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Bareilly News: डिजिटल अरेस्ट करने के आरोपियों पर लगाई संगठित अपराध की धारा
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बरेली। आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक को डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में जेल भेजे गए चारों आरोपियों पर संगठित अपराध की धारा बढ़ाई गई है। इससे आरोपियों की जमानत में मुश्किल आएगी। वहीं, ज्यादातर रकम नकद निकाले जाने और बाकी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजे जाने की वजह से ठगे हुए धन की वापसी मुश्किल नजर आ रही है।
डिजिटल अरेस्ट के दौरान आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक चार दिनों तक ठगों के प्रभाव में रहे। फिर तीन दिन तक पुलिस व परिवार से मामला छिपाए रहे। इस तरह सप्ताहभर बाद रिपोर्ट दर्ज होने पर साइबर थाना पुलिस सक्रिय हुई। बड़ी मुश्किल से साइबर थाना पुलिस 12 लाख रुपये ही ट्रेस कर सकी है। ये रकम भी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजी जा चुकी है।
मामले में डीजीपी के हस्तक्षेप पर फिलहाल एसटीएफ भी साइबर थाना पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके बावजूद ठगी की रकम फ्रीज कराना मुश्किल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ठगी की रकम यूपी के जिन खातों में भेजी गई, उनको ट्रेस करने पर पता चला कि उसी दिन रकम बैंक या एटीएम जाकर निकाल ली गई। अब दूसरे प्रदेश के खातों को लेकर ई-मेल भेजी गई है, जिसकी रिपोर्ट मिलने में वक्त लगेगा। तभी पता लग सकेगा कि कितनी रकम फ्रीज हो सकी है। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए चारों आरोपियों पर संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने की धारा बढ़ाई गई है।
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डिजिटल अरेस्ट के दौरान आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक चार दिनों तक ठगों के प्रभाव में रहे। फिर तीन दिन तक पुलिस व परिवार से मामला छिपाए रहे। इस तरह सप्ताहभर बाद रिपोर्ट दर्ज होने पर साइबर थाना पुलिस सक्रिय हुई। बड़ी मुश्किल से साइबर थाना पुलिस 12 लाख रुपये ही ट्रेस कर सकी है। ये रकम भी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजी जा चुकी है।
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मामले में डीजीपी के हस्तक्षेप पर फिलहाल एसटीएफ भी साइबर थाना पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके बावजूद ठगी की रकम फ्रीज कराना मुश्किल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ठगी की रकम यूपी के जिन खातों में भेजी गई, उनको ट्रेस करने पर पता चला कि उसी दिन रकम बैंक या एटीएम जाकर निकाल ली गई। अब दूसरे प्रदेश के खातों को लेकर ई-मेल भेजी गई है, जिसकी रिपोर्ट मिलने में वक्त लगेगा। तभी पता लग सकेगा कि कितनी रकम फ्रीज हो सकी है। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए चारों आरोपियों पर संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने की धारा बढ़ाई गई है।
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