{"_id":"5d7560058ebc3e93ae3f25d3","slug":"other-bareilly-news-bly375381638","type":"story","status":"publish","title_hn":"यह धाना है धर्मशाला नहीं.. पैसे नहीं दोगे तो हवालात में पड़े रहोगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यह धाना है धर्मशाला नहीं.. पैसे नहीं दोगे तो हवालात में पड़े रहोगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरौली/रामनगर। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे में भ्रष्टाचार खत्म होने का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ एक के बाद एक रिश्वत लेने के मामलों में सिरौली पुलिस को कठघरे में खड़ा होना पड़ रहा है। एक बार फिर दो भाइयों के बीच मामूली झगड़ा होने की खबर मिली तो सिरौली पुलिस बगैर एफआईआर के ही दोनों को थाने उठा लाई और तीन हजार रुपये वसूल करने के बाद छोड़ दिया। मामला पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह की जानकारी में आया तो उन्होंने सीओ रिश्वत का पैसा वापस कराने का निर्देश दिया। सीओ ने पैसा तो वापस करा दिया लेकिन दोषी पुलिस वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बरसेर में शुक्रवार शाम दो लोगों के बीच लेनदेन की बात पर कहासुनी हो गई थी। किसी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई लेकिन पुलिस को इस झगड़े का पता चला तो दोनों को पकड़कर थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया। शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखित समझौता दिया, लेकिन पुलिस ने दोनों को फिर भी नहीं छोड़ा। बताया जाता है कि दोनों ने पैसे देने में मजबूरी जताई तो पुलिस ने यह कहकर उन्हें धमकाया कि यह थाना है धर्मशाला नहीं। जब तक पैसे नहीं दोगे, हवालात में पड़े रहोगे। शनिवार शाम दोनों पक्षों ने किसी तरह तीन हजार रुपये का इंतजाम करके पुलिस को दिए तब उनकी रिहाई हुई। रविवार को मामला पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने सीओ से इंस्पेक्टर की शिकायत की। इसके बाद पुलिस से दोनों भाइयों के पैसे वापस करा दिए गए।
रिश्वतखोरी की आदत है कि छूटती नहीं
यह पहला मामला नहीं है जब सिरौली पुलिस को रिश्वत की रकम वापस करनी पड़ी हो। इससे पहले नवाबपुरा चौकी पुलिस ने मामूली झगड़े में समझौता होने के बाद भी एक व्यक्ति से दस हजार रुपये वसूल लिए थे। तब भी उसकी रकम पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह ने वापस कराई थी। इससे पहले उन्होंने बड़ागांव चौकी के एक सिपाही से भी रिश्वत वापस कराई थी। सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया था। 40 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी रामअवतार को भी लाइन हाजिर किया गया था। लेकिन फिर भी पुलिस बाज नहीं आ रही।
विज्ञापन
बरसेर में दो मौसेरे भाइयों में कहासुनी हो गई थी। पुलिस दलालों के कहने पर बिना किसी शिकायत दोनों को थाने ले गई और तीन हजार रुपये लेकर छोड़ा। शिकायत मिली तो सीओ को पैसे वापस कराकर कार्रवाई करने को कहा। सिरौली पुलिस की भ्रष्टाचार की शिकायतें एसएसपी के पास भेजकर जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है। - धर्मपाल सिंह, पूर्व सिंचाई मंत्री
विज्ञापन
बरसेर में शुक्रवार शाम दो लोगों के बीच लेनदेन की बात पर कहासुनी हो गई थी। किसी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई लेकिन पुलिस को इस झगड़े का पता चला तो दोनों को पकड़कर थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया। शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखित समझौता दिया, लेकिन पुलिस ने दोनों को फिर भी नहीं छोड़ा। बताया जाता है कि दोनों ने पैसे देने में मजबूरी जताई तो पुलिस ने यह कहकर उन्हें धमकाया कि यह थाना है धर्मशाला नहीं। जब तक पैसे नहीं दोगे, हवालात में पड़े रहोगे। शनिवार शाम दोनों पक्षों ने किसी तरह तीन हजार रुपये का इंतजाम करके पुलिस को दिए तब उनकी रिहाई हुई। रविवार को मामला पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने सीओ से इंस्पेक्टर की शिकायत की। इसके बाद पुलिस से दोनों भाइयों के पैसे वापस करा दिए गए।
विज्ञापन
रिश्वतखोरी की आदत है कि छूटती नहीं
यह पहला मामला नहीं है जब सिरौली पुलिस को रिश्वत की रकम वापस करनी पड़ी हो। इससे पहले नवाबपुरा चौकी पुलिस ने मामूली झगड़े में समझौता होने के बाद भी एक व्यक्ति से दस हजार रुपये वसूल लिए थे। तब भी उसकी रकम पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह ने वापस कराई थी। इससे पहले उन्होंने बड़ागांव चौकी के एक सिपाही से भी रिश्वत वापस कराई थी। सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया था। 40 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी रामअवतार को भी लाइन हाजिर किया गया था। लेकिन फिर भी पुलिस बाज नहीं आ रही।
विज्ञापन
बरसेर में दो मौसेरे भाइयों में कहासुनी हो गई थी। पुलिस दलालों के कहने पर बिना किसी शिकायत दोनों को थाने ले गई और तीन हजार रुपये लेकर छोड़ा। शिकायत मिली तो सीओ को पैसे वापस कराकर कार्रवाई करने को कहा। सिरौली पुलिस की भ्रष्टाचार की शिकायतें एसएसपी के पास भेजकर जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है। - धर्मपाल सिंह, पूर्व सिंचाई मंत्री