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कुतुबखाना पर ड्रोन उड़ा तो लगा मजमा
बरेली
Updated Fri, 19 Jun 2015 01:42 AM IST
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शासन से बरेली पुलिस को मिले ड्रोन का बृहस्पतिवार को कुतुबखाना पर परीक्षण किया गया। पुलिस अफसरों की मौजूदगी में यहां पहली बार हुए इस तरह के प्रयोग को देखने के लिए काफी भीड़ लग गई। पुलिस को कई बार सख्ती से लोगों को हटाना पड़ा।
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कोतवाली में ड्रोन देखने के लिए दरोगाओं और सिपाहियों की भी भीड़ लगी। पुराना स्टाफ कौतूहल से देख रहा था तो नई उम्र के दरोगा ड्रोन की बारीकियां देखकर इसके साथ सेल्फी लेते दिखे। फिर इसे कुतुबखाना ले जाया गया। वहां एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा भी पहुंच गए। सीओ सिटी और कोतवाल पहले से मौजूद थे। पहली कोशिश में ड्रोन उड़ा नहीं। तकनीकी स्टाफ ने चेक किया तो पता लगा कि बैटरी डिस्चार्ज है। कुछ देर बाद दूसरी बैटरी डालकर इसे चलाया गया। फिर यह घंटाघर से थोड़ा ऊपर तक गया। नीचे खड़े कंट्रोलर ने रिमोट से इसे आसपास उड़ाया। इस बीच ड्रोन में लगे कैमरे से लाइव वीडियो नीचे लैपटॉप की स्क्रीन पर आ रही थी। दुकानदार और स्थानीय लोग इसे देखकर अचंभे में थे। थोड़ी देर बाद इसे उतार लिया गया।
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यह है ड्रोन की खासियत
बरेली पुलिस को मिले ड्रोन की कीमत करीब साढ़े पांच लाख रुपये है। संबंधित कंपनी ही पुलिस को इसके संचालन में तकनीकी मदद दे रही है। मौके पर मौजूद कंपनी के डायरेक्टर (सेल) राजीव विरमानी ने बताया कि इसमें दस मेगा पिक्सल का कैमरा लगा है जो रिमोट के जरिए ऊपर नीचे किया जा सकता है। यह रिमोट के इर्द-गिर्द एक हजार मीटर तक जा सकता है। अधिकतम 400 मीटर तक ऊंचा जा सकता है। बेहतर तस्वीर के लिए 150 मीटर तक की ऊंचाई होनी चाहिए। बवाल की स्थिति में आरोपियों की सटीक पहचान, छत पर रखे पत्थरों की लोकेशन और छिपकर घात लगाए बैठे हमलावरों की साफ तस्वीरें इससे मिल सकती हैं। इसमें वीडियो की रिकार्डिंग भी होती है।
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