Bareilly Fire: चार लोग जिंदा जल गए, बाकी ने भागकर बचाई जान, फैक्टरी प्रबंधन बचाता रहा कीमती सामान
फरीदपुर में हाईवे किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार शाम आग लगने से चार मजदूर जिंदा जल गए थे। हादसे के बाद फैक्टरी प्रबंधन के लोग कीमती सामान बचाने में जुटे रहे, लेकिन मजदूरों की जान की परवाह नहीं की।
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बरेली के फरीदपुर क्षेत्र में बुधवार रात अशोका फोम फैक्टरी की मशीन में धमाके बाद लोहे के एंगल पर टिका ढांचा थोड़ी ही देर में भरभराकर ढह गया। इस बीच मजदूरों का जोर जान बचाने और प्रबंधन का जोर कीमती माल बचाने पर रहा। इसे लेकर लापता लोगों की तलाश को बेचैन परिजनों की फैक्टरी प्रबंधन के लोगों से तीखी तकरार हुई।
लखनऊ हाईवे के किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में बुधवार देर शाम लगी भीषण आग में चार मजदूर जिंदा जल गए। परिजनों के हंगामे के बाद रेस्क्यू में लगी टीमों ने देर रात उनके अवशेष फैक्टरी के अंदर से निकाले। शर्मनाक बात यह रही कि जब आग लगी तो फैक्टरी प्रबंधन के लोग कीमती सामना बचाते रहे, लेकिन लोगों की जान की परवाह नहीं की।
फैक्टरी के अंदर थे करीब 50 मजदूर
फोम फैक्टरी लोहे के भारी भरकम एंगल पर बनाई गई था। इसके ऊपर लोहे की ही मोटी चादर छत की तरह इस्तेमाल की गई। फैक्टरी के दो प्लांट हैं। इनमें से एक प्लांट में हादसा हुआ। चश्मदीद मजदूरों के मुताबिक जिस प्लांट में शाम सात बजे मशीन में धमाका हुआ, वहां का पूरा ढांचा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस दौरान आठ बजे की शिफ्ट खत्म होने में कुछ देर थी और करीब 50 मजदूर अंदर थे।
हादसे के दौरान फैक्टरी में भगदड़ मची और मजदूर बाहर भागने लगे। कार्यरत स्टाफ ने भी बाहर जाकर जान बचाई और प्रबंधन के लोगों को सूचना दी। ये लोग आए और कीमती गद्दे व सामान खींचकर बाहर करने लगे। इस बीच अधिकांश मजदूर बाहर बाग निकले जबकि आठ दस लोग अंदर फंस गए। साथियों ने ही इनमें से अधिकांश को निकाल लिया।
फैक्टरी का गेट कर दिया था बंद
प्रबंधन ने बवाल की आशंका भांपकर झुलसे लोगों को बिना नाम पता नोट किए निजी अस्पतालों में भिजवा दिया। फैक्टरी का मेन गेट सुरक्षा गार्डों से बंद करा दिया गया। गुस्साए ग्रामीणों की इस पर गार्डों व प्रबंधन के लोगों से तकरार हुई। पुलिस भी ग्रामीणों के पक्ष में खड़ी दिखा और फिर गेट खुलवाकर इन लोगों को अंदर किया गया। शवों की तलाश का काम इसके बाद शुरू हो सका।