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मानसून की पहली ही बौछार में व्यवस्था तार-तार
बरेली
Updated Fri, 26 Jun 2015 02:24 AM IST
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मानसून की पहली बारिश में शहर डूबा नजर आया। जगह-जगह जलभराव होने से रफ्तार थम गई। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। न लोग घरों से निकले न वाहन चले। कई जगह हादसे भी हुए। शहर की पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हुई। मढ़ीनाथ में पानी में बिजली का करंट आने से दो भैंसे और बदायूं रोड पर एक बैल की मौत हो गई। सीबीगंज में ठाकुरद्वारा मंदिर में पानी भर गया। नाले के पानी का निकास न होने से परसाखेड़ा चौकी में पानी भर गया। बुधवार रात शुरू हुई बारिश से बिजली सप्लाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
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बुधवार रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दिन भर जारी रही। बारिश के चलते लोग जरूरी काम से ही सफर को निकले। ट्रेन और बसों में कम यात्री चलने से लोगों ने सहूलियत के साथ सफर किया। वहीं सड़क और रेल मार्ग भीगा होने से बस और ट्रेनें थोड़ी कम रफ्तार से चलने के कारण लेट हुई। दोपहर बारह बजे बरेली से जाने वाली ऊना हिमाचल एक्सप्रेस एक बजे गई। दोपहर के समय इस ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री खासे परेशान दिखे। इसके अलावा जंक्शन पर अन्य कई ट्रेनें भी देरी से आने की वजह से यात्रियों को प्रतीक्षा करते हुए देखा गया। उधर, सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस स्टैंड पर भी यात्रियों की संख्या कम दिखी। सवारियां कम होने से बस को चालक कंडक्टर समय से काफी देरी से लेकर रवाना हुए। दिन भर हुई बारिश से यातायात पर खासा प्रभाव पड़ा।
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शहर में ब्लैक आउट
पहली बारिश ने बेहतर सप्लाई देने के विभागीय वादाें को चकनाचूर कर दिया। बुधवार रात में ही ब्लैक आउट हो गया था। रही कसर गुरुवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने पूरी कर दी। इससे शहर के सभी 17 सब स्टेशन ठप हो गए। कोहाड़ापीर को राजेंद्रनगर से और महानगर को डीडी पुरम से जोड़कर देर शाम चालू कराया गया। सुभाषनगर और इज्जतनगर में कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से दयनीय स्थिति बनी रही। जगतपुर उपकेंद्र से पोषित इलाके देर रात तक सामान्य नहीं हो पाए। कटरा चांद खां में जलभराव होने से मोबाइल ट्रांसफार्मर चालू नहीं किया जा सका, क्याेंकि केबिल सड़क पर पड़ी थी और करंट का खतरा था। सहसवानी टोला पुलिया पर रखा ट्रांसफार्मर धराशायी हो गया। संजयनगर, प्रियदर्शनी नगर, पुराना शहर, दुर्गानगर, कांकर टोला, रोहिली टोला, किला, भूड़, प्रेमनगर, आजादनगर, नवादा शेखान, बालजती, जोगी नवादा, हजियापुर, माधोबाड़ी, गुदड़ बाग, मॉडल टाउन आदि दर्जनों इलाकाें में दूसरे दिन भी सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई। जगह-जगह लाइनाें पर पेड़ और टहनियां गिर गई। सब स्टेशनों के उपकरण प्रभावित हुए। बारिश होने से लाइन पर घंटों काम शुरू नहीं हो पाया। बदहवास स्टॉफ देर रात तक सप्लाई सामान्य करने के लिए जूझता रहा।
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हादसे
रिलायंस की ओर से फोर जी केबल लाइनें बिछाने के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढों में भी पानी भर गया। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक ये गड्ढे रिलायंस को ही पाटने थे, लेकिन ज्यादातर गड्ढे नहीं पाटे गए। नगर निगम के इंजीनियर ने बिजली केबल बिछाने वाली कंपनी केईआई से रोड कटिंग के नाम पर 49 लाख रुपये जमा कराए गए और कहीं भी कितने भी गड्डे खोदने की छूट दे दी गई। पहली बारिश में इन गड्ढों में कई लोग चोटिल हो गए। रामपुर बाग स्थित नगर आयुक्त आवास के सामने गड्डों में कई कारें फंस गयी।
स्टेशन रोड पर नई सीवर लाइन बिछाने के लिए नगर निगम के ठेकेदार ने सड़क के डिवाइडर के एक साइड में मनचाहे गड्ढे खोदकर डाल दिए। सड़क के दोनों ओर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया। इससे तहसील के सामने गड्ढे में देर शाम दो बाइक चालक गिरकर चोटिल हो गए।
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चारों सीवर पंपिंग स्टेशन बंद
जल निकासी के लिए नगर निगम के बनाए गए सराय तल्फी, कटरा चांद खां, आवास विकास और संजय नगर सीवर पंपिंग स्टेशन बारिश के दिन बंद रहे। संजय स्टेशन पर 10 दिन से डीजल नहीं पहुंचा। यहां महीनों से पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब है। सराय तल्फी का पंपिंग स्टेशन छह महीने से बंद है। बाकी का भी यही हाल है।
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बिजली गिरी, युवक की मौत
बिशारतगंज। फतेहगंज के इस्माइलपुर गांव के मजरा फतेहगंज में बृहस्पतिवार अपराह्न बिजली गिरने से 18 वर्षीय रामसेवक उर्फ लटूरी की मौत हो गई। कुंवर सेन पाली का 18 साल का बेटा रामसेवक उर्फ लटूरी अपराह्न करीब तीन बजे जंगल में पशु चरा रहे अपने छोटे भाई को बुलाने गया था। रास्ते में बिजली गिरने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि मृत तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता कुंवर सेन पाली करीब आठ वर्ष पहले कहीं चले गए और नहीं लौटे। करीब बीस दिन पहले इसकी मां गंगा देवी भी लापता हो गई। उस पर भाई विनोद और 15 वर्षीय बहन पूनम की देखरेख का जिम्मा था।
राम गंगा नदी में जल स्तर बढ़ा
गंगा के बीच में बनी झोपड़ी हटाने के निर्देश
बरेली। घनघोर बारिश से राम गंगा नदी में जल स्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी जल स्तर सामान्य से कम है लेकिन प्रशासन ने निरंतर बढ़ते जल स्तर के मद्देनजर सतर्कता बरतने के निर्देश तहसीलदार (सदर) को जारी किए हैं। एडीएम (फाइनेंस) ने कहा है कि वह गंगा के बीच में बनी झौपड़ी तथा अन्य सामान को हटवा दें।
एडीएम फाइनेंस ने बताया कि इस बार बाढ़ की आशंका के चलते प्लान तैयार कर लिया गया है। कालागढ़ से गंगा नदी को होने वाले बहाव के मद्देनजर नहर, सिंचाई, आपूति, विद्युत तथा अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके आलावा कालागढ़ बांध के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं, जैसे-जैसे वहां से राम गंगा नदी में पानी छोड़ा जाएगा, वैसे ही प्रशासनिक तैयारियां तेज हो जाएंगी।
उन्होंने बताया कि तहसील सदर में आपात स्थिति के लिए आधा दर्जन नावों का इंतजाम भी कर लिया है। पीएसी और सेना के गोताखोर भी एलर्ट कर दिए हैं। आसपास के गांवों में रहने वाले गोताखोरों की सूूची लेखपालों के पास है, किसी भी विषम परिस्थिति में उनकी सेवाएं ले ली जाएंगी।