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तो आनन-फानन में होगी पिछड़ों की जनगणना

Sat, 23 May 2015 12:34 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 23 May 2015 12:34 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों के आरक्षण का निर्धारण करने के लिए शासन ने आनन-फानन में पिछड़े वर्ग की जनगणना कराने का फरमान जारी कर दिया है। इससे अफसरों के हाथ-पैर इसलिए फूल गए हैं क्योंकि यह सर्वे पूरा करने के लिए महज 10 दिन का मौका मिला है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इतनी जल्दी जिले के पांच लाख परिवारों में सर्वे कैसे पूरा हो सकेगा। व्यावहारिक दिक्कत सर्वे में लगने वाले बेसिक शिक्षकों, लेखपालों, ग्राम विकास अधिकारियों, किसान सहायकों को लेकर है, जिन्हें त्वरित सर्वे में लगाया जाना नागवार गुजर रहा है। यही वजह है कि शिक्षक संघ ने इस पर विरोध प्रकट कर दिया है। 15 से 25 जून के बीच गर्मी की छुट्टियों में शिक्षक सर्वे नहीं करना चाहते और बाकी कर्मचारियों को और भी काम करने हैं। ऐसे हालात में सर्वे के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को जुटाना अफसरों के लिए आसान नहीं होगा।

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जाहिर है कि ऐसी स्थिति में पिछड़े वर्ग का रैपिड सर्वे और उसके आधार पर पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया में खेल होगा। यह अनुमान इसलिए भी लगाया जा रहा है, क्योंकि पंचायतों के वार्डों के निर्धारण में जिन नेता ने अफसरों पर मनमानी का दबाव बनाया, वह आरक्षण में भी मनमानी करना चाहेंगे। अपने-अपने हिसाब से सियासी गोटियां बिछाने के लिए अंदरखाने अभी से आरक्षण में खेल की गोटियां बिछाई जाने लगी हैं। इसके चलते रैपिड सर्वे महज औपचारिक होकर रह जाएगा, ऐसी संभावनाएं ज्यादा हैं। बता दें कि सारे दलों के दिग्गज नेता जिला पंचायत अध्यक्ष और उसके वार्डों में अपने सियासी समीकरण के लिहाज से आरक्षण कराने का मन बनाए हुए हैं। इसके लिए अफसर अभी से दबाव में हैं।
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इंसेट...
दो हजार कर्मी लगाए जाएंगे
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में पिछड़ी जाति के रैपिड सर्वे (त्वरित सर्वेक्षण) में शासन के आदेश के अनुसार, हर दो सौ परिवारों पर एक सर्वेयर को लगाया जाएगा। चूंकि जिले में पांच लाख परिवारों में पिछड़े वर्ग की आबादी जानने के लिए यह सर्वे होना है, इसलिए इसमें दो हजार से ज्यादा शिक्षक, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और किसान सहायकों को लगाया जाएगा। उनको राजस्व ग्रामों में सर्वे के आंकड़े एकत्र करने हैं। इसके बाद इनको ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों में विभाजित किया जाएगा। ब्लाक स्तर पर सर्वे की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों पर रहेगी। बता दें कि 2011 की जनगणना में पिछड़ी जातियों की जनगणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए रैपिड सर्वे की जरूरत पड़ी है। पंचायत चुनाव कराने के लिए पंचायत और वार्डों की कुल जनसंख्या में पिछड़ी जाति की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण किया जाता है।
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