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डीएम ने चेयरमैन के पति को बुलाकर समझाई फाइल ले जाने की हकीकत

Fri, 22 Nov 2019 11:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 11:15 PM IST
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पीलीभीत। नगरपालिका से बुधवार रात को फाइलें मंगवाए जाने पर मचे बवाल के बीच जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पालिका चेयरमैन पति प्रभात जायसवाल को अपने दफ्तर बुलाकर हकीकत समझाई। डीएम ने कहा कि प्रशासन की ओर से भेजे गए अफसरों ने नगरपालिका में छापा नहीं मारा था, बल्कि केवल फाइल मंगाई थी। इसलिए इस पर किसी तरह भ्रम नहीं फैलना चाहिए। नगरपालिका से जो अभिलेख मिले वह काफी महत्वपूर्ण थे और उसके आधार पर अब आइस फैक्टरी की संपत्ति की वसीयत के आधार पर हैसियत प्रमाण पत्र का आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि फर्जी अभिलेख के आधार पर आवेदक का हैसियत प्रमाण पत्र बनना संभव नहीं था। इसलिए उसे वापस कर दिया गया। जहां तक रात में फाइलें मंगाने की बात है तो जब जिस समय किसी विभाग से फाइल मंगाने की जरूरत होती है, तब वहां से फाइलें मंगाई जा सकती हैं। जब संबंधित फाइल मंगाई गई तो वहां नगरपालिका की ईओ मौजूद थीं। नगरपालिका दफ्तर के ताले भी प्रशासन ने नहीं तुड़वाए। यह ईओ का काम था कि वह जरूरी फाइलें किस तरह से उपलब्ध करातीं। उनके पास चाबी नहीं थी तो ताले तोड़ने का निर्णय ईओ ने लिया। ताले तोड़ने में प्रशासन की भूमिका नहीं थी। डीएम ने कहा कि प्रशासन किसी भी मामले में तथ्यों को भली भांति जांचने परखने के बाद ही निर्णय लेगा।
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डीएम ने की अपील- 20 रुपये की दवाई डालकर नष्ट करें पराली
पीलीभीत। डीएम ने किसानों से पराली खेतों में न जलाने की एक बार फिर से अपील की। उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट बहुत सख्त है। सरकार ने भी इसी के मद्देनजर सख्ती से रोक लगाई है। वह किसानों की हर संभव मदद करने को तैयार हैं, लेकिन कोई भी किसान खेतों में पराली न जलाए। किसान संगठन, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि से लेकर प्रत्येक जागरूक नागरिक इसमें प्रशासन का सहयोग करें। किसानों को जहां पराली नष्ट करने में परेशानी है तो उसकी दवाई मात्र 20 रुपये की है। वह खेतों में डालकर पराली को नष्ट किया जा सकता है। उसे खरीद लें। कहीं कोई दिक्कत आए तो उनसे या फिर तहसीलों में उप जिलाधिकारियों से मिल सकते हैं।
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