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हरी भरी का दावा चला कर दिखाएंगे प्लांट 

Wed, 31 May 2017 01:23 AM IST
बरेली। 
बरेली।  Updated Wed, 31 May 2017 01:23 AM IST
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Plant to show green claims
Plant to show green claims - फोटो : Plant to show green claims
पिछले पांच सालाें से बंद पड़े रजऊ परसपुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के शुरू होने की एकमात्र उम्मीद नगर निगम ने हरी भरी एजेंसी से लगाई है। एकेसी स्वामित्व वाले मैनजमेंट प्लांट को चलाने से पहले हरी भरी को इसकी जर्जर मशीनों को ठीक करना है। साथ ही आगे अड़चन बनने वाले कानूनी दांव पेंचों से भी खुद ही निपटना है। लगातार निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे एजेंसी के एमडी अमित पारसनाथ कुमार से अमर उजाला ने बातचीत में  बताया कि डेढ़ करोड़ रुपये में मशीनों को ठीक किया जाएगा। करीब 12 से 15 करोड़ रु पये प्लांट चलाने में खर्च होगा। 
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अमित कुमार ने बताया कि मशीन को मरम्मत कराना और नये पार्ट लगाना नगर निगम बरेली से हमारे एग्रीमेंट का हिस्सा है। जो लीगल झगड़ा पहले से चल रहा है उस पर तो एजेंसी खर्च नहीं करेगी लेकिन अगर हमारे प्लांट चलाने में कोई अड़ंगा लगाएगा तो उसे दखल मानते हुए हम कोर्ट में जाएंगे। साथ ही पर्यावरण के मानकाें को पूरा करते हुए प्लांट चलाएंगे। इनका कहना है कि प्लांट चलाने के लिए नगर निगम की पैरवी कोर्ट में सही नहीं रही। कोर्ट ने कहा है कि प्लांट को रिहाइशी इलाके से दूर चलाएं और 20 मीटर में ग्रीन बेल्ट हो। मैंने प्लांट देखा है वहां ग्रीन बेल्ट है। प्लांट में तो केवल कंपोस्ट खाद बनता है  कोई महामारी तो फैलती नहीं है।  सरकार ने पूरा सहयोग देने की बात कही है। अगर कोई नहीं चलाने देगा तो उससे सरकार निपटेगी। 
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कूड़ा उठाने का अनुबंध 
मेयर कहते हैं कि हरी भरी से केवल प्लांट चलाने का अनुबंध है। जब प्लांट चल जाएगा तब कू ड़ा उठाने का अनुबंध लागू होगा। अमित कुमार कहते हैं कि एग्रीमेंट दोनों एक साथ है। कूड़ा भी उठाया जाएगा और प्लांट भी चलाया जाएगा। लेकिन  पार्षदाें का कहना है कि पहले प्लांट चले इसलिए प्लांट चलाने में हरी भरी की दिलचस्पी है। एक से डेढ़ माह में हम प्लांट शुरू कर देंगे। 
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इलाहाबाद में अच्छा काम न होता तो सर्वे बिगड़ता 
स्वच्छता सर्वेक्षण में  इलाहाबाद 247 रैंक मिला। अमित कहते हैं कि इलाहाबाद में  प्रशासन ने सहयोग नहीं किया। इसलिए काम नीचे आ गया और प्लांट बंद हो गया था। यूजर चार्ज की वसूली नहीं हो पा रही थी तो राजस्व नहीं आया। लिमिटेड बजट के हिसाब से चलाया। अब दोबारा अनुबंध हुआ है। हम अच्छा काम करेंगे। 
 हाईटेक तरीके से उठाएंगे कूड़ा 
अमित बोले, बरेली में  जमीन हमें लीज पर हमें जाएगी। जून या जुलाई में प्लांट शुरू करना है इसलिए लगातार काम कर रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 150 नए ई- रिक्शा लांच किये जाएंगे। एक मोबाइल एप लांच करेंगे अगर कूड़ा नहीं उठा तो लोग उस पर शिकायत कर सकेंगे। लोगों को घर- घर से जोड़ेंगे जिनको कूड़ा उठवाने और यूजर चार्ज वसूल करवाने में मदद करने की जिम्मेदारी देंगे। 

- कंपनी तो एक लाख की बताई जा रही है 
अमित कहते हैं कि कंपनी एक लाख की होती है लेकिन इसकी वैल्यू बढ़ाई जाती है। जब काम शुरू किया तो इसमें लोग जुड़ते गए, इवेंस्टमेंट हुआ। मैं आईआईटी दिल्ली का प्रोडक्ट हूं।  कई माहिर लोग कंपनी से जुड़े हैैं। इलाहाबाद में भी 15 करोड़ रुपये लगाया गया। रामपुर में 22 सौ मेगावाट का पावर प्लांट लगा रहे हैँ। इसके अलावा मुरादाबाद, आगरा, का भी काम मिला है। आने वाले सालाें में यूपी में 400 करोड़ रुपये कंपनी इंवेस्ट करेगी। हम खाद केे बड़े निर्माता बनेंगे। बरेली में 60 टन खाद बनाने का लक्ष्य है। 
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