। ट्रक में 1415 पेटी अंगूरी ब्रांड की शराब थी। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह ब्रांड बरेली में नहीं बिकता है। बरामद शराब की कीमत 45 लाख रुपये आंकी गई। शासन के आदेश पर एसआईटी ने सहारनपुर की टपरी स्थित डिस्टिलरी पहले ही सीज कर दी थी। जांच में पता चला कि फैक्टरी से जहां शराब जानी थी, वह मनोज जायसवाल के रिश्तेदार का गोदाम था, लेकिन वहां से शराब दुकानों पर न भेजकर बरेली भेज दी गई। पूरे मामले से बरेली पुलिस को पर्दा उठाना था लेकिन ढाई महीने की विवेचना के बाद भी पुलिस सच सामने नहीं ला सकी।
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बारादरी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम राजकुमार ने बताया कि पूरा मामला उन्नाव से जुड़ा है। आबकारी विभाग ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। पकड़े गए चालक संजय ने शराब वहीं के गोदाम से लेकर आने की बात कही थी। उन्नाव गए तो वहां गोदाम सीज था। गोदाम का स्टाक चेक करके ही विवेचना आगे बढ़ सकती थी, लेकिन गोदाम सीज होने की वजह से यह संभव नहीं हो सका। आबकारी विभाग की कोई मदद नहीं मिली और शराब कारोबारी मनोज जायसवाल भी पकड़ में नहीं आ सका। इस कारण साक्ष्य इकट्ठे नहीं किए जा सके। चूंकि एसआईटी पहले से ही इस मामले में विवेचना कर रही है, उसके पास उन्नाव और सहारनपुर डिस्टिलरी का पूरा रिकॉर्ड भी है। उसने ही वहां गोदाम और फैक्टरी सीज की है। लिहाजा उम्मीद है कि जल्द ही एसआईटी इस मामले में बड़ा खुलासा करेगी। सूत्रों की मानें तो ट्रक चालक संजय से पूछताछ करने एसआईटी की टीम जल्द ही बरेली आएगी।
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गोदाम सीज तो कहां से निकली शराब

विवेचक इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पकड़ा गया ट्रक चालक संजय जमानत पर छूट गया है। इसके बाद उसे पकड़कर पूछताछ की गई। उसने बताया कि ट्रक में उन्नाव से शराब लादकर लाया था। संजय को लेकर इंस्पेक्टर उन्नाव गए। संजय उन्हें जिस गोदाम पर ले गया, उसे एसआईटी ने पहले ही सीज कर रखा था। बकौल इंस्पेक्टर उन्होंने तहकीकात की कि संजय झूठ तो नहीं बोल रहा है लेकिन उसने जो बातें बताई वे सब ठीक थीं। ऐसे में पुलिस भी चकमा खा गई कि जो गोदाम एसआईटी ने सीज कर रखा है, उससे शराब कैसे बाहर निकल सकती है।
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