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पिंजरे के पास पहुंच दूसरी रात भी लौट गया तेंदुआ
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कैंट एरिया जंगल में घूम रहा तेंदुआ बुधवार को भी नहीं पकड़ा जा सका। डीएफओ आदर्श कुमार का कहना है कि लगातार हो रही बारिश की वजह से तेंदुए को पकड़ने में देरी हो रही है। एक्सपर्ट की टीम जुटी हुई हैं। मंगलवार रात तेंदुआ कई बार ट्रैकिंग कैमरों में कैद हुआ। इस दौरान एक बार वह एक पिंजरे के पास भी गया, लेकिन पिंजरे के अंदर नहीं घुसा।
कैंट एरिया जंगल में तेंदुआ को देखे गए करीब 15 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान वह कई बार केंद्रीय विद्यालय एक के आस-पास भी देखा गया। इसके चलते कई दिन केंद्रीय विद्यालय को बंद रखा गया। तेंदुआ कई बार कैंटोमेंट के रिहायशी इलाकों में भी आया। आस-पास के गांवों में भी उसे देखा गया। हालांकि, अब तक तेंदुए ने किसी मानव को नुकसान नहीं पहुंचाया है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए कैंट एरिया जंगल में दो स्थानों पर पिंजरे रखकर उसमें बकरों को बांधा गया है। तेंदुआ लगातार दूसरे दिन भी पिंजरे के पास पहुंचा, लेकिन बकरे का शिकार करने के लिए वह पिंजरे के भीतर नहीं घुसा। पिंजरे के पास से ही वह लौट गया। इससे पहले वन विभाग की टीम ने तेंदुए को लालच देने के लिए पिंजरों के बाहर बांधा था, जिसे तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया था। सोमवार रात को भी तेंदुआ पिंजरे के पास गया था, लेकिन रविवार के दिन शिकार किए गए बकरे के वहां पड़े अवशेष को ही खींच कर ले गया था। उसकी यह तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई है। मंगलवार रात भी तेंदुआ कई बार कैमरों में कैद हुआ। डीएफओ आदर्श कुमार का कहना है कि तेंदुआ कैंट जंगल में ही है। उसे पकड़ने के लिए एक्सपर्ट की टीमें लगी हुई हैं। रात में लगातार हो रही बारिश से कुछ समस्या आ रही है। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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कैंट एरिया जंगल में तेंदुआ को देखे गए करीब 15 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान वह कई बार केंद्रीय विद्यालय एक के आस-पास भी देखा गया। इसके चलते कई दिन केंद्रीय विद्यालय को बंद रखा गया। तेंदुआ कई बार कैंटोमेंट के रिहायशी इलाकों में भी आया। आस-पास के गांवों में भी उसे देखा गया। हालांकि, अब तक तेंदुए ने किसी मानव को नुकसान नहीं पहुंचाया है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए कैंट एरिया जंगल में दो स्थानों पर पिंजरे रखकर उसमें बकरों को बांधा गया है। तेंदुआ लगातार दूसरे दिन भी पिंजरे के पास पहुंचा, लेकिन बकरे का शिकार करने के लिए वह पिंजरे के भीतर नहीं घुसा। पिंजरे के पास से ही वह लौट गया। इससे पहले वन विभाग की टीम ने तेंदुए को लालच देने के लिए पिंजरों के बाहर बांधा था, जिसे तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया था। सोमवार रात को भी तेंदुआ पिंजरे के पास गया था, लेकिन रविवार के दिन शिकार किए गए बकरे के वहां पड़े अवशेष को ही खींच कर ले गया था। उसकी यह तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई है। मंगलवार रात भी तेंदुआ कई बार कैमरों में कैद हुआ। डीएफओ आदर्श कुमार का कहना है कि तेंदुआ कैंट जंगल में ही है। उसे पकड़ने के लिए एक्सपर्ट की टीमें लगी हुई हैं। रात में लगातार हो रही बारिश से कुछ समस्या आ रही है। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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