{"_id":"a1dafff006ce1731554e2eb6bf5585e9","slug":"other-hindi-news-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के फेफड़ों में दम भर रही सेना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के फेफड़ों में दम भर रही सेना
बरेली
Updated Fri, 05 Jun 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरहद के रक्षक जवानों के हाथ पर्यावरण की रक्षा के लिए भी उठे हैं और शहर को प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प लेकर वह धरा को हराभरा बनाने के लिए शिद्दत से जुटे हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण की इस अनूठी मुहिम के रूप में सेना की गरुड़ डिवीजन के जवान कैंट एरिया की खाली पड़ी जमीन पर पेड़-पौधे लगाने में जुटे हुए हैं। सात हजार से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं।
विज्ञापन
पौधारोपण के इस अभियान की शुरुआत गरुड़ डिवीजन में जनवरी से शुरू हुई। डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीपीएस भाकुनी (विशिष्ट सेवा मेडल) ने इसकी पहल करते हुए अपनी डिवीजन के सारे जवानों के लिए पर्यावरण संरक्षण के कार्य में जुटाया। एक परेड के दौरान उन्होंने सारे जवानों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया इसके बाद तो अभियान ऐसा शुरू हुआ कि पहले ही चरण में डेढ़-दो हजार से ज्यादा पौधे रोप दिए गए। सिर्फ जवानों ने ही नहीं, उनके परिजनों ने भी पौधे रोपे। नीम, पीपल, बरगद, गूलर, तुलसी जैसे पौधे खास तौर पर इसलिए लगाए गए क्योंकि यह पर्यावरण के रक्षक माने जाते हैं। इसके बाद किचन गार्डन, हर्बल गार्डन विकसित करके उनमें तमाम तरह के पौधे लगाए गए हैं। हर्बल गार्डन में पत्थर चट्टा, सर्पदमन, नागफनी, तेजपत्ता, दालचीनी, काली मिर्च, सफेद मूसली, इलायची जैसे तमाम पौधे लगे हैं। फूलों के गार्डन में गुलाब, गेंदा जैसे तमाम पौधे मुस्कुरा रहे हैं। गरुड़ डिवीजन के लेफ्टिनेंट कर्नल पी कलियप्पन बताते हैं कि डिवीजन के कैंपस में ही नर्सरी तैयार कर ली गई है इसलिए पेड़-पौधों की कोई कमी नहीं है। लगभग दो हजार जवानों की दिनचर्या में इन पौधों की देखभाल शामिल है।
विज्ञापन