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UP: कम पढ़े-लिखे लोगों को रुपये देकर खुलवाते खाता, फिर उसमें आता है ठगी का पैसा; ऐसे चलता साइबर क्राइम का धंधा
Sun, 13 Oct 2024 05:19 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 13 Oct 2024 05:19 PM IST
सार
शाहजहांपुर जिले में आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित लोगों के खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले दस आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 32 पासबुक, दस चेक बुक, एटीएम कार्ड और तमंचे बरामद किए गए हैं।
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दस आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित लोगों के खाते खुलवाकर साइबर ठगी का रुपये मंगाने वाले गिरोह का चौक कोतवाली पुलिस व सविलांस सेल की संयुक्त टीम ने खुलासा किया। पुलिस ने दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 32 पासबुक, दस चेक बुक, एटीएम कार्ड और तमंचे बरामद किए गए हैं। चौक कोतवाली क्षेत्र के बाईपास के पास पुलिस ने साइबर ठगी को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में पुलिस ने साइबर ठगी की घटना का खुलासा किया।
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एसपी सिटी संजय कुमार ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पुलिस ने चंदन मिश्रा निवासी गौहरपुरा, मोहन सक्सेना निवासी बाबूजई, समीर गुप्ता निवासी मोहल्ला बिजलीपुरा, अनुभव गौतम निवासी मघईटोला, अर्जुन निवासी मोहम्मद जई, केशव केवट निवासी बड़ी विसरात, जावेद हसन निवासी मोहल्ला किला, करन राजपूत निवासी मोहल्ला हुसैनपुरा, मोनू रस्तोगी निवासी मोहल्ला हुसैनपुरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
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एसपी सिटी ने बताया कि चंदन एक मुकदमे में जेल जाने के बाद बिहार के युवक से मिला था। जेल से निकलने के बाद उसने गैंग बनाकर काम को शुरू किया। गिरोह के सदस्य कम पढ़े लिखे लोगों को दो से पांच हजार रुपये देकर खाते खुलवाकर एटीएम व पासबुक ले लेते थे। उसके बाद बिहार, बंगाल और झारखंड में अपने गिरोह के सदस्यों को भेजते थे। अलग-अलग राज्यों में विभिन्न हथकंडों से होने वाली ठगी का रुपया खातों में भेजा जाता है। उनके खातों से दूसरे राज्यों में रुपये निकाले जाते थे। इसके बदले उन्हें चार से आठ हजार रुपये मिलते थे। पुलिस उनकी अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
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