बदायूं में हादसा: डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, दोस्त गंभीर घायल; अग्निवीर बनने का टूटा सपना
बदायूं के बिसौली क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह डंपर की टक्कर से अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे तरुण यादव (19) की मौत हो गई। उसका साथी अर्पित यादव (18) गंभीर रूप से घायल है। दोनों ने अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास कर शारीरिक दक्षता की तैयारी कर रहे थे।
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बदायूं के बिसौली क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक तरुण यादव की जान चली गई, जबकि दूसरा अर्पित यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों युवा अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा पास कर चुके थे और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। हादसे के बाद डंपर लेकर चालक भाग गया। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया।
गांव गुलड़िया निवासी अर्पित (18 वर्ष) और तरुण उर्फ बाबू (19 वर्ष) मदनलाल इंटर कॉलेज में दौड़ लगाकर लौट रहे थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे एक डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क किनारे खंती में जा गिरी। दोनों युवक सड़क पर बुरी तरह घायल होकर गिर गए।
अर्पित की हालत नाजुक
सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय तरुण ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अर्पित की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। उसका इलाज बरेली में जारी है।
आधे घंटे तक परिजन ने लगाया जाम
तरुण का शव लाने के बाद परिजन ने ग्रामीणों संग शाम 4 बजे कछला-बिसौली-आसफपुर-शाहबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने आरोपी डंपर चालक को पकड़ने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि सुबह बड़ी संख्या में ओवरलोड डंपर इसी सड़क से निकलते हैं। बड़ी संख्या में युवा अग्निवीर बनने के लिए तैयारी कर रहे हैं। उनकी जान को भी खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे तक डंपरों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की। जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर बिसौली इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाया। पुलिस की सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। ग्रामीणों ने एक साथ 30 से 40 डंपरों के निकलने पर रोक लगाने की मांग उठाई।
मां बोली- सेना में जाने से पहले ही बलिदान हो गया मेरा लाल
सेना में जाने से पहले ही बलिदान हो गया मेरा लाल... करुण क्रंदन करते हुए ये शब्द जब तरुण की मां हेमलता के मुख से निकले तो हर किसी की आंख नम हो गई। बोलीं- बेटे ने हाल में ही भारतीय सेना में अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास की थी, वह शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के लिए अभ्यास कर रहा था।
भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना संजोए 18 वर्षीय तरुण की सड़क हादसे में मौत होने के बाद मनोज के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पोस्टमॉर्टम के बाद बृहस्पतिवार को जब तरुण का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिवार को उम्मीद थी कि तरुण सेना की वर्दी पहनकर उनका नाम रोशन करेगा।
लिखित परीक्षा में उसके चयन की तैयारी को लेकर घर में खुशी का माहौल था, लेकिन हादसे ने परिवार के सारे सपने चकनाचूर कर दिए। तरुण की इकलौती बहन अन्नू भी भाई की मौत से बदहवास थी। रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले भाई का साथ छूट जाने पर वह फूट-फूटकर रोती रही। वह बार-बार कहती रही, भइया लौट आओ, रक्षाबंधन पर राखी किसके हाथ पर बांधूंगी।