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विभाजन की घटना देश के लिए गहरा जख्म: प्रो. नवीन
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इसमें विस्थापित भारतीयों के संघर्ष का स्मरण व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक केंद्र के संगीत क्लब की छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया। प्रथम सत्र में मेरठ विवि के प्रो. नवीन चंद्र गुप्ता ने कहा कि विभाजन की घटना भारत के इतिहास के लिए एक गहरा जख्म है, जो आज तक ताजा है और भर नहीं सका है। कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि विभाजन की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह चिंतन का विषय है, जिस पर अध्ययन व शोध भी करना चाहिए। ताकि सही तथ्य की जानकारी विद्यार्थियों को मिल सके। समापन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों कृष्ण मुरारी असर, महानंदन सेवक, शांति शरण स्वरूप व देव स्वरूप भारद्वाज के परिजनों को शॉल और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. पीबी सिंह, मुख्य नियंता प्रो. एके सिंह, डॉ. अमित कुमार सिंह, प्रो. विजय बहादुर सिंह, राजेन विद्यार्थी उपस्थित रहे। संवाद
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सांस्कृतिक केंद्र के संगीत क्लब की छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया। प्रथम सत्र में मेरठ विवि के प्रो. नवीन चंद्र गुप्ता ने कहा कि विभाजन की घटना भारत के इतिहास के लिए एक गहरा जख्म है, जो आज तक ताजा है और भर नहीं सका है। कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि विभाजन की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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यह चिंतन का विषय है, जिस पर अध्ययन व शोध भी करना चाहिए। ताकि सही तथ्य की जानकारी विद्यार्थियों को मिल सके। समापन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों कृष्ण मुरारी असर, महानंदन सेवक, शांति शरण स्वरूप व देव स्वरूप भारद्वाज के परिजनों को शॉल और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. पीबी सिंह, मुख्य नियंता प्रो. एके सिंह, डॉ. अमित कुमार सिंह, प्रो. विजय बहादुर सिंह, राजेन विद्यार्थी उपस्थित रहे। संवाद
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