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दो बार पाकिस्तान, एक बार हिंदुस्तान में मिला तीन तलाक
बरेली
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:00 AM IST
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शहर की बेटी परवीन की जिंदगी दुश्वारियां झेलते गुजरी है। उन्हें दो बार पाकिस्तान में तो एक बार हिंदुस्तान में तीन तलाक झेलना पड़ा। फिलहाल मायके में रहकर बेटी को पढ़ा रही हैं। कोशिश है कि बेटी अफसर बनकर उनका नाम रोशन करे।
पुराना शहर के कोट मोहल्ला निवासी अब्दुल्ला खां भारतीय सेना में जवान थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पुलिस में नौकरी की। परवीन उन्हीं की बेटी हैं। विदेशी दामाद की चाहत में अब्दुल्ला ने 1985 में पाकिस्तान के इरफान खां से बेटी की शादी की। एक साल बाद इरफान ने परवीन को तीन तलाक दे दिया। वर्ष 1989 में वह भारत लौटीं तो यहां घरवालों ने बारादरी निवासी शहादत खां से उनकी शादी कर दी। उनसे एक बेटी हुई। चूंकि परवीन पाकिस्तानी वीजा पर भारत आई थीं सो उसे रिन्यूवल कराने के लिए पाकिस्तान जाना था। इसका शहादत ने विरोध किया। परवीन गईं तो शहादत ने उन्हें तीन तलाक दे दिया। परवीन फिर भारत लौट आईं। वर्ष 2009 में रिन्यूवल के लिए फिर पाकिस्तान जाना पड़ा। वहां शिनाख्ती कार्ड के लिए गारंटर नहीं मिला तो परवीन ने करांची के इम्तियाज बेग से निकाह कर लिया। तीन साल साथ रहने के बाद जब परवीन ने भारत लौटने को कहा तो इम्तियाज ने भी उन्हें तीन तलाक दे दिया। तब से वह बेटी के साथ मायके में हैं। बेटी इंटर की स्टूडेंट है। परवीन की तमन्ना है कि बेटी अफसर बने।
जेल अधीक्षक भाई करते हैं मदद
परवीन ने बताया कि छोटे भाई एमए खान फिरोजाबाद के जेल अधीक्षक हैं। वह परिवार की मदद करते हैं। मायके के अन्य लोग भी सहारा देते हैं। परवीन खुद भी स्वावलंबी हैं। आजीविका के लिए खुद भी कामकाज करती रहती हैं।
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भारतीय नागरिकता को करेंगी आवेदन
परवीन ने बताया कि वह फिलहाल पाकिस्तानी पासपोर्ट के सहारे यहां रह रही हैं। निश्चित अवधि पर वे भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करेंगी। उन्हें भारत से प्यार है और वह बाकी उम्र यहीं गुजारना चाहती हैं। उम्मीद है कि सरकार और कानून उनकी मदद करेगा।
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पुराना शहर के कोट मोहल्ला निवासी अब्दुल्ला खां भारतीय सेना में जवान थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पुलिस में नौकरी की। परवीन उन्हीं की बेटी हैं। विदेशी दामाद की चाहत में अब्दुल्ला ने 1985 में पाकिस्तान के इरफान खां से बेटी की शादी की। एक साल बाद इरफान ने परवीन को तीन तलाक दे दिया। वर्ष 1989 में वह भारत लौटीं तो यहां घरवालों ने बारादरी निवासी शहादत खां से उनकी शादी कर दी। उनसे एक बेटी हुई। चूंकि परवीन पाकिस्तानी वीजा पर भारत आई थीं सो उसे रिन्यूवल कराने के लिए पाकिस्तान जाना था। इसका शहादत ने विरोध किया। परवीन गईं तो शहादत ने उन्हें तीन तलाक दे दिया। परवीन फिर भारत लौट आईं। वर्ष 2009 में रिन्यूवल के लिए फिर पाकिस्तान जाना पड़ा। वहां शिनाख्ती कार्ड के लिए गारंटर नहीं मिला तो परवीन ने करांची के इम्तियाज बेग से निकाह कर लिया। तीन साल साथ रहने के बाद जब परवीन ने भारत लौटने को कहा तो इम्तियाज ने भी उन्हें तीन तलाक दे दिया। तब से वह बेटी के साथ मायके में हैं। बेटी इंटर की स्टूडेंट है। परवीन की तमन्ना है कि बेटी अफसर बने।
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जेल अधीक्षक भाई करते हैं मदद
परवीन ने बताया कि छोटे भाई एमए खान फिरोजाबाद के जेल अधीक्षक हैं। वह परिवार की मदद करते हैं। मायके के अन्य लोग भी सहारा देते हैं। परवीन खुद भी स्वावलंबी हैं। आजीविका के लिए खुद भी कामकाज करती रहती हैं।
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भारतीय नागरिकता को करेंगी आवेदन
परवीन ने बताया कि वह फिलहाल पाकिस्तानी पासपोर्ट के सहारे यहां रह रही हैं। निश्चित अवधि पर वे भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करेंगी। उन्हें भारत से प्यार है और वह बाकी उम्र यहीं गुजारना चाहती हैं। उम्मीद है कि सरकार और कानून उनकी मदद करेगा।